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दुनिया को परिचय करा उनका जीवन बदल रहा द सेवेज ह्यूमन्स स्टार्टअप

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28 Mar 23
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दुनिया को परिचय करा उनका जीवन बदल रहा द सेवेज ह्यूमन्स स्टार्टअप

अनजानें लोगों के बिजनेस से दुनिया को परिचय करा उनका जीवन बदल रहा द सेवेज ह्यूमन्स स्टार्टअप

उदयपुर। भारत में ऐसे सैकड़ों लोग है जो जीवन में संघर्ष करते हुए दुनिया की नजरों से दूर रह कर अपना कारोबार कर रहे है। स्टार्टअप कंपनी द सेवेज़ ह्यूमन्स ऐसे संघर्षरत लोगों को ढूंढ कर उनकी संघर्ष की कहानी को सोशल प्लेटफार्म पर डालकर न केवल उनका जीवन बदल रहीं है वरन् उनके बिजनेस को नई उंचाईयंा भी प्रदान कर रही है। यह एक ऐसा स्टार्टअप है ऐसी संघर्ष की कहानियों को हर महीने 50 लाख लोगांे तक पहुंचा रहा है।  
सैवेज  ह्यूमन्स के फाउंडर देवेश वर्मा और पलाश खंडेलवाल ने बताया कि इस स्टार्टअप का मकसद ऐसे लोगों का पता लगाकर उनकी सत्य स्टोरी लिखकर सोशल मीडिया के जरिये उन्हें एक प्लेटफार्म उपलब्ध कराता है ताकि वे दुनिया मंे अपने संघर्ष और अच्छे कामों से खुद और दूसरांे की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकें।  
सैवेज ह्यूमन्स ने अभी तक इस तरह के 900 से ज्यादा ऐसे लोगों की स्टोरीज को कवर कर चुका है जो अपने कार्याे से समाज मंे सकारात्मक बदलाव ला चुके है और निरंतर लाने हेतु प्रयासरत है।
एक स्टोरी को कवर कर उसे मात्र 60 सेकण्ड में कम शब्दों में उस व्यक्ति के जीवन की कहानी को आमजन तक पंहुचाया जाता है। सबसे खास बात यह है कि द सेवेज़ ह्यूमन्स के प्रति लोगों में इतना क्रेज है कि स्टार्टअप द्वारा स्टोरी को सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर डालते ही उसे कुछ ही घ्ंाटो में लाखों व्यूज मिल जाते है, जो इस स्टार्टअप की सफलता का प्रतीक है। कुछ ऐसी स्टोरी भी होती है जिसे देखकर जनता उस व्यक्ति के बारें में पता लगानें हेतु उत्सुक रहती है। ऐसी कुछ वायरल स्टोरीज में चमार स्टूडियो के फाउंडर सुधीर राजभार , सागर रत्ना के फाउंडर जयराम , पद्मश्री अवार्डी चुटनी देवी और ऐसी कई मोटिवेशनल स्टोरीज है जिन पर हर महीने लगभग 50 लाख व्यूज़ आते है। उन स्टोरीज को देख कर कई लोगो को संस्थाए अवार्ड देकर सम्मानित भी करते है और कई लोग उन्हें फंडिंग देने के लिए एप्रोच करते है।
वर्मा और खंडेलवाल का मानना है कि आप जैसा देखते है वैसे ही बन जाते है या वैसा बनने की कोशिश करते है और इस समय इंडिया का यूथ सोशल मीडिया पर वीडियोज़ देख उन्हें कॉपी करनें मंे लगा हुआ है।
द सेवेज़ ह्यूमन्स हमेशा से सकारात्मक स्टोरीज़ को आगे लाने का प्रयास करता है। सोशल मीडिया पर पॉजिटिव और रियल लाइफ मोटिवेशनल स्टोरीज लोगांे को दिखाएं जिससे लोग इंस्पिरेशन लेकर अछे काम करने के लिए अग्रसर हो।
इस तरह हुई शुरुआत-सैवेज ह्यूमन्स की शुरुआत 2019 में इंदौर से एक छोटे से स्थान से की। सीईओ देवेश इस स्टार्टअप को शुरू करने के पहले 5 साल इंदौर के एक बड़ी स्टार्टअप कंटेंट कंपनी विट्टी फीड मंे सोशल मीडिया क़े साथ कंटेंट रिसर्च एंड डिस्ट्रीब्यूशन हेड की तौर पर काम कर रहे थे, जो की अभी हाल ही में स्टेज एप के साथ शार्क टैंक मे भी आयी थी। द सेवेज़ स्टार्टअप ने एक ही शहर से नहीं वरन् देश के विभिन्न स्थानों पर जा कर वहंा के लोगों की संघर्षमय कहानी का आगे लाने का प्रयास किया।
देवेश को स्टार्टअप शुरू करनें की प्रेरणा उसी कंपनी में 5 साल काम करते हुए मिली, जहां वे अपने टीम मेट पलाश खंडेलवाल से मिले, जो अब सैवेज हुमंस क़े एक फाउंडर है। दोनों दिन भर कंटेंट और स्टार्टअप क़े डिस्कशन किया करते रहते थे। कुछ समय बाद पलाश अपनी मास्टर्स की पढाई करने क़े लिए न्यूज़ीलैण्ड चले गए लेकिन पलाश और देवेश क़े बीच कंटेंट और नए नए स्टार्टअप आइडियाज को लेकर प्रतिदिन डिस्कशन होता रहता था. फिर एक दिन उन्होंने अपने अन्य साथियो क़े साथ मिल कर एक कठिन फैसला लिया और अपनी सेफ जॉब्स को छोड़ कंटेंट और सोशल मीडिया क़े एक्सपेरिंस को लेकर द सेवेज़ ह्यूमन्स की शुरुआत की।
इसके साथ साथ द सेवेज़ ह्यूमन्स ब्रांड्स को डिजिटल मार्केटिंग सलूशन भी प्रोवाइड करती है। मध्य प्रदेश एवं राजस्थान के प्रेस्टिज एफएमसीजी व शार्क टैंक में फीचर से हुई। होम स्ट्रेप,स्टेज राजस्थान,ओटीटी फॉर भारत द सैवेज ह्यूमन्स के ही क्लाइंट्स है।
संघर्षमय लोगों की कहानी बच्चों को दिखाकर उन्हें न केवल अभिप्रेरित करना है  वरन् उनके जीवन को एक नई दिशा भी मिलेगी। स्टार्टअप का अगला लक्ष्य अपने स्टार्टअप क़े नेक्स्ट फेज क़े लिए एक ऐसा कन्टेन्ट,एम टेक प्लेटफार्म क्रिएट कर रही है जो आम जनता को सैवेज ह्यूमन्स स्टोरीज क़े हीरोज से कनेक्ट कर स्टार्टअप, एनजीओ, सोशल वर्क और बिज़नेस करने क़े गुर सिखाएंगे।


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