Pressnote.in

तम्बाकू उपभोग में 6.7 प्रतिशत कीआई गिरावट,

( Read 4088 Times)

10 Jan, 18 10:14
Share |
Print This Page

कोटा,डॉ.प्रभात कुमार सिंघल/देशभर में तंबाकू नियंत्रण की दिशा में हुए सकारात्मक कार्यों का ही नतीजा है कि तम्बाकू उपभोग में 7.6 प्रतिशत की रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है। ग्लोबल एडल्ट तम्बाकू सर्वे के अनुसार वर्ष 2009-10 में यह 32.3 प्रतिशत था, जो 2016-17 में घटकर 24.7 प्रतिशत रह गया। यह सर्वे केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं सीडीसी के तकनीकी सहयोग से किया गया है। बूंदी जिले में भी गत वर्ष तम्बाकू नियंत्रण को लेकर जन-जागरण व प्रचार-प्रसार किया गया था, जिनकी राज्य स्तर पर प्रशंसा की गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक तम्बाकू हमारे देश के लोगों को बीमारी व बेरोजगारी की ओर धकेल रहा है। तम्बाकू का जहर पूरे भारत में फैला हुआ है। अकसर तंबाकू सेवन की शुरुआत कॉलेज में दोस्तों के साथ होती है, जो बाद में ऑफिस और घर में साथ नहीं छोड़ती। हर वर्ष भारत में धूम्रपान की वजह से लाखों लोगों की मौत होती है। इनमें कैंसर से मरने वालों की संख्या सबसे अधिक होती है। इसकी वजह यह है कि तंबाकू में 3000 से अधिक प्रकार के हानिकारक रसायन पाये जाते हैं जो सीधे शरीर के हर हिस्से को नुकसान पहुंचाते हैं। जैसे अमोनिया, कार्बन मोनोऑक्साइड, मेथेनॉल, निकोटिन, कोलतार, रेडियोएक्टिव तत्व आदि।
अब भारत में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी किसी ना किसी रूप में तंबाकू का सेवन कर रही हैं। तंबाकू का सेवन करने वालों में से 20 प्रतिशत पुरुष और 5 प्रतिशत महिलाओं की मौत 30 से 69 वर्ष के मध्य ही हो जाती है। उन्होंने बताया कि सिगरेट की बजाए बीड़ी अधिक हानिकारक होती है। बीड़ी का एक चौथाई हिस्सा एक पूरी सिगरेट के बराबर नुकसान करता है। अगर कोई व्यक्ति रोजाना एक सिगरेट पीता है और वह दस साल तक जिंदा रहता है तो एक बीड़ी रोज पीने से वह छह साल में ही मर जाएगा। बीड़ी और सिगरेट पीने वाले व्यक्ति की मृत्युदर 50 प्रतिशत बढ़ जाती है।
तंबाकू से होने वाली बीमारियो के बारे मेंसीएमएचओ डॉ.सुरेश जैन ने बताया कि तंबाकू चबाने से मुंह का कैंसर खाने की नली, सांस की नली और जननांग का कैंसर होता है। धूम्रपान करने से मुंह का कैंसर, खाने और सांस की नली का कैंसर, फेफड़े, लैरिंक्स, पेट,पित्त की थैली और पेशाब की थैली का कैंसर होता है। इसके अलावा हृदय रोग जैसे ब्लड प्रेशर बढऩा और हार्ट अटैक, सांस का रोग जैसे क्रॉनिक ओबस्ट्रक्टिव पॉलमोनरी डिजीज हो जाती है। यही नहीं, स्मोकिंग से टीबी होने का खतरा भी चार गुना बढ़ जाता है। गर्भपात, बच्चों में विकृतियां और महिलाओं में अनियंत्रित माहवारी की समस्या हो जाती है। अकसर देखा गया है कि लोग तनाव को दूर करने के लिए तंबाकू का सेवन करते हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग है। तंबाकू का सेवन करने वाला व्यक्ति तनाव ग्रस्त होता है।
एसीएमएचओ डॉ. अविनाश शर्मा ने बताया कि 31 मार्च 2018 तक तम्बाकू नियंत्रण जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। अभियान के तहत लोगों को तम्बाकू का सेवन नहीं करने तथा तम्बाकू के दुष्प्रभावों को बताने के लिए अभियान चलाया जाएगा। दुकानदारों से छोटे बच्चों को तम्बाकू नहीं बेचने का आग्रह किया जाएगा। कोट्पा अधिनियम के मुख्य प्रावधानों की जानकारी जन-जागरण को दी जाएगी। आईसीडीएस, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, बाल अधिकारिता विभाग, औषधि नियंत्रण, खात्र सुरक्षा, परिवहन विभाग, बिक्री कर, स्थानीय निकाय, विभागों के जिलाधिकारियों को तम्बाकू नियंत्रण में विभागीय स्तर तथा ब्लॉक स्तर पर की जाने वाली कार्यवाहियों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। एएनएम व आशा सहयोगिनियों को तम्बाकू दुष्प्रभावों तथा इसे छोडऩे में मदद करने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। शिक्षण संस्थाओं व घरेलू स्तर पर भी तम्बाकू मुक्त वातावरण के लाभ के विषय में जानकारी दी जाएगी। समस्त चिकित्सा संस्थान, आंगनबाड़ी केन्द्र को तम्बाकू मुक्त क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। समस्त ग्राम पंचायत भवन में धूम्रपान निषेध साइनेज का प्रदर्शन किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोग तम्बाकू के दुष्प्रभावों को जान सकें। जनप्रतिनिधियों व आमजन का सहयोग लेकर सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान नहीं करने का संदेश प्रचारित किया जाएगा। आमजन को इस अभियान से जोडऩे के लिए प्रदर्शनी रैली, मैराथन दौड़ का भी आयोजन व गणतंत्र दिवस पर तम्बाकू नियंत्रण की झांकी का आयोजन किया जाएगा।
Source :

यह खबर निम???न श???रेणियों पर भी है: National News , Kota News , Health Plus
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like


Loading...

Group Edior : Mr. Virendra Shrivastava
For any queries please mail us at : newsdesk.pr@gmail.com For any content related issue or query email us at newsdesk.pr@gmail.com, CopyRight © All Right Reserved. Pressnote.in