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‘‘पोस्टमास्टर’’ का वाचन 

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08 May 21
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‘‘पोस्टमास्टर’’ का वाचन 

उदयपुर |  रवीन्द्र नाथ टैगोर की 160 वीं जयंती पर उनकी प्रिय और प्रसिद्ध कहानी पोस्टमास्टर  का आनॅलाईन वाचन हुआ। 
भारतीय लोक कला मण्डल के निदेशक डाॅ लईक हुसैन ने बताया कि रवीन्द्र नाथ टैगोर की 160 वीं जयंती के अवसर पर भारतीय लोक कला मण्डल, उदयपुर एवं दी परफोमर्स कल्चरल सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में रवीन्द्र नाथ टैगोर  द्वारा लिखित कहानी ‘‘पोस्टमास्टर’’ के वाचन का प्रसारण भारतीय लोक कला मण्डल के सोशियल मीडिया पेज फेस बुक पर किया गया। 
उन्होने बताया कि संस्था द्वारा प्रति वर्ष टैगोर की जयंती के अवसर पर रंगमचीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहा है। परन्तु वर्तमान परिस्थितियों में  कोविड-19 की अनुपालना में मंचीय प्रस्तुति करना संभव नहीं है अतः ऐसी परिस्थिति में उक्त दिवस पर आनॅलाईन माध्यम से गुरूवर द्वारा लिखित कहानी ‘‘पोस्टमास्टर’’ का आनॅलाईन वाचन कर उनकी जयंती मनाई गई।
डाॅ. हुसैन ने बताया कि भारत के प्रथम नोबल पुरूस्कार प्राप्त, प्रसिद्ध लेखक, कवि एवं चित्रकार रवीन्द्र नाथ टैगोर द्वारा लिखित कहानी ‘‘पोस्टमास्टर’’ एक शहरी आदमी एवं ग्रामीण बालिका के बीच के गैर-परंपरागत संबंध को बेहद मार्मिक ढंग से दर्शाती है। कहानी में, शहरी आदमी जिसकी नौकरी बतौर पोस्टमास्टर कलकत्ता के पास एक गाँव में लगती है। वह घर के काम-काज में हाथ बंटाने के लिए उसी गाँव की एक अनाथ बालिका को काम पर रख लेता है। वह पोस्टमास्टर अपनों से दूर इस बालिका के साथ सुख-दुःख की बातें साझा करने लगता है और अनाथ बालिका को भी पोस्टमास्टर में आत्मीयता नजर आने लगती है। इस कहानी में दो बिल्कुल अलग-अलग सामाजिक परिवेश में पले-बढ़े इंसानों के आपसी रिश्ते को बहुत मार्मिक ढंग से चित्रित किया है। वे दोनों समाज के दो अलग-अलग वर्ग से आते हैं। किंतु मानवीय गुणों एवं परिस्थितियाँ उन्हें एक अनूठे रिश्ते में बांध देती है। बावजूद इसके इन दोनों का, जीवन को देखने का नजरिया एकदम अलग होता है। जो इस कहानी में द्वंद पैदा करता है और इसे खूबसूरत बनाता है।
 उन्होने बताया कि कहानी का वाचन अभिनेता शुभम आमेटा द्वारा किया गया। फेस बुक पेज पर आमजन ने काफी पसंद किया।


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