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न बने जल –रेगिस्तान

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16 Oct 20
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  न बने जल –रेगिस्तान

जिस तरह से हमने अपनी जीवनशैली बदली है और पानी का दोहन व उपयोग अनियंत्रित किया है उससे अधिक से अधिक पानी दूषित होता जा रहा है और देश की 17% नदियां और जल स्रोत प्रदूषित हो चुके हैं ।देश का 30% जल भी विषैला हो चुका है,और वह अब किसी काम का नहीं है उसमें ना तो कोई जीव जंतु और ना ही कोई वनस्पति जीवित रह सकती है उसे फ्लुइड डेजर्ट (जल रेगिस्तान) कहते हैं यह बात आज यहां बाड़मेर मेडिकल कॉलेज वेबीनार में उदयपुर के वरिष्ठ डॉ पी सी जैन जो पिछले दो दशकों से जल संरक्षण एवं नशा मुक्ति अभियान में लगे हैं उन्होंने विद्यार्थियों के समक्ष कही|


 

उन्होंने अपने प्रेजेंटेशन में मेडिकल छात्रों के लिए विशेष विशेष तौर से इन विषैले जल में उपस्थित मिकल जैसे फ्लोराइड ,आर्सेनिक , लेड क्रोमियम, नाइट्रेट ,केमिकल पेस्टिसाइड्स फर्टिलाइजर से होने वाली बीमारियों की चर्चा की |विशेष तौर से फ्लोराइड जो राजस्थान में बहुत अधिक है उससे हड्डियों, दांत, मांस पेशियों में होने वाले कुप्रभाव को दर्शाया। प्रिंसिपल डॉ आर .के आसेरी ने डॉ पी सी जैन का स्वागत कर वेबिनार को प्रारम्भ किया।

नेहा शर्मा की सुंदर प्रस्तुति जल -गीत यह “जल यह जल ,यह ना होजाये ओझल, यह कल कल करता जल” से वेबिनार प्रारम्भ हुई।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की आर ओ वाटर की चेतावनी बताते हुए कहा कि 100 से कम टी डी ऐस का पानी कैल्शियम, मैग्नीशियम ,विटामिन डी की कमी ,डायबिटीज ,ऑस्टियोपोरोसिस इत्यादि कई बीमारियां पैदा कर सकता है| इसलिए 300 से 400 टी डी ऐस का पानी ही उत्तम है।

प्राचीन टांके किस तरह बनाते थे और वर्षा जल को किस तरह छतों से इन टांको में वर्ष भर सुरक्षित रखा जाता यह भी राहुल सोनी ने वीडियो से बताया।

डॉ जैन ने देवास वाटर फ़िल्टर जो सबसे ,सस्ता,सरल और तेज गति से भुजल को रिचार्ज करता उसके बारे में विस्तार से बताया।

अंत मे विद्यार्थियों ने डॉ जैन लिखित जल-नाटिका "स्वयंवर" का सुंदर मंचन किया जिसमें राजकुमारी उसी राजकुमार के गले मे वरमाला डालती है जो अपने राज्य में रेन वाटर हार्वेस्टिंग द्वारा जल संचय करता हे | नाटिका में कशिश मित्तल, नेहा शर्मा,तुषार भारद्वाज ,रुत्वी चौधरी ,हर्षिता पंडित ,ध्रुव सिंह परिहार ,जयंत शर्मा ,जतिन खत्री ,नेहा बिश्नोई ,वैशाली लट्टा,तन्वी वर्मा ,सरोज सिंह कसोटिया ने अभिनय किया।

धन्यवाद डॉ भूपेंद्र पटेल ने ज्ञापित किया।

 


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