आध्यात्मिक एवं शास्त्रीय विधि से मनाये नवसंवत्सर- स्वामी संवित सोमगिरिजी

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02 Apr 19
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आध्यात्मिक एवं शास्त्रीय विधि से मनाये नवसंवत्सर- स्वामी संवित सोमगिरिजी

बीकानेर । श्रीमती शशिबाला मित्तल स्मृति चेरिटेबल ट्रस्ट, बीकानेर द्वारा प्रकाशित ‘नवसंवत्सर - हिन्दू नववर्ष’ का प्रपत्र प.पू. स्वामी संवित् सोमगिरिजी महाराज, अधिष्ठाता, श्रीलालेश्वर महादेव मन्दिर, शिवमठ, शिवबाड़ी के कर कमलों द्वारा जारी किया गया। स्वामीजी ने इस अवसर पर बताया कि भारतीय सनातन संस्कृति में मनाये जाने वाले सभी उत्सवों एवं पर्वों का विशेष महत्व है। हमें हमारे सभी त्योहार आध्यात्मिक एवं शास्त्रीय विधि से मनाने चाहिए। नवसंवत्सर पर्व का भी हमारे जीवन में विशेष महत्व है। चैत्रशुक्ल प्रतिपदा पर संवत्सर का आरम्भ हिन्दुओं के नववर्ष के रूप में होता है। इसी तिथि से पितामह ब्रह्माजी ने सृष्टि निर्माण प्रारम्भ किया था अतः इस अवसर पर किया गया प्रत्येक शुभसंकल्प हमारे जीवन के लिए फलदायी सिद्ध होता है। इस नवसंवत्सर का नाम परिधावी संवत्सर है। ट्रस्ट के अध्यक्ष विवेक मित्तल ने बताया कि मानव प्रबोधन प्रन्यास के सहयोग से नवसंवत्सर - हिन्दू नववर्ष के बारे में जानकारी एकत्रित कर प्रकाशित की गई है। प्रपत्र मंे प्रकाशित जानकारी सभी धर्मानुरागियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगी। 


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