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नागरिकता बिल पारित करने पर जताया प्रधानमंत्री का आभार

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मुख्य बिंदु
  • संसद द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम २०१९ पारित करने पर सीमा जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम पर आभार पत्र सौंपकर धन्यवाद ज्ञापित किया है।
  • सीमा जन कल्याण समिति के अध्यक्ष भंवरसिंह भाटी, संरक्षक एडवोकेट अम्बालाल जोशी, प्रांतीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश चंडक, भाजपा जिला महामंत्री कैलाश कोटडया, संगठन मंत्री मोहनसिंह, नरपतसिंह नारायणसिंह, राजूसिंह सोढा, खेतपुरी, विक्रम सिंहल, भभूतसिंह सादलना, सवाई कुमावत, महेन्द्रसिंह सोढा आदि कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंचकर भारत माता के जयकारे लगाए।
  • तत्पश्चात जिला कलेक्टर अंशुमान जी को प्रधानमंत्री के नाम सौंपे आभार पत्र में बताया कि हिन्दू, सिख, जैन, ईसाई, पारसी व बौद्ध शरणार्थियों को नागरिकता देने के विषय पर इस विधेयक के पारित होने से पूरा प्रदेश प्रसन्नता व्यक्त कर रहा है।
  • सन् १९४७ में धार्मिक आधार पर देश का विभाजन स्वीकार किया गया, जो व्यवहारिक व दुर्भाग्यपूर्ण था।
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नागरिकता बिल पारित करने पर जताया प्रधानमंत्री का आभार

बाडमेर। संसद द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम २०१९ पारित करने पर सीमा जन कल्याण समिति के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम पर आभार पत्र सौंपकर धन्यवाद ज्ञापित किया है।

सीमा जन कल्याण समिति के अध्यक्ष भंवरसिंह भाटी, संरक्षक एडवोकेट अम्बालाल जोशी, प्रांतीय उपाध्यक्ष ओमप्रकाश चंडक, भाजपा जिला महामंत्री कैलाश कोटडया, संगठन मंत्री मोहनसिंह, नरपतसिंह नारायणसिंह, राजूसिंह सोढा, खेतपुरी, विक्रम सिंहल, भभूतसिंह सादलना, सवाई कुमावत, महेन्द्रसिंह सोढा आदि कई संगठनों के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंचकर भारत माता के जयकारे लगाए।

तत्पश्चात जिला कलेक्टर अंशुमान जी को प्रधानमंत्री के नाम सौंपे आभार पत्र में बताया कि हिन्दू, सिख, जैन, ईसाई, पारसी व बौद्ध शरणार्थियों को नागरिकता देने के विषय पर इस विधेयक के पारित होने से पूरा प्रदेश प्रसन्नता व्यक्त कर रहा है।

सन् १९४७ में धार्मिक आधार पर देश का विभाजन स्वीकार किया गया, जो व्यवहारिक व दुर्भाग्यपूर्ण था। धर्म के आधार पर प्रताडना के कारण वहां के अल्पसंख्यक अपनी जन्मभूमि को छोडने को मजबूर हो गए।

धर्म व आत्म सम्मान बढाने के लिए भारत में आकर शरण लेने के लिए मजबूर हुए है। अब तक भारत में नागरिकता नहीं मिलने से शरणार्थियों के रूप में जीवन यापन करना पड रहा है।

सीमा जन कल्याण समिति पिछले अनेक वर्षों से ऐसे शरणार्थियों को भारत में नागरिकता देने के लिए प्रयत्नरत थी। सीमा जन कल्याण समिति ऐसे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व पूरी टीम का आभार प्रकट करती है।