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दीपावली पर बच्चों के पोशण का खास ख्याल

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08 Nov 18
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दीपावली पर बच्चों के पोशण का खास ख्याल
भारत में अब हर त्योहार समस्त संप्रदाय एवं र्धमों द्वारा पूरे उल्लास से मनाया जाता है। दीपावली के त्योहार की तयारियॉ भी उसी जोष और उल्लास का संकेत है। जोष और जष्न के बीच में हमें बच्चो के पोशण का भी ख्याल रखना जरुरी है। इस षुभ अवसर पर एैक्षन अगेन्स्ट हंगर की समस्त टीम द्वारा त्योहार की एवं बच्चों को सुपोशित रखने की कामना करती है। एैक्षन अगेन्स्ट हंगर राजस्थान में २०११ से बच्चो में कुपोशण को कम करने पर काम कर रही है एवं इस दीपावली के अवसर पर समस्त माता पिता का ध्यान बच्चों के पोशण की तरफ केंदि्रत करना चाहती है। हर माता पिता को पता होता है की अनके बच्चों को कौन सा व्यजन पसंद है। बच्चों को संतुलित आहार त्योहार पर मिले इसका ध्यान रखना अति आवष्यक है। व्यंजनों को पौश्टिक बनाने हेतु उसमें पालक, गाजर, मगफली, तिल, बेसन, जई, मक्के का आटा का अधिक उपयोग करना चाहिऐ।
एहतियात के तौर पर एैक्षन अगेनस्ट हंगर द्वारा कुछ महत्वपूर्ण सलाहः
खाना समय पर जरुर खिलाऐं जिससे बच्चों को रोज मिलने वाला पोशण ना छूटे
षक्कर के बदले गुड या मधु से बनी मिठाई बनाऐं एवं खिलाऐं
घी, तेल एवं मक्खन से बनी चीजों के बदले रोस्टिड चीजों का उपभोग करें
सूखे मेवे खिलाऐं
मगफली, सूरजमुखी एवं सरसों का तेल ही इस्तमाल करें
उदाहरण के तौर पर एक पौश्टिक व्यंजन बनाने की विधी
पौश्टिक पालक की बर्फी -
तिल २०ग्राम
मूमफली - १० ग्राम
बेसन - २० ग्राम
दूध - २५ मिल.
गुड - १५ ग्राम
पालक - ५०ग्राम
पालक को धो लें और उबाल लें। पानी निथार के इसे पीस लें। बेसन, मगफली के दाने और तिल को भून लें। एक कटोरे में दूध और गुड को घोल लें फिर इसे पालक, बेसन तिल मूमफली के मिक्सचर के साथ मिलाऐ की एक गाढा मिक्सचर बन सके। इसे प्लेट पर डाल कर फैलाऐं और ठंडा होने पर काटे। इस व्यंजन में ८.८ ग्राम आयरन हैं।
इस प्रकार से आप खुद घर पर पौश्टिक चीजों के इस्तमाल से त्योहार में बच्चों के स्वास्थ का भी ध्यान रख सकते हैं।

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