आलोचना झेल रही ममता बनर्जी को थोड़ी राहत

( Read 5894 Times)

30 Aug, 10 08:03
Share |
Print This Page

आलोचना झेल रही ममता बनर्जी को थोड़ी राहत

कोलकाता | माओवादी नेता चेराकुरी कुमार उर्फ आजाद की हत्या के बारे में दिए बयान के बाद आलोचना झेल रही तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी को थोड़ी राहत महसूस हुई होगी। कारण है वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी का उनके समर्थन में उतरना। रविवार को यहां एक पुस्तक के लोकार्पण कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में प्रणब मुखर्जी ने कहा कि लालगढ़ की रैली में ममता ने आजाद की हत्या के बारे में जो कहा वह गलत नहीं है। साथ ही मुखर्जी ने तृणमूल नेतृत्व के साथ माओवादिओं के संबंधों की बातों को भी सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग बहुत तरह की बातें कहते हैं लेकिन इसे गंभीरता ने नहीं लिया जाना चाहिए। मुखर्जी ने कहा, मुझे नहीं लगता कि रेल मंत्री के बयान में कुछ गलत है। इसे लेकर प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और ममता बनर्जी के बीच विस्तार से चर्चा हुई थी।

ममता ने कहा था कि आजाद को सिर्फ इसलिए मार डाला गया क्योंकि वह केंद्र के साथ बातचीत शुरू करने की पहल कर रहा था। ऐसा है तो इसे स्पष्ट किया जाना चाहिए। इसके बाद भी आंध्र प्रदेश सरकार ने आजाद की हत्या पर अपना बयान दिया है और अपनी स्थिति साफ की है इसलिए इस बारे में कोई बयान देना गलत नहीं है। उन्होंने कहा, ममता गठबंधन सरकार का हिस्सा हैं लेकिन उनकी अपनी राजनीतिक पहचान भी है और यह कहना गलत है कि वह ऐसा बयान नहीं दे सकती। ममता ने पश्चिम बंगाल के लालगढ़ में 9 अगस्त को हुई रैली में कहा था, आजाद की हत्या सही नहीं है। आजाद को आंध्र प्रदेश की विशेष खुफिया शाखा ने 2 जुलाई को अदिल्दाबाद जिले में कथित रूप से एक फर्जी मुठभेड़ में मार गिराया था। माओवादियों के तृणमूल कांग्रेस के साथ संबंध के बारे में प्रणब बोले, ममता ने माओवादियों से वार्ता का जो सुझाव दिया है वह राजनीतिक स्तर पर दिया गया सामान्य सुझाव है। इसका अर्थ यह नहीं लगाया जाना चाहिए कि सुझाव देने वाले दल का संबंध माओवादियों से है। मुखर्जी ने कहा, यदि ममता को लगता है कि नक्सल समस्या का हल बातचीत से निकल सकता है और वह वार्ता के मंच पर माओवादियों को न्योता देती हैं तो इसका अर्थ यह नहीं कि उनके तार नक्सलियों से जुड़े हुए हैं।

उन्हें बयान देने का हक है। वित्त मंत्री ने हालांकि ज्ञानेश्वरी ट्रेन हादसा षड्यंत्र के मुख्य अभियुक्त व एक लाख के इनामी माओवादी उमाकांत महतो के मुठभेड़ से जुड़े सवालों को टाल दिया। महतो की पत्नी ने अपने पति के तृणमूल कांग्रेस के साथ संबंध की बात कही है। नक्सली समस्या के बारे में बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक आधार के कारण माकपा कैडर परिस्थितियों का फायदा उठा रहे हैं, लेकिन उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे इस मामले पर गौर करेंगे। राज्य में हालिया राजनीतिक टकरावों पर मुखर्जी ने कहा, राजनीतिक टकराव, जो भी करता है, एक दुर्भाग्य है और देश में इस प्रकार की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। इसको तत्काल प्रभाव से बंद किया जाना चाहिए।

यह खबर निम्न श्रेणियों पर भी है: भारत
Your Comments ! Share Your Openion
Latest Videos @ Pressnote.in
Rank #1 :: Twitter
Rank #2 :: Fropper
Rank #3 :: Facebook
Rank #4 :: Orkut
Rank #5 :: hi5
Rank #6 :: BIGADDA
Rank #7 :: LinkedIn
Rank #8 :: Myspace
Rank #9 :: Ibibo
Rank #10 :: Bharatstudent.com
About Us
Group Edior : Mr. Virendra Shrivastava
Editor : Dr. Munesh Arora
Best Viewed in IE6+, Mozilla 3+ (1024 x 768 px)
For any queries please mail us at :
newsdesk@pressnote.in
Top 11
The Udaipur
CopyRight : Pressnote.in
WCAG