रविपुष्यनक्षत्रकोहोगा 1000 सेअधिकबच्चोकास्वर्णप्राशनसंस्कार

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13 Dec 19
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रविपुष्यनक्षत्रकोहोगा 1000 सेअधिकबच्चोकास्वर्णप्राशनसंस्कार

प्रणवयोगआयुर्वेदहेल्थकेयरउदयपुरवडाबरइंडियाकेसंयुक्ततत्वावधानमेंस्वस्थबचपनस्वस्थभारतमिशनकेतहतएकदिवसीयविशालस्वर्णप्राशनशिविरकाविधिवतशुभारम्भरविपुष्यनक्षत्ररविवार 15 दिसम्बरकोप्रातः 11 बजेचेतकसर्कलस्थितप्रणवयोगआयुर्वेदहेल्थकेयरपरकियाजायेगा।

यहाँएकनिजीरेस्टुरेंटमेंआयोजितमेंपत्रकारवार्तामेंकार्यक्रमकेप्रेरणास्त्रोतवैद्यशोभालालऔदिच्यनेबतायाकिइसशिविरमें 1 दिनसे 16 वर्षतकके 1000 सेअधिकबच्चोकाआयुर्वेदोक्तकाश्यपसंहिताअनुसारवैदिकविधिविधानसेस्वर्णप्राशनसंस्कारकियाजायेगा।

स्वर्णप्राशनऔषधक्याहै?

शिविरप्रभारीदीपिकामाहेश्वरीनेबतायाकिस्वर्णप्राशनएकविशेषप्रक्रियाहैजिसमेंप्रशिक्षितवैद्योकेद्वाराबच्चोकोस्वर्णभस्मतथाविशिष्टबुद्धिवर्धकऔषधियोंसेमंत्रोकेसाथतैयारकरऔषधकल्पबच्चोकोदियाजाताहै।

आयुर्वेदःमेंहजारोसालपहलेबच्चोमेंसंसाधितस्वर्णकाप्राशन ‘‘स्वर्णप्राशनयास्वर्णबिंदुप्राशनकेरूपमेंउल्लेखितहै।स्वर्णप्राशनद्वाराबच्चोमेंबुद्धि, पाचनशक्ति, शारीरिकशक्तिएवंप्रतिरक्षामेंवर्धनकाउल्लेखहै।

आधुनिकचिकित्साप्रणालीमेंजिसप्रकारसेबच्चेकोसंक्रामकबीमारियोंसेबचानेहेतुवेक्सीनकाप्रयोगहोताहैं, ठीकवैसेहीआयुर्वेदशास्त्रमेंबच्चोकीरोगप्रतिरोधकशक्ति (पउउनदपजल) बढ़ानेहेतुस्वर्णप्राशनएकविशिष्टप्रकियाहैजोआधुनिकटीकाकरणसेपूर्वस्वास्थ्यवद्र्वनकीसर्वाधिकप्रचलितविधारही।

 

 

 

स्वर्णप्राशनकेलाभ

सुवर्णप्राशनहिएततमेधाग्निबलवर्धनम्।

आयुष्यंमंगलमंपुण्यंवृष्यंवण्र्यंग्रहापहम्॥

मासात्परममेधावीव्याधिभिर्नचधृष्यते।

षडभिर्मासैःश्रुतधरःसुवर्णप्राशनाद्भवेत्॥

-सूत्रस्थानकाश्यपसंहिता

डाऔदिच्यनेबतायाकिआजकलकीभागदौडभरीजिंदगीतथातनावपूर्णवातावरणकाबच्चोकेस्वास्थ्यपरबुराप्रभावहोतादिखाईदेताहै।बच्चेबारण्बारबीमारहोरहेहैरोगप्रतिरोधकक्षमतावर्धकस्वर्णप्राशनकरनेसेबच्चोमेंबीमारियोंसेलडनेकीक्षमतामजबूतहोतीहैवआसानीसेबीमारनहीहोतेऔरबीमारहोनेपरभीबीमारीकाअसरकमरहताहै।बच्चोकेदांतआतेसमयहोनेवालीबीमारियोसेछुटकारामिलताहै।

बुद्धिवर्धक-नियमितरूपसेस्वर्णप्राशनकरनेसेबच्चोकीबुद्धितेजहोतीहैऔरयाददाशतबढतीहै।

पाचनशक्तिवर्धक -नियमितसेवनकरनेसेबच्चोकीपाचनशक्तिअच्छीहोतीहैवअग्निवर्धनसेसमयानुसारभूखलगतीहैऔरअच्छेपाचनकेकारणशारीरिकवमानसिकविकासहोताहै।

एलर्जीरोधक-बच्चोमेंएलर्जीकेकारणबारण्बारखांसी ,सर्दी ,नजला , बालकफ ,टान्सिलाइटिस, दमाऔरखुजलीजैसीसमस्याज्यादाहोतीहै।स्वर्णप्राशनकरनेसेमौसमीबीमारियोमेंकमीआतीहै।

बाजारमेंउपलब्धकेमिकलयुक्तसपलिमेंट्सवदवाओंसेबेहतरतथाहानिरहितवस्वर्णप्राशनसेविशेषपरिस्थितियोंजैसे

आटिज्म ,हायपरएक्टिविटी, डेलयडमाईलस्टोनस , अटेंशनडेफिशियन्ट, लर्निंगडिफिकल्टीज , डेलयडस्पीचमेंभीलाभमिलताहैं।

इसकेअलावारोगप्रतिरोधकक्षमताबढतीहैबच्चेशारीरिकवमानसिकरूपसेमजबूतबनतेहैऔरउनकास्टेमिनावबलहमउम्रकेबच्चोसेबेहतरहोताहै , बच्चोकेरंगऔररूपमेंभीनिखारआताहै ,वजनवलम्बाईमेंसमयानुसारवृद्धिहोतीहै।धर्मग्रन्थोकेअनुसारयहआयुष्यमंगलकारीपुण्यकारीहैंवस्वस्थदीर्घायुजीवनकासंस्कारहैं।

स्वर्णप्राशनकबऔरकैसे ?

जन्मसेलेकर 16 वर्षतकआयुकेबच्चोमेंस्वर्णप्राशनकियाजासकताहैं।

मानवमस्तिष्कबाल्यावस्थाकेदौरानसर्वाधिकजैविकविकासप्रदर्शितकरताहै, और 6 वर्षकीउम्रसेपहलेअपनीवयस्कमात्राकालगभग 90 प्रतिशततकवजनहासिलकरलेताहैआयुर्वेदअनुसारजन्मकेबादजितनीजल्दप्रारम्भकियाजाये, उतनाहीलाभकारीहोताहैं।

प्रत्येकपुष्यनक्षत्रमेंचिकित्सकीयसलाहपरप्रारम्भकियाजासकताहै।

बच्चाबीमारहोतोडॉक्टरकीसलाहअनुसारहीयेओषधिदे।

स्वर्णप्राशनकरनेकेआधेघंटेकेपहलेऔरआधेघंटेकेबादमेंकुछभीखानेवपिनेकोनदें।

यहकल्पमंत्रोच्चारकेसाथचिकित्सककेनिर्देशनमेंदियाजाताहैं।

प्रत्येकबच्चेकावर्षभरकास्वर्णप्राशनकार्डनिःशुल्कबनेगाववर्षभरप्रतिमाहहरपुष्यनक्षत्रकोहोगाआयोजन

महाभियानप्रभारीदीपिकामाहेश्वरीनेबतायाकिप्रत्येकबच्चेकोरोगीहोनेसेबचानाहीइसमहाभियानकामुख्यउद्देश्यहै , स्वस्थबच्चेहीस्वस्थभारत- श्रेष्ठभारतकानिर्माणकरेंगेअतःशिविरकेदौरानपंजीकृतबच्चेकानिःशुल्कस्वर्णप्राशनकार्डबनेगाजिसमेंबच्चेकीलम्बाई , वजनवअन्यशारीरिक-मानसिकपेरामीटर्सकारिकाॅर्डरहेगावकार्डकेआधारपरबच्चेकोवर्षभरनिःशुल्कआयुर्वेदचिकित्सापरामर्शउपलब्धहोगावकार्डमेंसंधारितपेरामीटर्सकेअनुसारहीआगेकीप्रक्रियानिधारितहोगी।

स्वर्णप्राशनपुष्यनक्षत्रमेंदेनाज्यादाप्रभावकारी

पुष्यकाअर्थहै - पोषणकरनेवालाजिससेऊर्जावशक्तिमिलतीहै।पुष्यनक्षत्रकोसरंक्षण, सवर्धनऔरसमृद्धिकाप्रतीकमानागयाहै।जोभारतीयपरम्परामेंबहुतहीमंगलकारीऔरशुभहोताहैएवयथोचितफलप्रदानहोताहै।इसलिएस्वर्णप्राशनपुष्यनक्षत्रमेंदेनाज्यादाप्रभावकारीहोताहै।

आयुर्वेदीयग्रन्थोकेअनुसारमंत्रवहवनकेद्वाराऔषधियोमेंकियाऊर्जाआधान

शिविरसंयोजकवैद्यसंजयमाहेश्वरीनेबतायाकिस्वर्णप्राशनहमारेसोलहसंस्कारोमेंएकसंस्कारहै।वैदिकपरम्पराअनुसारऔषधियोकोवैदिकहवनवमंत्रोकेद्वारासंस्कारितकरउनकेसात्विकगुणोमेंवृद्विकेसाथप्रभावशीलताकोबढायाजासकताहै।इसीपरम्पराकानिर्वहनकरतेहुएऔषधनिर्माणसेपूर्वऔषधपूजनवअभिमंत्रितकरनेहेतुआर्यसमाजसज्जननगरमेंविशेषहवनकियागया।

मिश्रणकेघटकद्रव्यएवविधि

24 कैरेटस्वर्णसेबनीस्वर्णभस्म, मधुएवंऔषधियघृतद्वारायहकल्पतैयारकियाजाताहैं।

इसअवसरपरमदनमोहनमालवीयआयुर्वेदमहाविद्यालयकेपूर्वप्रोफेसरकेएम्अग्रवालनेस्वर्णप्राशनकेबारेमेंजानकारीदी I

इसअवसरपरवैद्यइक़बालगोरी ,वैद्यहिमांशुजैन ,वैद्यमनीषगेहलोत ,डाबरइंडियाकेनीलेशचौबीसा ,सचिनशर्मा ,विनयप्रतापआदिउपस्थितथे I

 


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