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जीवोत्थान पंचांगम्  एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (पाक्षिक  समेकित राशि फल सहित)18 /09/2021,शनिवार

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18 Sep 21
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जीवोत्थान पंचांगम्  एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (पाक्षिक  समेकित राशि फल सहित)18 /09/2021,शनिवार

Jeevotthan Panchangam, Sanskaritam - Evam Janm Rashi Falanuman 
दिनांके -(आँग्ल) 18 /09/2021,शनिवार
राष्ट्रीय भारतीय दिनांक 27/06/1943
 27भाद्रपद मास1943
सृष्टिगतसौरार्कदिनांक -
01/06
/1955885122#(# पंचांगकारानुसार वर्ष, दैनिक सूर्योदय कालीन सूर्य संक्रांति राशि - अंशतः अंकतः स्थानीय व्यवस्था)  
भारतीय पंचांग विक्रमीय दिनांक
27/06/2078 (+28)
( इसे यहाँ निम्नानुसार लिखा है - सूर्योदयी तिथि सौरतः कृष्ण पक्षतः या गताग्र /पूर्णिमांत चैत्रादि मास /विक्रम संवत्|तिथि /मास में वृद्धि) 
द्वादशी, शुक्ल पक्ष
भाद्रपद
तिथिद्वादशी06:53:51तक ।
तिथि त्रयोदशी29:59:17*(क्षय) पक्ष शुक्ल नक्षत्रधनिष्ठा27:19:57*
योग सुकर्मा18:22:28
करण बालव06:53:51
करण कौलव18:23:58
करण तैतिल29:59:17*
माह (अमावस्यांत)भाद्रपद
माह (पूर्णिमांत)भाद्रपद
चन्द्र राशि   मकर 15:24:53तक ।
चन्द्र राशि   कुम्भ 15:24:53से।
सूर्य राशि   कन्या
सूर्योदय06:24:39
सूर्यास्त18:35:47
दिन काल12:11:08
रात्री काल11:49:12
चंद्रोदय17:16:09
चंद्रास्त28:36:31*
सूर्योदयलग्न कन्या1°11' , 
सूर्य नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र धनिष्ठा
आज के नामकरणाक्षर
पद, चरण1 गा धनिष्ठा09:29:15
2 गी धनिष्ठा15:24:53
3 गु धनिष्ठा21:21:46
4 गे धनिष्ठा27:19:57*
मुहूर्त
राहू काल09:27 - 10:59अशुभ
यम घंटा14:02 - 15:33अशुभ
अभिजित्12:06 -12:55शुभ
दूर मुहूर्त08:02 - 08:51अशुभ
पंचक15:25 - अहोरात्र 
चोघडिया, दिन
काल06:25 - 07:56अशुभ
शुभ07:56 - 09:27शुभ
रोग09:27 - 10:59अशुभ
उद्वेग10:59 - 12:30अशुभ
चर12:30 - 14:02शुभ
लाभ14:02 - 15:33शुभ
अमृत15:33 - 17:04शुभ
काल17:04 - 18:36अशुभ
चोघडिया, रात
लाभ18:36 - 20:04शुभ
उद्वेग20:04 - 21:33अशुभ
शुभ21:33 - 23:02शुभ
अमृत23:02 - 24:30*शुभ
चर24:30* - 25:59*शुभ
रोग25:59* - 27:28*अशुभ
काल27:28* - 28:56*अशुभ
लाभ28:56* - 30:25*शुभ
अंतिम कॉलम अंत समय है.
होरा, दिन
शनि06:25 - 07:26
बृहस्पति07:26 - 08:27
मंगल08:27 - 09:27
सूर्य09:27 - 10:28
शुक्र10:28 - 11:29
बुध11:29 - 12:30
चन्द्र12:30 - 13:31
शनि13:31 - 14:32
बृहस्पति14:32 - 15:33
मंगल15:33 - 16:34
सूर्य16:34 - 17:35
शुक्र17:35 - 18:36
होरा, रात
बुध18:36 - 19:35
चन्द्र19:35 - 20:34
शनि20:34 - 21:33
बृहस्पति21:33 - 22:32
मंगल22:32 - 23:31
सूर्य23:31 - 24:30*
शुक्र24:30* - 25:29*
बुध25:29* - 26:29*
चन्द्र26:29* - 27:28*
शनि27:28* - 28:27*
बृहस्पति28:27* - 29:26*
मंगल29:26* - 30:25*
होरा(वारों की प्रकृति तथा करणीय शुभ कामों के अनुसार उपयोगी)  
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विशेष विवेचन -     आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध   -  शनि प्रदोष।पंचक प्रारंभिक 15-25से। दक्षिण दिशाएँ प्रभावित। सैन्य  जनहित योजना । शिक्षा-तकनीकी एवं  विद्वत् सज्जन में किसी प्रकरण में  नव चिंतन । ग्राफिक्स नीचे प्रभावित पर। । ##############
*अन्तिम कालम अन्त  समाप्तिकाल है।   
*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य। 
@जीवोत्थान जन्म राशि फलानुमान @
##################
जन्मराशितःआज सांकेतिक फलानुमान   
(विशेषार्थ स्वजन्म पत्रिका दृष्टव्य)   (एकन्दर राशि फल बोध 
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 वृष कन्या  सिंह राशि वालों के लिये दिनमान के मिश्रित , मिथुन कर्क  तुला वृश्चिक कुंभ मीन के लिए अड़चन फलद समय  तथा अन्य हेतु अपेक्षाकृत दिनमान ठीक।)
जन्म राशि - - - - - समेकित फलानुमान 
मेष    -   अच्छा 63 %
वृष. -  मिश्रित 63 %
मिथुन  -उलझन 65 %
कर्क.   -   मिश्रित 61 %
सिंह. -सामान्य 57 %
कन्या.   - मिश्रित 58  %
तुला.   उलझन 58 %
वृश्चिक.अवरोध 61   %
धन. -  सुधार 61 %

मकर.   -  ठीक ठाक 52 %
कुंभ.   -  उलझन 58   %
मीन.   -अवरोध 56 %
विशेष - दिन शुद्धि सामान्यतः मिश्रित 
 फलद  है। 
जीवोत्थान पाक्षिक जन्म राशि  समेकित फलानुमान
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(सितम्बर उत्तरार्द्ध )
 मेष - - अनुकूलता 
वृष - - - -अच्छा 
मिथुन - - - - - -  अवरोध 
कर्क - - - - -   अनुकूलता ।
सिंह - - - - -लाभदायक
कन्या - - - - अवरोध 
तुला - - - - लाभदायक
वृश्चिक - - - - उन्नति
धन - - - - - - - - - अच्छा 
मकर - - - - - प्रभावी 
कुंभ - - - - - - उलझन 
मीन - - - - - - अनुकूल 
भारत की अद्वितीय विशेषताओं का, 
  अनवरत् दिव्यामृतपान करनाहै।
   "ब्रह्माण्डोत्थान" हेतु मानवादर्श का, 
   'जीवोत्थान 'सदाश्रय को अपनाना है।। 
 ॐमहर्षि  - यादवेन्द्र जीवोत्थान उदयपुर।


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