केन्द्रीय श्रम संगठनों के आव्हान पर किया प्रदर्शन - ज्ञापन दिया

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23 May 20
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केन्द्रीय श्रम संगठनों के आव्हान पर किया प्रदर्शन - ज्ञापन दिया

भीलवाड़ा - सभी श्रम संगठनों  के आव्हान पर भीलवाड़ा में भारतीय ट्रेड यूनियन केन्द्र सीटू के संगठनों  ने आज प्रातः श्रम विभाग के बाहर प्रदर्शन किया। जिसमें मेडिकल रिपेजेन्टिव श्रमिक, कमठाणा श्रमिक, टेक्सटाईल श्रमिक आदि उपस्थित थे।

जिला बिल्डिंग वक्र्स यूनियन के जिलाध्यक्ष रतनलाल नट, रामचन्द्र बुनकर, महेन्द्र सिंह गुर्जर, सुमित्रा विश्नोई, लक्ष्मी आचार्य, लाड देवी विश्नोई, भंवरी देवी विश्नोई, भंवर लाल नट, सलीम मोहम्मद आदि श्रमिकों ने श्रम विभाग मंे योजनाआंे के आवेदनों पर सहायता दिलाने, सरकार द्वारा 2500/- सहायता दिलाने, पंजीयन करने की मांग रखी गई। असंगठित श्रमिक टेम्पो चालकों एवं हमाम, धोबी, नाई, जाहिद खां, शेर खान, आरीफ मोहम्मद, उदयलाल, नारायण खारोल, राहुल, चान्दमल, कालू भी उपस्थित थे। टेक्सटाईल श्रमिकों के मालिकों द्वारा जिला कलेक्टर की मध्यस्थता के निर्णय की पालना नहीं की जा रही है। उसके लिए सैकड़ों टेक्सटाईल श्रमिक इकट्ठे होकर लोकडाउन का वेतन दिलाने, काम पर लगवाने की मांग कर नारे लगाकर प्रदर्शन किया। सोनू माली, राजू सिंह, किरण सोनी, सद्दाम हकीम, श्याम लाल गाडरी, राजू सालवीं, रोशन गाडरी, मनोज शर्मा, पुजा कुमारी आदि श्रमिक श्रम विभाग के बाहर उपस्थित थे। सभी श्रमिकांे को मेडिकल रिप्रेजेन्टिव यूनियन के साथी रामेश्वर ने सम्बोधित किया। केन्द्र की श्रम विरोधी नीतियों को वापस लेने की मांग की। 

भारत सरकार के श्रम विभाग द्वारा जारी अनुदेष कि ‘‘लाॅकडाउन के कारण बंद औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों का वेतन नहीं काटा जाएं’’ का पालन अधिकांष नियोक्ताओं ने नहीं किया। उद्योगपति एवं फैक्ट्री मालिकों के दबाव में सरकार ने यह आदेष वापिस ले लिया, जो श्रमिकों के साथ घोर अन्याय है। केन्द्र सरकार को अध्यादेष लाकर श्रमिकों को उनके वेतन का भुगतान करना चाहिए। कामधंधे बंद होने से आमदनी नहीं रही, भोजन-राषन की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण, प्रवासी मजदूरों को अपने पैतृक निवास की ओर रवाना होने के लिए मजबूर होना पड़ा। यातायात की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण वे अपने बच्चों के साथ हजारों किमी की यात्रा पैदल ही करने पर मजबूर हुए। उनमें से सैकड़ों मजदूरों को जान गंवानी पड़ी। जिन मजदूरों की जान चली गई, उनके परिवार को मुआवजा दिया जाना चाहिए। देष भर के सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग में निजि क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाना एवं विदेषी पूॅजी निवेष भविष्य में इन संस्थानों में कार्यरत श्रमिकों के हितों को बुरी तरह प्रभावित करेगा तथा शोषण को बढ़ावा देगा। निजिकरण के इस प्रवाह को रोका जाएं। सरकार कोविड-19 को अवसर मानकर सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेषीकरण की कार्यवाही नहीं करें। 

सीटू यूनियन के प्रान्तीय सदस्य ओमप्रकाश देवानी ने सभी श्रमिकों की श्रम विभाग की परेशानियों को लेकर ज्ञापन श्री संकेत मोदी को दिया। उसके बाद श्रमिको के प्रतिनिधि मण्डल द्वारा नरेन्द्र मोदी के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर श्रमिकों के विरूद्ध बताए जा रहे श्रम कानून वापस लेने, श्रम विरोधी नीतियों को बंद करने की मांग की, जिसमें इन्टक के साथी दीपक व्यास, कान सिंह, श्याम लाल, एंटक के ओमप्रकाश शर्मा, सीटू यूनियन के महावीर सिंह, गणेश गहलोत आदि उपस्थित थे।

सीटू यूनियन भीलवाड़ा की ओर से जिला कलेक्टर को पृथक से ज्ञापन दिया गया। जिसमंे नाई, धोबी, टेम्पो चालक, हमाल, घरेलु श्रमिकों को आर्थिक सहायता/खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाने की मांग की गई।


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