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विद्यापीठ लगायेगा श्रमिक चोपाल - प्रो. सारंगदेवोत

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10 Jul 24
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विद्यापीठ लगायेगा श्रमिक चोपाल - प्रो. सारंगदेवोत


उदयपुर दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भारत सरकार के क्षेत्रीय निदेशालय उदयपुर के क्षेत्रीय सलाहकार समिति की बैठक जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ विवि के कुलपति सचिवालय के सभागार में सम्पन्न हुई।
प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत करते हुए पदेन सचिव व क्षेत्रीय निदेशक प्रभारी जगदीप सिंह ने 2023-24 का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि देश को विकसित राष्ट्र बनाना है तो श्रमिकों के हाथ मजबूत करने होंगे।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति एवं क्षेत्रीय सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि असंगठित श्रमिक वर्ग के लिए विद्यापीठ श्रमिक चोपाल लगायेगा और उनकी समस्या को जान उनका समाधान करायेगा। श्रमिक वर्ग के प्रति संवेदनशील होना होगा। उन्होंने कहा कि जब तक अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति को देश की मुख्य धारा से नहीं जोड़ा जायेगा तब तक विकसित देश की कल्पना करना बेमानी है। संस्थापक मनीषी पंडित नागर ने 1937 में श्रमिकों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से ही रात्रिकालीन श्रमजीवी कॉलेज की स्थापना की, जिसमें  दिन में काम करने वाले श्रमजीवियों को शिक्षा दी जाती थी। आज के समय हर घर परिवार में कार्य करने के लिए, महिला एवं पुरूष आते है जिनका पूरा जीवन अंधकार में है। आज हर  व्यक्ति जो कार्य करता है वह श्रमिक है, चाहे शारीरिक हो या मानसिक। मालिक कम पैसा देकर अधिक कार्य कराना चाहता है , इस मानसिकता को बदलना होगा। आज भी देश में बड़ी संख्या में असंगठित श्रमिकों का शोषण हो रहा है, उन्हे दैनिक वेतनमान भी पूरा नहीं मिल रहा है। श्रमिक इतना चाहते है कि जिस जगह वह कार्य कर रहे हैं, उन्हंे पूरा सम्मान मिले। आज भी श्रमिक अपनी बूनियादी जरूरतों के लिए तरस रहा है, हालांकि कुछ ऐसे लोग भी हुए हैं, जिन्होंने मजदूरों को उनका हक दिलाने के लिए लडाई लडी है। आवश्यकता है केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा जारी योजनाओं का लाभ इन तक पहुंचाने की। जागरूकता के अभाव में इस लाभ से वे आज भी वंचित है।  
सिस्टर कीर्ति कैथरिन डेविड मेेकवान ने कहा कि घरों में कार्य करने वाली महिला एवं पुरूषों को भी श्रमिक माना जाये और सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें भी मिले। महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक मे इस वर्ग को श्रमिक माना गया है, पूरे देश मेें यह व्यवस्था हो इस पर कार्य करने की जरूरत है।
आभार शिक्षा अधिकारी जी.बी. कुरवलकर ने जताया।
बैठक में डॉ. जटाणा, सुभाष श्रीमाली, सिस्टर कीर्ति पीएसए, अमर सिंह सांखला, संयुक्त श्रम आयुक्त संकेत मोदी सहित सदस्य उपस्थित थे।


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