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लोकसभा अध्यक्ष ने की कोटा-बूंदी में राहत कार्यों की समीक्षा

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18 Sep 19
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लोकसभा अध्यक्ष ने की कोटा-बूंदी में राहत कार्यों की समीक्षा

कोटा (डॉ. प्रभात कुमार सिंघल) |  लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि चम्बल एवं सहायक नदियों में पानी की अत्यधिक आवक के कारण आवासीय क्षेत्रों में पानी भराव से प्रभावित परिवारों को राहत एवं बचाव कार्य में अधिकारी सामूहिक रूप से कार्य करते हुए लोगों के पुनर्वास के लिए युद्धस्तर पर कार्य करें। 
लोकसभा अध्यक्ष मंगलवार को टैगोर सभागार में पानी भराव से प्रभावित परिवारों के राहत कार्य की समीक्षा करते हुए कोटा, बूंदी जिलों के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घडी में जिला प्रशासन द्वारा जिस मुस्तैदी के साथ कार्य किया गया है, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि अब प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं नुकसान का समय पर आकलन कर आपदा नियमों के तहत सहायता पहुंचाने के कार्य को भी टीमभावना के साथ पूरा करें। 
उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों की निरन्तर तैनाती एवं आश्रय स्थलों पर की गई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सकों की तैनाती, दवाओं की उपलब्धता एवं मूलभूत सुविधाओं में कमी नहीं आये। उन्होंने कहा कि आम लोगों का जीवन शीघ्र सामान्य हो इसके लिए जलस्तर कम होते ही पुनर्वास का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाये। उन्होंने क्षतिग्रस्त सडकों, विद्युत एवं पेयजल सप्लाई के तंत्र को शीघ्र दुरूस्त करने, पानी भराव वाले स्थानों पर लोगों के खाली मकानों की सुरक्षा के लिए पुलिस गश्त एवं केईडीएल को जेनरेटर के साथ रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी पेयजल सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है वहां टैंकरों की संख्या बढाई जाये। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना से लाभान्वित करने हेतु क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे करने, पानी भराव वाले स्थानों से सफाई का कार्य बडे स्तर पर शुरू करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का टीम लगाकर शीघ्र सर्वे करायें जिससे समय पर मुआवजा मिल सके। 
  उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए 8 हजार पैकेट तैयार कराये जा रहे हैं जिनमें मूलभूत आवश्यकताओं की सामग्री होगी। एक पैकेट प्रत्येक परिवार के 7 दिवस की आवश्यकताओं के लिए पर्याप्त होगा। पैकेट में राशन सामग्री, महिला, पुरूष एवं बच्चो के कपडे, बरतन, कम्बल,चटाई, साबुन, तौलिए, तेल आदि होंगे। उन्होंने सामग्री वितरण के लिए जिला कलक्टरों को अधिकृत किया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों का आंकलन करवाकर आवश्यकता के अनुसार तात्कालिक राहत मिल सके इसके लिए सांसद कोष से ट्यूबवैल लगवाये जायेंगे। 
उन्होंने बताया कि जिनके आवास क्षतिग्रस्त हो गये हैं, उन परिवारों को सामाजिक संगठनों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के सहयोग से टीनशेड की व्यवस्था कराई जायेगी जिससे त्वरित आवास की व्यवस्था की जा सके। 
संभागीय आयुक्त एल.एन. सोनी ने कहा कि सभी विभागों के अधिकारी आपदा की इस घडी में स्वप्रेरित होकर कार्य कर प्रभावित लोगों को त्वरित राहत के लिए कार्य करें। 
जिला कलक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल ने बचाव एवं राहत कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा दलों को तैनात किया गया है। ब्लीचिंग एवं एन्टीलार्वा गतिविधियां प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने शहर में पेयजल आपूर्ति बहाल करने के लिए पुराने अकेलगढ से किये जा रहे प्रयास एवं टैंकरों से पेयजल सप्लाई के बारे में जानकारी दी। 
जिला कलक्टर बूंदी श्रीमती रूकमणी रियार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 4 हजार परिवार प्रभावित हुए हैं। पेयजल एवं विद्युत तंत्र को बहाल करने का कार्य तीव्र गति के साथ किया जा रहा है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शहर दीपक भार्गव, ग्रामीण राजन दुष्यंत ने भी राहत कार्य के दौरान पुलिस व एसडीआरएफ द्वारा किये गये कार्यों की जानकारी दी। बैठक में सीईओ जिला परिषद शुभम चौधरी, अतिरिक्त कलक्टर वासुदेव मालावत, बूंदी राजेश जोशी सहित दोनों जिलों के अधिकारी उपस्थित रहे। 


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