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"अनुसंधान पद्धति : अवधारणा  और अनुप्रयोग" पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन

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28 Jun 20
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"अनुसंधान पद्धति : अवधारणा  और अनुप्रयोग" पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन

महाराणा प्रताप कृषि एंव प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय,  उदयपुर के छात्र कल्याण निदेशालय द्वारा "अनुसंधान पद्धति : अवधारणा  और अनुप्रयोग" पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन समारोह डाॅ. नरेन्द्र सिंह राठौड़, कुलपति, महाराणा प्रताप कृषि एंव प्रोद्यौगिकी विश्वविद्यालय के मुख्य अतिथ्य में हुआ।  कार्यशाला के दूसरे दिन के सेशन में डॉ. वीरेंद्र नेपालिया,  ओ.एस.डी, कुलपति ने उद्बोधन भाषण दिया |

कार्यक्रम का संचालन कार्यशाला  के आयोजक सचिव पीयूष चौधरी, केंद्रीय छात्रसंघ शोध प्रतिनिधि ने किया तथा कार्यशाला की उपयोगिता के बारे में बताया कि कृषि विज्ञान क्षेत्र के प्रसिद्ध वैज्ञानिकों ने अनुसंधान विधियों के प्रासंगिक और नए पहलू पर व्याख्यान दिया है, जो शोधकर्ता, अध्यापक गण  एवं वैज्ञानिकों को अद्यतन करने में मदद करेगा |

 इस कार्यशाला के  दूसरे दिन के प्रथम सेशन में कृषि क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञ डॉ. हेमेंद्र कुमार डांगी जी, आचार्य दिल्ली विश्वविद्यालय ने आईटी और व्याख्या का उपयोग कर विश्लेषण के लिए सांख्यिकीय उपकरण से कृषि विषय में अनुसंधान पद्धति को बहुत ही अच्छी तरह से गा्रफिक तरीको से समझाया तथा दूसरे सेशन में डॉ. नवीन पी सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक, राष्ट्रीय कृषि नवाचार परियोजना, नई दिल्ली ने शोध पत्र और वैज्ञानिक तरीके से रिपोर्ट लिखने पर व्याख्यान दिया |

कार्यशाला के दूसरे दिन डाॅ. नरेन्द्र सिंह  राठौड़,  कुलपति, म.प्र.कृ.प्रौ.वी, उदयपुर ने कार्यशाला की सराहना करते हुए अनुसंधान पद्धति की महत्ती आवश्यकता बताई और आयोजन कर्ताओं को सफल कार्यशाला की बधाई दी |

साथ ही  कुलपति  ने बताया कि शोधकर्ता को अनुसंधान समस्या की पहचान करनी चाहिए और सकारात्मक परिणाम लाने के लिए, एक एकीकृत और नवीन दृष्टिकोण की योजना  एक प्रस्ताव रूप में बनानी चाहिए | क्योंकि परिणाम की पहचान करने और उनके निष्कर्ष निकालने में समस्या की पहचान, अनुसंधान परियोजना की यात्रा है।

कार्यशाला के दूसरे दिन, राष्ट्र के कृषि विश्वविद्यालय के कुल 771 शोधकर्ता, अध्यापक गण  एवं वैज्ञानिको ने भाग लिया। तथा विश्वविद्यालय की कुलसचिव कविता पाठक के साथ विश्वविद्यालय के संघटक महाविद्यालय के अधिष्ठाता, वैज्ञानिक एवं शोध छात्र - छात्राओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया |धन्यवाद ज्ञापन, डॉ.  दिलीप सिंह, आचार्य एवं विभागाध्यक्ष,  राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर ने किया।


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