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तालीम के तराने सुना रहा है फलासिया का यह स्कूल

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05 Dec 17
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तालीम के तराने सुना रहा है फलासिया का यह स्कूल डॉ. दीपक आचार्य,सहायक निदेशक (सूचना एवं जनसम्पर्क),भीलवाड़ा,राजस्थान में शैक्षिक क्रान्ति और नई पीढ़ी के सुनहरे भविष्य निर्माण की दिशा में हाल के चार वर्ष में क्रियान्वित योजनाओं और कार्यक्रमों ने अपूर्व और ऎतिहासिक उपलब्धियों का इतिहास रच दिया है।
सरकार के अनथक प्रयासों की बदौलत प्रदेश में शिक्षा जगत नई ऊँचाइयों की छूने लगा है। खासकर प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की कई योजनाओं और नवाचारों ने तालीम जगत की तस्वीर को ही सँवार दिया है।
प्रदेश के भीलवाड़ा जिले में शिक्षा और इससे संबंधित विभागों के समन्वित एवं सार्थक प्रयासों का ही परिणाम है कि शिक्षार्थियों के लिए जरूरी सुविधाओं और सेवाओं का विस्तार हुआ है। जिले में बेहतर शिक्षा-दीक्षा के साथ ही कई स्कूलों में विभिन्न प्रकार के नवाचारों ने शैक्षिक विकास को गति देने के साथ ही विद्यार्थियों को सुकून का अहसास कराते हुए भविष्य निर्माण की नई दिशा-दृष्टि प्रदान की है।
इसी तरह के नवाचारों का दिग्दर्शन करा रहा है भीलवाड़ा जिले की माण्डलगढ़ पंचायत समिति अन्तर्गत बल्दरखा ग्राम पंचायत के फलासिया गांव में स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय। माण्डलगढ़ उपखण्ड मुख्यालय से सिंगोली रोड पर 7 किलोमीटर दूर अवस्थित इस स्कूल का माहौल दूसरी स्कूलों की बनिस्पत बदला-बदला सा है।
इस विद्यालय के लिए एमएमसी सदस्यों के साथ ही ग्रामीण व भामाशाह इसे अपना विद्यालय मानकर सभी प्रकार से सहयोग करते हैं। चाहे भौतिक विकास की बात हो या फिर स्कूली बच्चों के लिए साधन-संसाधनों और सेवाओं की।
सर्व शिक्षा अभियान से जुड़ी विभिन्न गतिविधियाें को इस विद्यालय में मूर्त रूप लेते देखा जा सकता है। विद्यालय में 191 बच्चों का नामांकन है और इनके लिए पर्याप्त स्टाफ भी कार्यरत है। विद्यालय के विकास में भामाशाह के रूप में पूर्व भू वैज्ञानिक श्री श्यामसुन्दर आमेटा की भूमिका उल्लेखनीय है, जिन्होंने विद्यार्थियों में स्वावलम्बन जगाने के लिए सिलाई प्रशिक्षण शुरू कराया, फर्नीचर उपलब्ध कराया और विद्यालय विकास में अपनी समर्पित भागीदारी निभायी।
स्कूल में शैक्षिक विकास के साथ ही सहशैक्षिक प्रवृत्तियों, खेलकूद, सामाजिक सरोकारों आदि की दृष्टि से रचनात्मक गतिविधियां निरन्तर बनी रहती हैं। विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए व्यवसायिक शिक्षा के अन्तर्गत पिछले 2 वर्ष से सिलाई प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे 84 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं।
विगत 2 वर्ष से स्कूल का राज्यस्तरीय हैण्डबाल प्रतियोगिता में चयन हुआ। गांववासियों के सहयोग से गत वर्ष जिलास्तरीय हैण्डबाल प्रतियोगिता की सफल मेजबानी का जिम्मा भी यह विद्यालय उठा चुका है। जिलास्तर पर 4 गुणा 100 मीटर दौड़ में विद्यालय ने द्वितीय स्थान पाया है। इसी प्रकार जिलास्तरीय विज्ञान मेले में राउप्रावि फलासिया ने निबंध प्रतियोगिता में प्रथम तथा विज्ञान क्विज प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान पाया।
भामाशाह श्री श्यामसुन्दर आमेटा ने कक्ष 3 से 8 तक के सभी छात्र-छात्राओं के लिए 1.25 लाख रुपए लागत का फर्नीचर उपलब्ध कराया। विद्यालय में विज्ञान लैब और कम्प्यूटर लैब संचालित हैं। इनमें विज्ञान का व्यावहारिक ज्ञान पाने के साथ ही विद्यार्थी ई-लर्निंग का लाभ पा रहे हैं।
विद्यार्थियों के लिए हैण्डबाल और वालीबॉल का मैदान तैयार किया गया है जहाँ नियमित खेल अभ्यास का दौर बना रहकर विद्यार्थियों के शारीरिक सौष्ठव को निखार रहा है। विद्यालय में नामांकन बढ़ाने के लिए फ्लेक्स, पेम्पलेट के जरिये प्रचार-प्रसार किया गया जिससे नामांकन में 20 फीसदी अभिवृद्धि हुई। इसके फलस्वरूप निजी विद्यालयों के 32 छात्रों ने भी इस स्कूल में प्रवेश पाया। विद्यालय में पाँच मेधावी विद्यार्थियों को लेपटॉप प्रदान किया गया।
सहशैक्षिक गतिविधियों में अग्रणी पहचान बना रहे फलासिया के इस स्कूल में मीना मंच, उत्सव, जयन्तियाँ, सामुदायिक गतिशीलता, पीटीए, एमएमसी बैठक आदि के आयोजन का दौर बना रहता है। सहशैक्षिक गतिविधियों में छात्र-छात्राओं की उत्साही भागीदारी देखने लायक है। इनमें विद्यालय में आयोजित विज्ञान मेला, विधिक चेतना, प्रार्थना सभ आदि के कार्यक्रम अहम् हैं।
विद्यार्थियों ने बीएसएनएल व बिजली विभागीय कार्यालयों का भ्रमण कर व्यवहारिक ज्ञानार्जन किया। फलासिया की यह स्कूल विद्यार्थियों के लिए जीवन व्यवहार के गुर सिखाने वाले किसी गुरुकुल से कम नहीं है जहाँ शिक्षा-दीक्षा के सभी आयामों के प्रति बच्चों का रुझान और भागीदारी देखने लायक है। विद्यार्थियों में स्कूल के प्रति विशेष लगाव उनके चेहरों से अच्छी तरह पढ़ा जा सकता है।
माण्डलगढ़ क्षेत्र के फलासिया राउप्रावि की ही तरह भीलवाड़ा जिले में सर्व शिक्षा अभियान की ओर से विभिन्न प्रकार की रचनात्मक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।

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