BREAKING NEWS

उप महापौर सहित 16 वैश्य पार्षदों का हुआ सम्मान

( Read 1888 Times)

08 Dec 19
Share |
Print This Page
उप महापौर सहित 16 वैश्य पार्षदों का हुआ सम्मान

 नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने पार्षदों का आव्हान किया कि जनता ने शहर में भाजपा का लगातार छठां बोर्ड बनाकर पार्टी एवं पार्षदों पर जिम्मेदारियों का जो कर्जा चढाया है उसे अब उदयपुर को हर क्षेत्र् में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अपने कार्यो के जरिये ले जाकर चुकायें।

वे आज उदयपुर जिला वैश्य महासम्मेलन द्वारा हिरणमगरी से. 4 स्थित लायन्स भवन में आयोजित नव निर्वाचित वैश्य पार्षद सम्मान समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्हने कहा कि हमें जो भी पद मिलता वह शहर व देश के समुचित विकास के लिये मिलता है। हमें यह स्वीकार करना चाहिये कि देश में शुचिता नहीं है। जो कुछ भी कार्य करें वह शहर व देश के विकास को ध्यान में रखकर करें।

इस अवसर पर उप महापौर पारस सिंघवी ने कहा कि ने अगले 5 वर्षो में सभी 70 पार्षदों को साथ लेकर शहर को जनता के सपनों का शहर बनाने में कोई कमी नहीं रखूगंा। उन्हने कहा कि मुझ पर कोई भी 1 भी रूपयें का आरोप साबित कर दें तो मैं राजनीतिक व सामजिक जीवन में सन्यंास लेकर अपने गुरू के चरणों में चला जाउंगा। पिछले 5 वर्षो में निगम को सही ठेकेदार नहंी मिल पाने के कारण जनता की पार्टी से नाराजगी रही जिस कारण जंहा इस बोर्ड में 65 पार्षद आने चाहियें थे वहीं वह संख्या 44 पर आ कर रूक गयी, लेकिन अगले 5 वर्षो में शहर में ऐतिहासिक कार्य कर एक कीर्तिमान स्थापित किया जायेगा।

पूर्व महापौर रजनी डंागी ने कहा कि समाज के लोगों का मनोबल बढाना और समाज में व्याप्त कुरीतियंा समाप्त करना हम सभी का दायित्व है। निवर्तमान महापौर चन्द्रसिंह कोठारी ने कहा कि जो भी समय मिलें उसे पत्थर की लकीर बनाने का प्रयास करना चाहिये। जीवन में कभी शॉर्टकट नहीं अपनाना चाहिये क्योंकि वह हमेशा दुखदायी होता है।

डूंगरपुर सभापति व उदयपुर जिला वैश्य महासम्मेलन के संरक्षक के.के.गुप्ता ने कहा कि इस बार वैश्य समाज के 16 पार्षदों ने जीत हासिल कर इस बोर्ड में अपना 25 प्रतिशत दबदबा बनाया है। काम करने की मन में ईच्छाशक्ति होनी चाहिये। सम्मान निकाय का नहीं काम का होना चाहिये। पार्षद की पहिचान उसके कार्यो से होनी चाहिये।

उदयपुर जिला वैश्य महासम्मेलन के अध्यक्ष अनिल नाहर ने प्रारम्भ में कहा कि आने वाले समय में समाज मांगलिक एवं अन्य प्रकार के कार्यो में दिखावें की प्रवृत्ति को कम करनें, मांगलिक कार्यो में बनने वाले व्यंजनों की संख्या 21 तक सीमित करनें, झठन न डालनें की प्रवृत्ति को बंद करने का प्रयास किया जायेगा। शीघ्र ही 51 अनाथ जोडों का सामूहिक विवाह कराया जायेगा। इसके अलावा उन्हने पिछले कुछ वर्षो में समाज द्वारा किये गये कार्यो की रूपरेखा रखी। समारोह को आलोक पगारिया ने भी संबोधित किया।

ये वैश्य पार्षद हुए सम्मानित- पारस सिंघवी,चन्द्रकला बूलिया,ताराचन्द जैन,राजकुमारी गन्ना, सीए आशीष कोठारी,डॉ. सोनिका जैन,रमेश चन्द्र जैन,अरविन्द जारोली, हेमन्त बोहरा,कमलेश मेहता,करणमल जारोली,डॉ. शिल्पा पामेचा, राकेश जैन,पूनम मोर,रूचिका जैन को कटारिया, चन्द्रसिंह कोठारी,रजनी डांगी,के.क.ेगुप्ता,अनिल नाहर,महामंत्री के.एम. जिन्दल,कोषाध्यक्ष प्रकाश चेचाणी,युवा प्रकोष्ठ के पंकज तोषनीवाल ने श्रीफल, माला,उपरना ओढाकर एवं स्मृतिचिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। अंत में महामंत्री के.एम.जिन्दल ने आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन आलोक पगारिया ने किया।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories : Headlines
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like