बेहतरीन लिखित दस्तावेज भारत देश का संविधान

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01 Dec 19
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 माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं श्रीमान् राजेन्द्र कुमार शर्मा, अध्यक्ष महोदय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश, प्रतापगढ के निर्देशानुसार संविधान सप्ताह मनाये जाने के अवसर पर प्रतापगढ शहर में संचालित अंजुमन फुरकानिया मदरसा प्राथमिक विद्यालय, प्रतापगढ में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में श्री लक्ष्मीकांत वैष्णव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश), प्रतापगढ, पैनल अधिवक्ता श्री अजीत कुमार मोदी, जनाब मोहम्मद जफर साहब, जनाब फिरोज खान साहब, विद्यालय के प्रधानाचार्य जनाब मोहम्मद हुसैन मंसुरी साहब व अन्य स्टॉफ मौजूद थे।

श्री लक्ष्मीकांत वैष्णव, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश), प्रतापगढ ने भारत के संविधान के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए संविधान की प्रस्तावना, मूल कर्तव्यों व अधिकारों की जानकारी शिविर में उपस्थित बालक-बालिकाओं को दी। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने भारत के संविधान को विश्व की सबसे बेहतरीन लिखित दस्तावेज बताते हुए यह भी बताया कि दिनांक- 26.11.1949 को भारत के संविधान को अंगीकृत किया गया था एवं दिनांक- 26.01.1950 को भारत के संविधान को संपूर्ण देश में लागू किया गया था।

शिविर में उपस्थित पैनल अधिवक्ता श्री अजीत कुमार मोदी ने बालक-बालिकाओं को कानूनी अधिकार, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के बारे में जानकारी दी।

शिविर में अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री लक्ष्मीकांत वैष्णव ने बच्चों से रूबरू होते हुए भविष्य में क्या बनना चाहते है पूछा तब एक बालिका शाकिना बी ने बताया कि वह कलक्टर बनना चाहती है, एक अन्य बालिका अफरीन ने बताया कि वह पुलिस अधिकारी बनना चाहती है एक बालक सैयद अली ने न्यायाधीश महोदय को बताया कि वह भविष्य में पायलट बनना चाहता है। न्यायाधीश महोदय ने खुशी जाहिर करते हुए बच्चों की हौसल अफजाई की तथा उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।

शिविर के समापन में विद्यालय के प्रधानाचार्य जनाब मोहम्मद हुसैन मंसुरी साहब द्वारा आभार व्यक्त किया गया।


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