वेदांता ने ५००वें नंद घर की स्थापना

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31 Mar 19
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वेदांता ने ५००वें नंद घर की स्थापना

प्राकृतिक संसाधनों के लिए जानी मानी कंपनी वेदांता समूह ने जयपुर के चाकसू ब्लॉक में ५००वें नंद घर का उद्घाटन किया। वेदंाता द्वारा नंदघर के माध्यम से अब तक १७,००० से अधिक बच्चों और १५,००० महिलाओं तक अपनी पहुंच बनाने के साथ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बालअवस्था विकास का लक्ष्य पुरा करने की ओर अग्रसर है।

वेदांता आने वाले कुछ वर्षों में पूरे भारत में ४,००० नंद घर स्थापित करने के लिए ८०० करोड रुपये खर्च करेगा।

बेटी बचाओ, बेटी पढाओ, राष्ट्रीय पोषण मिशन, स्वच्छ भारत, महिला कौशल विकास, डिजिटल साक्षरता, मातृ और बाल स्वास्थ्य में सुधार के माननीय प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, यह पहल न केवल आदर्श आंगनवाडी की कल्पना को पुरा करेगा, बल्कि बुनियादी ढांचे या सेवाओं के साथ ही बाल एवं महिला विकास के लिए समुदाय से जुडाव के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा।

वेदांता ग्रुप के संस्थापक और अध्यक्ष, अनिल अग्रवाल ने कहा कि “हमारा मानना है कि एक राष्ट्र की महिलाओं और बच्चों के भविष्य में निवेश करने से ही प्रगति संभव है। इस विचारधारा के अनुरूप, वेदांता समूह महिला और बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से ११ राज्यों में ४,००० नंद घर बना रहा है, जो अंततः १४ लाख आंगनवाडयों का बदलाव करेगा जिससे ८.५ करोड बच्चे और २ करोड महिलाएं लाभान्वित होंगे।

उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता बच्चों और महिलाओं का समग्र विकास जमीनी स्तर पर शुरू करना है, जो राष्ट्र का भविष्य बनाते हैं। यह परियोजना पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, बच्चों के लिए पोषण और ग्रामीण भारत में महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तीकरण के लिए संकल्पित है।

एक बेहतर भारत के लिए मार्ग प्रशस्त करने के लिए, नंद घर कार्यक्रम का लक्ष्य है कि हर साल ४ लाख सामुदायिक सदस्यों को सामुदायिक संसाधन केंद्रों के रूप में इस्तेमाल किया जाए। इन ५०० नंद घरों के माध्यम से, वेदांता बच्चों और महिलाओं के बेहतर भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

नंद घर अत्याधुनिक कक्षाकक्ष, सुरक्षित खेल का मैदान, ई-लर्निंग, पौष्टिक भोजन के लिए प्रावधान, सौर पैनल और मोबाइल हेल्थकेयर वैन से सुसज्जित हैं ताकि बच्चों और महिलाओं का कल्याण और प्रगति सुनिश्चित हो सके। कम उम्र में सुरक्षित एवं स्वच्छता की आदतों को सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छ शौचालय भी उपलब्ध हैं।

नंद घरों में शालापूर्व शिक्षा और बच्चों के लिए पौष्टिक भोजन, महिलाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण और संपूर्ण समुदाय के लिए मोबाइल स्वास्थ्य वैन के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा मौजूद हैं।

दिन के उत्तरार्ध में, नंद घर समुदाय की महिलाओं के लिए कौशल विकास के केंद्र के रूप में उपयोग किया जाता है। उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनमें व्यापार कौशल विकसित करने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। कार्यक्रम के माध्यम से ८,००० से अधिक महिलाओं को जोडकर उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए ऋण भी प्रदान किया जाता है।

अनिल अग्रवाल ने समाज के उत्थान के लिए अपनी ७५ प्रतिशत संपत्ति वापस देने की प्रतिज्ञा के अनुरूप, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में ५०० नंद घर बनाकर भारत की महिलाओं और बच्चों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है।


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