कोटा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोरपा सुल्तानपुर में शनिवार को संस्कृति, साहित्य, मीडिया फोरम द्वारा मिशन बाल तक के अंतर्गत बाल साहित्य मेले का आयोजन किया गया। नवाचार करते हुए डॉक्टर अपर्णा पाण्डेय शिक्षिका की पहल पर हाड़ोती में प्रथम बार बच्चों द्वारा लिखित कहानियों की हस्तलिखित पुस्तक का विमोचन बालिकाओं द्वारा किया गया। पुस्तक का संपादन राधे कुमारी मालव द्वारा किया गया। इस विद्यालय सहित आदर्श विद्या निकेतन मोरपा के 111 बच्चों ने विभिन्न विषयों पर कहानियां लिखी।
कार्तिक मालव ने माखनलाल चतुर्वेदी की कविता पुष्प की अभिलाषा, कार्तिक मालव ने मेरा गांव कविताएं, अक्षरा मालव ने पेड़ और पौधा , आशना ने फूलमती और नीम का पेड़ तथा दिया मालव ने बुद्धिमान व्यक्ति और एक युवक कहानियां सुनाई। साहित्य और संस्कृति पर आधारित प्रश्नोत्तरी में बच्चों ने सवालों के जवाब दिए।
कहानी प्रतियोगिता में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय की आशना को प्रथम, राधे को द्वितीय और साक्षी की तृतीय तथा आदर्श विद्या मंदिर स्कूल के अक्षरा मालव को प्रथम, दिया मालव को द्वितीय और हितेश गोचर को तृतीय रहने पर प्रमाण पत्र और उपहार स्वरूप बाल पुस्तकों से पुरस्कृत किया गया।
मुख्य अतिथि लेखक डॉ . प्रभात कुमार सिंघल ने कहा कि बाल मेलों के आयोजन से साहित्य की नर्सरी तैयार हो रही हैं। बाल मेले बाल दिवस तक आयोजित किए जाएंगे।अध्यक्ष साहित्यकार जितेंद्र निर्मोही, विशिष्ट अतिथि रामेश्वर शर्मा रामू भैया एवं योगीराज योगी ने अपने संबोधन में बाल कविताएं सुनाई। उप प्रधानाचार्य श्रीमती हर्षिता जैन को अतिथियों सहित महेश पंचोली की ओर से बच्चों के लिए बाल साहित्य भेंट किया गया। अतिथियों ने मां सरस्वती के तस्वीर के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर बाल मेले का शुभारंभ किया। दिव्यांशी,पायल एवं प्रियांशी ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किया। उप प्रधानाचार्य ने आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में एक सौ से अधिक बच्चें और अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।