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डॉ. हर्ष वर्धन ने आईसीएमआर के हिस्ट्री टाइमलाइन का अनावरण किया

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29 Sep 20
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-नीति गोपेंद्र भट्ट-

डॉ. हर्ष वर्धन ने आईसीएमआर के हिस्ट्री टाइमलाइन का अनावरण किया

नई दिल्ली,   केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने आज सोमवार को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)के मुख्यालय में टाइमलाइन का अनावरण किया, जिसमें आईसीएमआर की ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्शाई गई हैं। उन्होंने आईसीएमआर के मोबाइल स्ट्रोक यूनिट और कोविड वैक्सीन तथा क्लीनिकल रजिस्ट्री पोर्टल का शुभारंभ भी किया। इस अवसर पर आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव आईसीएमआर-एनआईएन की निदेशक डॉ. आर. हेमलता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा वैज्ञानिक उपस्थित रहे।

          डॉ. हर्ष वर्धन ने आईसीएमआर के हिस्ट्री टाइमलाइन का शुभारंभ किया, जिसमें भारत की प्रमुख अनुसंधान परिषद की यात्रा को दिखाया गया है। इस अनुसंधान परिषद की शुरुआत 1911 में हुई थी, तब इसे इंडियन रिसर्च फंड फाउंडेशन के नाम से जाना जाता था। टाइमलाइन में आईसीएमआर की नीति और कार्यक्रम हस्तक्षेप का विवरण है और रोग नियंत्रण इसके संस्थानों तथा मातृ और शिशु स्वास्थ्य, एचआईवी, कैंसर तथा पोषण के क्षेत्र में किए गए महत्वपूर्ण कार्य का विवरण भी है।

          आईसीएमआर के हिस्ट्री टाइमलाइन को जारी करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा, “आईसीएमआर ने एक और बायोमेडिकल रिसर्च में वैज्ञानिक उन्नयन की बढ़ती मांग और दूसरी ओर देश की स्वास्थ्य समस्याओं के व्यावहारिक समाधान निकालने की आवश्यकता के बारे में सदैव प्रयास किए हैं।” आज के इस क्षण को इतिहास में याद किया जाएगा, क्योंकि आईसीएमआर के इतिहास को एक समुचित तरीके से प्रदर्शित किया गया है।

          नई दर्शनीय वस्तुओं का अनावरण करते हुए डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा, “आईसीएमआर देश में स्वास्थ्य अनुसंधान के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहा है और अब वैज्ञानिक समाधान और हस्तक्षेप के माध्यम से अभूतपूर्व महामारी से निपटने के लिए देश का नेतृत्व कर रहा है। इसने राष्ट्र के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इन प्रदर्शनीय वस्तुओं के माध्यम से लोगों को आईसीएमआर के योगदान को जानकर गर्व होगा।”

          केन्द्रीय मंत्री ने मोबाइल स्ट्रोक यूनिट का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा, “हृदय रोग और उच्च रक्तचाप को देखकर लोगों को निराशा और असंवेदनशीलता होती है। समय पर उपचार से मृत्यु के मामलों में कमी लाई जा सकती है और लोगों को अक्षमता से बचाया जा सकता है। असम में स्ट्रोक के अधिक मामलों के भार और इसके उपचार के अभाव को देखते हुए यह पहल इस क्षेत्र के लोगों की समस्याओं के समाधान में मददगार साबित होगी। टेली-कंसल्टेशन के माध्यम से मोबाइल यूनिट लोगों का समय पर और समुचित उपचार सुनिश्चित करता है।” उन्होंने उन स्वास्थ्य कर्मियों की सराहना की, जो कोविड के कारण सीमित संसाधनों के बीच निस्वार्थ भावना से लोगों की सेवा कर रहे हैं।

          उन्होंने वैक्सीन पोर्टल और कोविड क्लीनिकल रजिस्ट्री पोर्टल की भी शुरुआत की। वैक्सीन विकास की स्थिति पर स्पष्ट और पारदर्शी सूचना के महत्व पर बल देते हुए उन्होंने कहा, “पोर्टल वैक्सीन विकास, जारी क्लीनिकल परीक्षणों और स्थानीय तथा वैश्विक स्तर पर नियमित अंतराल में इस क्षेत्र में हुई प्रगति के बारे में उपयोगी और महत्वपूर्ण सूचना प्रदान करता है। इसलिए यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि देश में वैक्सीन विकास की स्थिति प्रदर्शित की जाए।”

          कोविड-19 के खिलाफ भारत की जंग के बारे में डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा, “भारत की रिकवरी रेट निरंतर बढ़ रही है और मामलों पर मृत्यु दर लगातार गिर रही है। इससे कोविड-19 पर काबू पाने की रणनीति की सफलता साबित होती है। इस रणनीति का राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश पालन कर रहे हैं। कोरोना की शुरुआत के समय देश में केवल एक प्रयोगशाला थी, जबकि आज 1800 से अधिक प्रयोगशालाएं हैं, हम अपनी क्षमताओं को मजबूत करने में काफी रास्ता तय कर चुके हैं। हमने सफलतापूर्वक अपनी जांच क्षमता बढ़ाई है, जो अब प्रतिदिन 15 लाख जांच हो गई है।”

          डॉ. हर्ष वर्धन ने लोगों से कोविड अनुकूल व्यवहार का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि बाहर जाते समय मास्क/फेस कवर पहनने, हाथ धोने का पालन करने और सांस लेने के बारे में शिष्टाचार का पालन करने तथा दो गज की सुरक्षित दूरी बनाए रखने से संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकता है।


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