बांसवाड़ा की राजस्व सीमा में धारा 144 लागू

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10 Nov 19
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बांसवाड़ा की राजस्व सीमा में धारा 144 लागू

बांसवाड़ा,   जिला मजिस्ट्रेट अन्तरसिंह नेहरा ने माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली द्वारा अयोध्या प्रकरण के निर्णय के मद्देनजर जिला बांसवाड़ा में स्थानीय विवाद आदि में तनाव उत्पन्न होने की स्थिति एवं असामाजिक व साम्प्रदायिक भावना भड़काने वाले तत्वों द्वारा अवांछनीय गतिविधियों से सामान्य जनजीवन व लोकशान्ति के विक्षुब्ध होेने की संभावना के मद्देनजर असामाजिक, अवांछित एवं बाधक तत्वों की गतिविधियों को नियंत्रित करने, कानून व्यवस्था एवं लोकशांति बनाये रखने हेतु दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बांसवाड़ा जिले की राजस्व सीमा में धारा 144 लगाने के आदेश दिये हैं। यह आदेश आगामी 18 नवम्बर-2019 को प्रातः 7 बजे तक प्रभावी रहेंगे।
जिला मजिस्ट्रेट नेहरा द्वारा जारी आदेश के अनुसार कोई भी व्यक्ति किसी सम्प्रदाय/समुदाय विशेष को ठेस पहुंचाने वाले पोस्टर, पेम्पलेट या अन्य कोई सामग्री का मुद्रण एवं प्रकाशन नहीं करेगा। इस प्रकार के सम्प्रेषण समाचार पत्रों के माध्यम से दूरभाष संदेश, एसएमएस, ई-मेल, सोशल नेटवर्किंग वेबसाईट, मीडिया एप्स के माध्यम से करने पर भी प्रतिबंध रहेगा। आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति कहीं भी किसी समुदाय/सम्प्रदाय विशेष की भावना को ठेस पहुंचाने वाले नारे नहीं लगाएगा न ही अफवाह फैलायेगा। इस आदेश की अवहेलना किये जाने पर दण्डात्मक कार्यवाही अमल में ली जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के मुताबिक कोई भी व्यक्ति व्यक्तिगत रूप से अथवा सामुहिक रूप से अपने साथ सार्वजनिक स्थान पर किसी भी प्रकार के आग्नेय शस्त्रों जैसे रिवाल्वर, पिस्टल, राईफल, बंदूक, बी.एल.गन एवं एम.एल. गन आदि तथा तेज धारदार हथियारों जैसे तलवार, भाला, बरछी, गुप्ती चाकू, छूरी, गन्डासा, फरसा, त्रिशूल, संगीन पंजा इत्यादि एवं सभी प्रकार के कुंद हथियार लाठी, डण्डा, पत्थर व ईंट आदि न तो कोई साथ रखेगा ना ही कोई उसका प्रदर्शन करेगा।
यह आदेश केन्द्रीय सुरक्षा बलो, सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान पुलिस, राजस्थान सिविल होमगार्ड एवं उन राज्य, केन्द्र कर्मचारियों पर जो कानून व्यवस्था के संबंध में अपने पास हथियार रखने हेतु अधिकृत किये गये हैं, उन पर लागू नहीं होंगे। इसी प्रकार वह व्यक्ति जो विकलांग, अंधे, अपाहिज एवं अतिवृद्ध हैं, लाठी का सहारा ले सकेंगे। सिख समुदाय के लोगों को धार्मिक परम्पराओं के अनुसार कृपाण धारण करने की छूट होगी। यह आदेश नगरपालिका चुनाव-2019 के अन्तर्गत शस्त्र पुलिस थानों में जमा करवाने व शस्त्र अनुज्ञा पत्र नवीनीकरण हेतु आदेशानुसार शस्त्र निरीक्षण के लिए लाने वाले पर लागू नहीं होगा।
जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार किसी भी व्यक्ति, समुदाय, राजनैतिक पार्टी आदि के द्वारा किसी भी रैली, जुलूस, आमसभा, नुक्कड़ नाटक आदि का आयोजन कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना नहीं किया जाएगा, परन्तु यह प्रतिबंध धार्मिक प्रवृत्ति के आयोजनों, विवाह समारोह, शवयात्रा पर लागू नहीं होगा। लोकशांति विक्षुब्ध ना हो, को ध्यान में रखते हुए बिना कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति के ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर प्रतिबंध रहेगा। मंदिर, मस्जिद, गुरूद्वारा, गिरजाघर व अन्य धार्मिक स्थानों से किसी राजनैतिक या धार्मिक मुद्दों पर कोई ठेस पहुंचाने वाले, उत्तेजनात्मक व धार्मिक भावना भड़काने वाले नारे नहीं लगाएगा, ना ही भाषण, उद्बोधन देगा एवं न ही किसी स्थान पर ऐसे नारे लिखे जाएंगे। कोई भी व्यक्ति इस दौरान किसी प्रकार के अत्यन्त ज्वलनशील विस्फोटक पदार्थ एवं घातक रासायनिक पदार्थ व तरल पदार्थ लेकर विचरण नहीं करेगा एवं न ही बिना वैध अनुज्ञा पत्र के संग्रहण करेगा।
जिला मजिस्ट्रेट अन्तरसिंह नेहरा ने उक्त आदेश आपात परिस्थितियों के कारण प्रत्येक व्यक्ति पर तामिल सम्यक समय करने की संभावना नहीं होने के कारण एक पक्षीय पारित करते हुए सम्बद्ध अधिकारियों को समाचार पत्रों एवं प्रचार-प्रसार के माध्यम से एवं सभी ग्राम स्तरीय कर्मचारियों के माध्यम से कराने के आदेश दिये हैं। इस आदेश की अवहेलना धारा 188 भा.द.स. के तहत दण्डनीय अपराध होगा। उन्होंने संबंधित कार्यपालक मजिस्ट्रेट एवं पुलिस अधिकारियों को उक्त आदेश की अक्षरशः पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।


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