भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देगी सरकार: मुख्यमंत्री

( Read 6305 Times)

22 May 20
Share |
Print This Page
भारतीय चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देगी सरकार: मुख्यमंत्री

उदयपुर-जयपुर,मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि ‘निरोगी राजस्थान‘ के हमारे संकल्प को साकार करने में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी सहित अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार इन पद्धतियों को प्रोत्साहन देने में कोई कमी नहीं रखेगी। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के समय इन चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े चिकित्सकों एवं नर्सिंगकर्मियों ने पूरे समर्पण भाव के साथ काम किया है।
श्री गहलोत शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी सहित अन्य भारतीय चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े चिकित्साकर्मियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव में इन पद्धतियों ने भी अच्छा योगदान दिया है। आयुर्वेद विभाग ने काढ़ा एवं अन्य औषधियों के माध्यम से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए जो प्रयास किए उनके अच्छे परिणाम सामने आए हैं। साथ ही अन्य पद्धतियों ने इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए अपने-अपने तरीकों से योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक जीवन शैली में इन पद्धतियांे की प्रासंगिकता और बढ़ी है। आमजन में इनके प्रति विश्वास बढ़ा है। इन पद्धतियों में रिसर्च को बढ़ावा देकर इन्हें वर्तमान जरूरतों के प्रति और उपयोगी बनाया जाए। उन्होंने लोगों को निरोगी बनाने के लिए योग एवं नैचुरोपैथी पर विशेष बल दिया।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने कहा कि आयुष चिकित्साकर्मियों ने महामारी के इस चुनौतीपूर्ण दौर में सराहनीय सेवाएं दी हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि ये पद्धतियां नए रूप में उभर कर आएं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को इनका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस बजट में दो होम्योपैथी कॉलेज खोलने की घोषणा की थी। इस दिशा में जल्द कार्यवाही की जाएगी।
मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता ने कहा कि 6 हजार से अधिक आयुष चिकित्सक एवं नर्सिंगकर्मी कोविड-19 में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। स्क्रीनिंग, टेस्टिंग, उपचार एवं क्वारंटीन की व्यवस्थाओं में उनका सहयोग लिया जा रहा है।  
शासन सचिव आयुर्वेद श्रीमती गायत्री राठौड़ ने बताया कि प्रदेश में करीब 21 लाख लोगों को कोरोना से बचाव तथा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा एवं अन्य औषधियों का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि ये चिकित्सा पद्धतियां निरोगी राजस्थान को जनान्दोलन के रूप में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री रोहित कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उदयपुर में ‘अमृतधारा गोली’ वितरण की दी जानकारी:  
वीडियो कांफ्रेंस दौरान उदयपुर में आयुर्वेद विभाग द्वारा कोरोना कर्मवीरों के लिए अमृतधारा गोली वितरण कार्यक्रम के बारे में कार्यक्रम के प्रभारी डॉ. शोभालाल औदिच्य ने जानकारी दी और बताया कि जिला कलक्टर श्रीमती आनंदी के निर्देशन में जिले में 9 हजार से अधिक अमृतधारा गोलियों के पैकेट्स के वितरण का लक्ष्य है और इसे कोरोना को मात देने में लगे हुए कार्मिकों को मुहैया करवाया जा रहा है ताकि इन कार्मिकों को ग्रीष्मजनित बीमारियों से बचाया जा सके। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने इस कार्यक्रम की सराहना की और आयुर्वेद विभागीय कार्यप्रणाली से संतुष्टि जताई।
जिला आईटी केन्द्र के माध्यम से आयोजित इस वीडियो कॉन्फ्रेंस में आयुर्वेद विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. हीरालाल पानेरी, मदन मोहन मालवीय आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. महेश दीक्षित, सहायक निदेशक डॉ. राजीव भट्ट, होम्योपैथी के चिकित्साधिकारी डॉ. हारून रसीद, डॉ. दिव्यप्रकाश वर्मा, यूनानी चिकित्सक मो. शकील आदि मौजूद रहे।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories : Udaipur News , Rajasthan
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like