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एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन द्वारा कृषि तकनीक को जाना किसानों ने

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09 Mar 19
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विवेक मित्तल

एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन द्वारा कृषि तकनीक को जाना किसानों ने

बीकानेर | दो दिवसीय एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजना दिनांक 7 व 8 मार्च 2019 को कृषि एवं किसान कल्याण मन्त्रालय, भारत सरकार के अधीनस्थ टिड्डी मण्डल कार्यालय, बीकानेर द्वारा ग्राम पंचायत कालासर में किया गया। कार्यशाला में वनस्पति संरक्षण अधिकारी धन्ने सिंह ने प्रशिक्षणार्थियों को  एकीकृत नाशीजीव प्रबन्धन (आई.पी.एम.) की आवश्यकता व किसानों को इस तकनीक को अपनाने से खेती की लागत को किस प्रकार कम किया जा सकता है के बारे में जानकारी प्रदान की। डा. उदयभान, उप निदेशक जल विज्ञान एवं जल प्रबन्धन संस्थान, बीकानेर ने पशुपालन की आवश्यकता तथा जैविक खेती अपना कर आमदनी के साथ-साथ कीटनाशी उपयोग के हाने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। पवनकुमार, वनस्पति संरक्षण अधिकारी टिड्डी मण्डल कार्यालय, फलौदी ने आई.पी.एम. द्वारा कीटों की संख्या को आर्थिक हानिस्तर से नीचे बनाये रखने तथा कम लागत में अधिक उत्पादन किस प्रकार लिया जये के बारे में किसानों को विस्तार से बताया तथा बीजों को उपचारिक करने के बाद ही बोने की सलाह दी ताकि बीजजनित रोगों से फसल को बचाया जा सके। पंकज सालूंके, सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी, सूरतगढ़ ने किसानों को यांत्रिक विधियों जैसे फेरोमोन ट्रेप, पीले चिपचिपे कार्ड, लाईट ट्रेप के द्वारा कीट नियन्त्रण कैसे सम्भव है की तकनीक बताई तथा नीम से जैविक कीटनाशक बनाने की विधि के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन राजकुमार सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी बीकानेर ने किया। इस कार्यशाला में उप सरपंच, ग्राम सेवक तथा स्थानीय किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह जानकारी टिड्डी मण्डल कार्यालय बीकानेर के वनस्पति संरक्षण अधिकारी धन्ने सिंह ने दी।


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