राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक

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14 Jan 22
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राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक

नई दिल्ली। प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि ओमाइक्रोन को लेकर पहले जो भ्रम था वह अब धीरे-धीरे दूर हो रहा है।  ओमाइक्रोन वेरिएंट पहले के वेरिएंट की तुलना में कई गुना तेजी से आम जनता को संक्रमित कर रहा है।  “हमें सतर्क रहना है, सावधान रहना है, और यह भी ध्यान रखना है कि आम अवाम में कोई दहशत की स्थिति पैदा नहीं होवे। 

प्रधानमंत्री ने गुरुवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों / राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के प्रशासकों के साथ एक व्यापक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए  कोविड -19 और राष्ट्रीय टीकाकरण प्रगति की समीक्षा की।  बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया, राज्य मंत्री डॉ भारती प्रवीण पवार आदि उपस्थित थे।  वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक को महामारी की स्थिति पर नवीनतम अपडेट के बारे में जानकारी दी।

 बैठक को संबोधित करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि कोरोना विगत 100 वर्षों की सबसे बड़ी महामारी है। हम अब इस  लड़ाई  के अपने तीसरे वर्ष में प्रवेश कर गए  है।  
उन्होंने कहा कि हम सभी को एकजूट होकर इसका मुक़ाबला करना है।  उन्होंने  विश्वास जताया कि हम, भारत के 130 करोड़ लोग, अपने प्रयासों से निश्चित रूप से कोरोना के खिलाफ विजयी होकर निकलेंगे। कड़ी मेहनत ही हमारा एकमात्र रास्ता है और जीत ही हमारा एकमात्र विकल्प है।

प्रधान मंत्री ने कहा कि महामारी से निपटने का सिद्ध तरीका केवल टीकाकरण ही है।  उन्होंने टिप्पणी की कि भारत में बने टीके पूरी दुनिया में अपनी श्रेष्ठता साबित कर रहे हैं।  यह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है कि आज भारत ने लगभग 92 प्रतिशत वयस्क आबादी को पहली खुराक दी जा चुकी है।  उन्होंने बताया कि दूसरी खुराक का कवरेज भी देश में करीब 70 फीसदी तक पहुंच गया है।
प्रधान मंत्री ने कहा कि 10 दिनों के भीतर, भारत ने अपने लगभग 30 मिलियन किशोरों का टीकाकरण भी किया है।  अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों को जितनी जल्दी एहतियात की खुराक दी जाएगी, हमारी स्वास्थ्य प्रणाली की क्षमता उतनी ही अधिक बढ़ेगी।  उन्होंने कहा, "हमें शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए हर घर दस्तक अभियान को तेज करना होगा।"  उन्होंने टीका लगाने या मास्क पहनने के बारे में किसी भी प्रकार की गलत सूचना और भ्रांति  को  भी दूर करना है ।

प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि कोई भी रणनीति बनाते समय इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि आम लोगों की रोजी-रोटी को कम से कम नुकसान हो, आर्थिक गतिविधियां हों और अर्थव्यवस्था की गति बनी रहे।  इसलिए बेहतर होगा कि लोकल कंटेनमेंट पर ज्यादा ध्यान दिया जाए।  उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें होम आइसोलेशन दिशानिर्देशों में सुधार करते रहना चाहिए और उनका कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए।  उन्होंने कहा कि इलाज में टेली मेडिसिन सुविधाओं के इस्तेमाल से काफी मदद मिलेगी।

प्रधान मंत्री ने स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे के 23,000 करोड़ रुपये के पैकेज का उपयोग करने के लिए राज्यों की सराहना की, जो पहले स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए दिया गया था।  इसके तहत पूरे देश में 800 से अधिक बाल चिकित्सा इकाइयों, 1.5 लाख नए आईसीयू और एचडीयू बेड, 5 हजार से अधिक विशेष एम्बुलेंस, 950 से अधिक तरल चिकित्सा ऑक्सीजन भंडारण टैंक क्षमता को जोड़ा गया है।  प्रधान मंत्री ने बुनियादी ढांचे का विस्तार जारी रखने की आवश्यकता पर बल दिया।  “कोरोना को हराने के लिए हमें अपनी तैयारी हर प्रकार से आगे रखने की जरूरत है।  ओमाइक्रोन से निपटने के साथ-साथ हमें भविष्य के किसी भी संस्करण के लिए अभी से तैयारी शुरू करने की जरूरत है", प्रधानमंत्री ने कहा।

 मुख्यमंत्रियों ने कोविड-19 की लगातार लहरों के दौरान प्रधानमंत्री को उनके नेतृत्व सहयोग और मार्ग दर्शन के लिए धन्यवाद दिया।  विशेष रूप से केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की गई धनराशि के लिए धन्यवाद दिया, जो राज्यों में स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने में बहुत मददगार रहा है।  मुख्यमंत्रियों ने अस्पतालों  में बिस्तरों में वृद्धि, ऑक्सीजन की उपलब्धता आदि जैसे कदमों के माध्यम से बढ़ते मामलों से निपटने की तैयारियों के बारे में सुझाव दिए ।
 


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