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जनजाति क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रखी जाएगी -मुख्यमंत्री

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10 Aug 20
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जनजाति क्षेत्र के विकास में कोई कमी नहीं रखी जाएगी -मुख्यमंत्री

जयपुर । मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि आदिवासी समुदाय के उत्थान के लिए योजनाएं बनाने में राज्य सरकार ने कोई कमी नहीं रखी है। टीएसपी क्षेत्र सहित टाडा और माडा क्षेत्र में विकास कार्यों को बढावा दिया जा रहा है। बिखरी हुई आबादी के विकास में आगे भी कोई कमी नहीं रखी जाएगी।

श्री गहलोत विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को जैसलमेर से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से १२७.८५ करोड रूपये के ४१ कार्यों के शिलान्यास एवं लोकार्पण के बाद संबोधित कर रहे थे। जनजाति क्षेत्र में विकास को बढावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने ९८.७६ करोड रूपये के २८ कार्यों का शिलान्यास और २९.०९ करोड रूपए के १३ कार्यों का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने पूरे आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की बधाई दी और कहा कि सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए हमने इस दिन प्रदेश में अवकाश घोषित किया है। हमारा उद्देश्य है कि इस दिन आदिवासी समाज की समस्याओं पर विचार-विमर्श हो, अभी तक की उपलब्धियों पर चर्चा करने के साथ ही भविष्य की योजनाओं की रूपरेखा भी तय की जाए। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि आज हर ग्राम पंचायत में क्षेत्रीय आदिवासी समाज के लोगों ने समाज की समस्याओं पर चिंतन-मनन किया।

श्री गहलोत ने श्री मावजी महाराज, श्री गोविंद गुरू, वीरबाला कालीबाई एवं मानगढ के शहीदों को याद किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनजाति क्षेत्रों सहित पूरे प्रदेश में बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सडकों के विकास में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने जैसलमेर में जनजाति छात्रों के लिए ५० बेड की क्षमता का छात्रावास खोलने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि बाडमेर एवं जोधपुर में भी जनजाति छात्रों के लिए हॉस्टल खुलेंगे। जोधपुर में जनजाति छात्रों के लिये कोचिंग सेन्टर खोला जाएगा ताकि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी क्षेत्र के विकास के लिए हमारी सरकार सदैव तत्पर रही है। हमारी पिछली सरकार के समय रतलाम से डूंगरपुर वाया बांसवाडा ब्रॉडगेज रेल लाइन का सपना पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने २०० करोड रूपये रेलवे को दिये थे, जमीन अवाप्ति भी हुई थी और तत्कालीन यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी ने उसका शिलान्यास भी किया था लेकिन सरकार बदलने के बाद यह काम अधूरा रह गया।

श्री गहलोत ने कहा कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू के जमाने से ही सबसे पिछडे लोगों, वनवासियों एव आदिवासी समाज को मुख्य धारा में लाने और उनके विकास के लिए प्रयास शुरू किये गये थे। पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी एवं श्री राजीव गांधी का भी आदिवासी समाज से विशेष लगाव था। स्व. राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री बनते ही राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों का दौरा कर पिछडे क्षेत्रों के विकास का संदेश दिया था।

वीसी के दौरान डूंगरपुर पंचायत समिति, बांसवाडा की छोटी सरवन सहित अन्य पंचायत समिति में बैठे सरपंचों से मुख्यमंत्री ने संवाद भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने जैसलमेर जिले के जनजाति समुदाय के १२वीं एवं १०वीं कक्षा में उच्च अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जनजाति क्षेत्र विकास राज्य मंत्री श्री अर्जुन सिंह बामनिया ने कहा कि जनजाति क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने के लिए सर्वश्रेष्ठ कोचिंग संस्थानों से टाई-अप किया जा रहा है। आईएएस की तैयारी के लिए १० प्रतिभावान छात्रों को दिल्ली भेजा जाएगा। जनजाति क्षेत्र में खेल प्रतिभा को उभारने के लिए टूर्नामेंट आयोजित किये जाएंगे।

जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग की सचिव श्रीमती गायत्री राठौड ने कार्यक्रम की शुरूआत में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।

कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्री परसादी लाल मीणा, सहकारिता मंत्री श्री उदयलाल आंजना, शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा, विधायक श्री महेन्द्रजीत सिंह मालविया, डॉ. दयाराम परमार, श्रीमती रमीला खडिया, श्री गणेश घोघरा, श्री फूलसिंह मीणा सहित जनजाति क्षेत्र के कई विधायक भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने ९८.७६ करोड रूपये के निम्न २८ कायर् के शिलान्यास किए

क्रं.सं.

कार्य का नाम

लागत

 

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (छात्र क्षमता ४८०), डाबरीमाला, आंबापुरा (बांसवाडा)

२५.६३ करोड

 

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (छात्र क्षमता ४८०) डूंगरपुर

२५.३९ करोड

 

सेन्टर ऑफ एक्सीलेन्स, उदयपुर शहर

१७.७६ करोड

 

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय की क्षमता वृद्धि पाडोला, आनंदपुरी (बांसवाडा)

४६५.८२ लाख

 

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय की क्षमता वृद्धि खैरवाडा (उदयपुर)

३८३.३६ लाख

 

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय-बालिका की क्षमता वृद्धि- टीमरवा (प्रतापगढ)

३८२.३९ लाख

 

राजकीय महाविद्यालय, करौली में जनजाति छात्राओं हेतु नवीन छात्रावास निर्माण (छात्र क्षमता ४८०)

 

३४९.९९ लाख

 

एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय की क्षमता वृद्धि पारडा, चुण्डावत (डूंगरपुर)

३४२.४८ लाख

 

सम्फ सडक - खानपुरा मुख्य सडक से घाटीपाडा, कुण्डल, छोटी सरवन (बांसवाडा)

१५०.०० लाख

 

१०

सम्फ सडक - राजकीय विद्यालय से मलवासा तक, मलवासा, तलवाडा (बांसवाडा)

१३८.९२ लाख

 

११

छापरिया तालाब एवं नहर सुदृढीकरण, छापरिया (बांसवाडा)

१०४.६१ लाख

 

१२

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), छोटा नडीयादा, कोटडा बडा, गढी (बांसवाडा)

६१.२२ लाख

 

१३

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), झुपेल (बांसवाडा)

४९.८२ लाख

 

१४

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), कुशलकोट, सारनपुर, अरथुना (बांसवाडा)

४८.७४ लाख

 

१५

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), सारनपुर, अरथुना (बांसवाडा)

४८.६४ लाख

 

१६

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), मुनियाखूंटा, सज्जनगढ (बांसवाडा)

४६.९० लाख

 

१७

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), जालीमपुरा, सज्जनगढ (बांसवाडा)

४६.६७ लाख

 

१८

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), पोटलीया मासडा फला, कुशलगढ (बांसवाडा)

४६.२९ लाख

 

१९

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), चौराबडा, सातसेरा, सज्जनगढ (बांसवाडा)

४५.९० लाख

 

२०

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), पातापुर झामरी, अन्देश्वर, सज्जनगढ (बांसवाडा)

४५.५९ लाख

 

२१

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), बोरीया (बांसवाडा)

४३.६४ लाख

 

२२

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), चनावाला, बिलडी, सज्जनगढ (बांसवाडा)

४०.०२ लाख

 

२३

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), भैरू खाखरा, कोटडी, अरनोद (प्रतापगढ)

३६.३७ लाख

 

२४

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), जीरावता, भचुण्डला, अरनोद (प्रतापगढ)

३५.७४ लाख

 

२५

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), भमरी, अन्देश्वर, सज्जनगढ (बांसवाडा)

३१.९५ लाख

 

२६

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), देवनवाडा, मादडी झाडोल फलासिया (उदयपुर)

२०.११ लाख

 

२७

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), पुराना तालाब, पीपलबांरा, झाडोल फलासिया (उदयपुर)

१७.७९ लाख

 

२८

सामुदायिक जलोत्थान सिंचाई योजना (सौर ऊर्जा आधारित), क्वादर, पीपलबांरा, झाडोल फलासिया (उदयपुर)

१५.४० लाख

 

 

 

मुख्यमंत्री ने २९.०९ करोड रूपये के निम्न १३ कार्यों का लोकार्पण किया

क्र.सं.

कार्य का नाम

लागत

 

सुहापुरा से वीरपुर सबमर्सीबल पुलिया, सुहापुरा (प्रतापगढ)

३५८.६८ लाख

 

बालिका कॉलेज छात्रावास, सेठ मंगलचन्द राजकीय महाविद्यालय, आबूरोड (सिरोही)

३५०.१२ लाख

 

नवीन कॉलेज कन्या छात्रावास, खैरवाडा (उदयपुर)

३५०.०० लाख

 

नवीन कॉलेज कन्या छात्रावास, सलुम्बर (उदयपुर)

३५०.०० लाख

 

सम्फ सडक-मायदा से धावडिया तक, मायदा, गिर्वा (उदयपुर)

३०१.८४ लाख

 

सम्फ सडक-कानीया भैरव से काटीया वाया घोलामंगरा-धावडी सडक, लम्बाई ५.५ कि.मी., सलुम्बर (उदयपुर)

२४०.०० लाख

 

कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केन्द्र, आईटीआई परिसर (डूंगरपुर)

२२६.०२ लाख

 

कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केन्द्र (उदयपुर शहर)

२०३.७५ लाख

 

कन्या खेल छात्रावास, घाटोल (बांसवाडा)

१६१.५४ लाख

 

१०

सम्फ सडक-करजु से आरएचबी कॉलोनी, छोटी सादडी (प्रतापगढ)

१२३.६० लाख

 

११

ग्रामीण जल योजना, भुंगडा, घाटोल (बांसवाडा)

११७.६७ लाख

 

१२

सम्फ सडक-जगत से माताजी मंदिर तक, गिर्वा (उदयपुर)

८६.०० लाख

 

१३

सम्फ सडक-सीपुर ग्राम से आदिवासी बस्ती सीपुर भागल तक, सराडा (उदयपुर)

४०.०० लाख

 

 

 


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