GMCH STORIES

सुविवि- जर्मन एवं फ्रेंच सर्टिफिकेट कोर्स शुरू

( Read 3591 Times)

24 Apr 21
Share |
Print This Page

सुविवि- जर्मन एवं फ्रेंच सर्टिफिकेट कोर्स शुरू

उदयपुर। मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय  के अंग्रेजी विभाग मेँ  रुसा 2 के तहत स्थापित  'सेंटर फॉर इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज ' के तत्वावधान में  फ्रेंच एवं जर्मन भाषा में 6 माह की समयावधि के सर्टिफिकेट कोर्स का ऑनलाइन शुभारंभ किया गया।

उक्त कार्यक्रम में प्रो. कनिका शर्मा, नोडल ऑफिसर-रुसा , प्रो.सीमा मलिक, अधिष्ठाता, विश्वविद्यालय सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय,  कार्यक्रम की विशेष अतिथि प्रो.नफीसा हातिमी, सेवानिवृत प्रोफेसर , अंग्रेजी विभाग, प्रो. हंसावाहिनी सिंह , वनस्थली विद्यापीठ विश्वविद्यालय, , प्रो.शरद श्रीवास्तव , सेवानिवृत प्रोफेसर , अंग्रेजी विभाग ने अपनी गरिमामय उपस्थिति एवं विचारों से कार्यक्रम की शोभा को बढ़ाया.

कार्यक्रम का शुभारंभ एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए विभागाध्यक्ष  डॉ मीनाक्षी जैन ने सेंटर का संक्षिप्त परिचय दिया तथा इसकी स्थापना एवं इसके सफल संचालन में कुलपति प्रो. अमेरिका सिंह की दूरदर्शिता एवं प्मार्गदर्शन की महती भूमिका को रेखांकित किया और इसके लिए उनको धन्यवाद ज्ञापित किया.

प्रो. हंसावाहिनी सिंह, मुख्यवक्ता , ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि " जब आप किसी दूसरे क्षेत्र/ देश  की भाषा को सीखते हैं तो न केवल आप एक नई भाषा सीखते हैं बल्कि यह आपकी मातृभाषा की आपकी समझ को भी बढ़ाता है ".

प्रो. शरद श्रीवास्तव ने अपने वक्तव्य में भाषा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि " भाषा न केवल संचार का एक माध्यम होती है बल्कि यह मानव से मानव को भावनात्मक रूप से जोड़ने का भी एक महत्वपूर्ण माध्यम होती है , इसलिए व्यक्ति को अधिक से अधिक भाषाएं सीखते रहना चाहिए"

प्रो. सीमा मलिक ने विश्वविद्यालय द्वारा भाषा के क्षेत्र में किए जा रहे महत्वपूर्ण कार्यों को रेखांकित करते हुए बताया कि " विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों के सर्वांगीण विकास एवं भाषा की महती भूमिका को देखते हुए विभिन्न वैश्विक और भारतीय भाषाओं के शिक्षण कोर्स 
शुरू किए गए हैं जो कि विद्यार्थियों के लिए बहुत ही लाभदायक साबित होंगे".

प्रो. नफीसा हातिमी ने वर्तमान समय में विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे संसाधनों की पुराने समय से तुलना करते हुए बताया कि " पुराने समय में बहुत से लोग जो नईं भाषाओं को सीखना चाहते थे वह संसाधनों की कमी के चलते सीख नहीं पाते थे लेकिन आज के समय में आधुनिक तकनीक के आगमन और
विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों को उपलब्ध करवाए जा रहे संसाधनों का सभी को अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए "

विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर प्रदीप त्रिखा ने बताया कि "सेंटर फ़ॉर इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेज द्वारा आगामी समय में अंग्रेजी से भी जुड़े विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे".

डॉ.खुशपाल गर्ग ने कार्यक्रम में पधारे सभी गणमान्य अतिथियों एवं उपस्थित छात्रों को धन्यवाद अर्पित किया.


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories : Headlines , Education , Rajasthan
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like