गुट निरपेक्ष देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के वर्चुअल सम्मेलन को विडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित किया डॉ हर्ष वर्धन ने

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20 May 20
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- नीति गोपेन्द्र भट्ट-

गुट निरपेक्ष देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के वर्चुअल सम्मेलन को विडियो कॉन्फ्रेंस से संबोधित किया डॉ हर्ष वर्धन ने

नई दिल्ली,केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने आज गुट निरपेक्ष देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों के वर्चुअल सम्मेलन को विडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से संबोधित किया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता अजरबैजान के स्वास्थ्य मंत्री माननीय ओगते शिरलियेव ने की।
डॉ हर्ष वर्धन ने अपने भाषण की शुरूआत सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे अजरबैजान के स्वास्थ्य मंत्री को उचित समय पर महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया।
 
डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि नि:संदेह हमारे ग्रह के इतिहास में अभूतपूर्व समय है। कोविड-19 से विश्व भर में 3 लाख लोगों की मृत्यु हुई है और 40 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं तथा कई अरब(बिलियन) लोगों का रोजगार छिन गया है। केंद्रीय मंत्री ने विश्व भर में उन परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिनके परिजनों को इस घातक बीमारी ने मौत की नींद में सदा सदा के लिए सुला दिया है।
 
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कोविड-19 ने हमें यह महसूस कराया है कि हम अब पहले से अधिक आपस में एक दूसरे से जुड़े हैं और एक दूसरे पर निर्भर हैं। इसने हमें यह भी महसूस कराया है कि आज हमारा ग्रह जो मानव निर्मित चुनौतियों का सामना कर रहा है उनका मुकाबला मिलकर किया जा सकता है न कि अलग अलग रह कर। इन चुनौतियों में जलवायु परिवर्तन और जन स्वास्थ्य की आपात स्थितियां शामिल हैं। ऐसी स्थितियों का मुकाबला करने के लिए सहयोग की आवश्यकता है न कि उत्पीड़न की।
 
डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि वर्तमान महामारी का संकट हमें याद दिलाता है कि वैश्विक शासन की संस्थाओं को और अधिक लोकतांत्रिक, पारदर्शी, प्रतिनिधत्वपूर्ण बनने की आवश्यकता है ताकि ये विश्वसनीय और प्रभावशाली बन सकें और इस समय सुधरे हुए बहुराष्ट्रवाद की आवश्यकता है।
 
भारत अपनी ओर से दृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति से कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई कर रहा है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस संकट से निपटने के लिए गति, स्तर और संकल्प को सुनिश्चित किया है । भारत में ऐसे सभी संभव उपाय किए जिससे इस वायरस के फैलाव को रोका जा सके। हमने यह भी सुनिश्चित किया कि कोविड-19 के रोगियों पर ध्यान केंद्रीत करते हुए अन्य रोगों के मरीजों की अनदेखी न हो।
उन्होंने कहा कि इस घातक रोग को हराने के लिए हमने राजनीतिक इच्छा शक्ति सुनिश्चित की और 135 करोड़ भारतवासी राष्ट्रव्यापी लॉक डाउन के निर्णय को समर्थन करने के लिए एकजुट हुए। इससे न केवल हमारी मृत्यु दर में कमी आई बल्कि हम रोग के फैलाव को काफी हद तक रोक सके। हमारी सूक्ष्म पहचान, व्यापक आइसोलेशन और तीव्र उपचार की नीति के बड़े पैमाने पर संक्रमण के फैलाव और मौतों को रोकने में बेहतर नतीजे मिले। भारत के पास मजबूत स्वास्थ्य व्यवस्था है। हमने तेजी से कार्रवाई शुरू की और स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे तथा स्वास्थ्यकर्मियों समेत आवश्यक जन संसाधन की क्षमता में वृद्धि की। 10000 विशेष कोविड अस्पताल और 20 लाख से अधिक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के साथ हमने कोविड 19 के खिलाफ लड़ाई में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा
 
डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि हम अपने नागरिकों की देखभाल करते हैं और हमने अन्य देशों को भी सहायता प्रदान की है। अपने पड़ोसी देशों में कोविड-19 का मुकाबला करने में समन्वय को बढ़ावा दिया और अपने देश के चिकित्सा विशेषज्ञों के सहयोग से वहां क्षमता निर्माण में मदद दी।
 
डॉ हर्ष वर्धन ने यह भी कहा कि भारत विश्व की फार्मेसी के रूप में अपनी प्रतिष्ठा को कायम रखे हुए है जिसके अंतर्गत वाजिब दर की दवाओं पर ध्यान देना शामिल है। दवाओं की अपनी आवश्यकताओं के अलावा हमने गुटनिरपेक्ष आंदोलन के 59 सदस्यों समेत 123 से अधिक देशों को दवाएं भेजी। हम उपचार और वैक्सीन विकसित करने में वैश्विक प्रयासों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
 
डॉ हर्ष वर्धन ने कहा कि हम कोविड 19 के संकट में की जा रही कार्रवाईयों के प्रति गुट निरपेक्ष आंदोलन के सदस्य देशों के साथ एकजुटता बनाए रखने के लिए वचनबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 मई को एनएएम (नैम) कॉन्टैक्ट ग्रुप ऑन के विडियो कॉन्फ्रेंस की दौरान न केवल इस संगठन के सदस्य देशों अपितु समूचे विश्व के साथ भारत की एक जुटता व्यक्त करते हुए कहा था कि हम वसुधैव कुटुम्बकम में विश्वास करते हैं जिसका अर्थ है कि पूरा विश्व हमारा परिवार है।
 
डॉ हर्ष वर्धन ने कहा मैं यह कहना चाहता हूं कि विकसित देशों के नाते हमारी जनता इन परिवर्तनों से अधिक प्रभावित हुई है। हमें सभी को यह महसूस करना होगा कि हमारी नियति इस समय आपस में जुड़ी हुई है जैसे कि पहले कभी नहीं थी। भारत गुटनिरपेक्ष आंदोलन की विशेषताओं एकता और बंधुत्व की भावना के अनुरूप रचनात्मक विचार विमर्श, सहयोग और एकजुटता की सामूहिक यात्रा की प्रतीक्षा कर रहा है।
 
डॉ हर्ष वर्धन ने अपना संबोधन समाप्त करने से पहले कि मैं उन समर्पित व्यक्तियों का सम्मान करता हूं। आइए हम सभी अग्रिम पंक्ति में कार्यरत कोविड योद्धाओं- हमारे डाक्टरों, नर्सों, चिकित्सा सहायकों, स्वच्छता कर्मियों, सेना, पुलिस, अर्द्ध सैनिक बलों, पत्रकारों और उन सभी का करतल ध्वनि से आभार व्यक्त करते हैं जिन्होंने हम सबके लिए अपने जीवन को जोखिम में डाला। हमारे परिवारों ने अपने सदस्यों को जोखिम पूर्ण युद्ध क्षेत्र में भेजा हम उनका भी आभार व्यक्त करते हैं। उन्होंने हमें सिखाया कि मानव कल्याण हर प्रकार के अधिक विकास का आधार है, हम इस शिक्षा को कभी भुला नहीं पाएंगे।


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