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स्वाती मालीवाल ने सीजेआई को लिखा पत्र

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12 Apr 18
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उन्नाव रेप मामला

स्वाती मालीवाल ने सीजेआई को लिखा पत्र दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने उन्नाव बलात्कार मामले में भारत के मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा को पत्र लिखकर उत्तर प्रदेश के उन्नाव में एक विधायक द्वारा किशोरी से बलात्कार और पुलिस हिरासत में पीड़ित किशोरी की मौत का मामला उठाया है। उन्होंने मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए लिखा है कि पीड़िता पिछले एक साल से लगातार विधायक कुलदीप सेंगर के खिलाफ बलात्कार की एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश कर रही है, मगर शिकायत करने के बावजूद पुलिस उसके अधिकारों का संरक्षण करने और विधायक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने में असफल रही है। उल्टा उसके परिवार को विधायक की शह पर पुलिस ने कई बार प्रताड़ित किया और उन्हें डराया-धमकाया। परेशान होकर पीड़िता और उसके परिवार ने मुख्यमंत्री के घर के सामने आत्महत्या करने की कोशिश की। इस पर उनकी सहायता करने की जगह उसके पिता को ही हिरासत में ले लिया गया और पुलिस हिरासत में कथित रूप से पिटाई करने की वजह से उनकी मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि उनके शरीर पर 18 गंभीर चोटों के निशान थे और आंत फटने से उनकी मौत हो गई, जो पुलिस हिरासत में उनके ऊपर किए गए अत्याचारों की तश्दीक करती है।उन्होंने लिखा है कि बढ़ते दबाव की वजह से पुलिस ने बलात्कार की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली है, मगर उसमे विधायक का नाम नहीं है। इस वजह से वह अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है और लगातार मीडिया में बयान देकर पीड़िता का चरित्र हनन कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता और उसका परिवार डर की वजह से अपने गांव में नहीं लौट पा रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि दर्ज की गई एफआईआर में काफी गड़बड़ियां हैं। कानून के मुताबिक एफआईआर में पीड़ित की पूरी शिकायत होनी चाहिए, मगर इस केस में एफआईआर का विवरण शिकायत से बिल्कुल अलग है। भारतीय दंड संहिता, सीआरपीसी, पोक्सो के आधार पर माननीय उच्चतम न्यायलय के निर्देशों के अनुसार अभियुक्त को तुरंत पुलिस हिरासत में लेना चाहिए और 24 घंटे के अंदर पीड़िता के बयान लेने चाहिए, मगर इस मामले में सभी नियमों का उल्लंघन किया गया है।उन्होंने कहा है कि इस मामले में प्रदेश के शासन और पुलिस की अपराधियों से मिलीभगत साफ दिखती है। उन्होंने कहा कि इस देश की नागरिक और दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष होने के नाते मुझे बहुत दु:ख होता है। उन्होंने देश के मुख्य न्यायधीश से प्रार्थना की है कि अभियुक्त विधायक को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और इस मामले में फास्ट ट्रैक ट्रायल कर 6 महीने में फैसला दिया जाए। साथ ही इस मामले में पुलिस और प्रशासन की संलिप्तता की जांच करने के लिए एक न्यायिक जांच हो। पीड़िता और उसके परिवार को तुरंत सुरक्षा और सहायता प्रदान की जाए।

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