रेवदर कॉलेज में विज्ञान व वाणिज्य फैकल्टी खुली 

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04 Jul 22
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डिग्री कॉलेज बना पीजी कॉलेज

रेवदर कॉलेज में विज्ञान व वाणिज्य फैकल्टी खुली 

सिरोही । राज्य सरकार ने एक आदेश जारी का मातुश्री शांताबा हजारीमलजी के. पी. संघवी राजकीय महाविद्यालय को डिग्री कॉलेज से क्रमोन्नत कर इसे पोस्ट ग्रेज्युट कॉलेज कर दिया हैं। इतिहास विषय मे अब यहां स्टूडेंट्स पोस्ट ग्रेज्युट की डिग्री ले सकेंगें। पिछले लम्बे समय से इस कॉलेज में साईंस लेब व भवन बनने के बाद भी साईंस व कॉमर्स फैकल्टी नही खोली जा रही है थी जिससे रूसा कोष से ९ करोड की लागत से बना भवन कबुतर खाना बना हुआ है। रूसा कोष से बने इन भवनों की तरफ प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री, लोकल सांसद, विधायक, कॉलेज आयुक्तालय व जिला कलक्टर का बार बार पावापुरी ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन की तरफ से ध्यान दिलाने के बाद अब सरकार ने इस पीजी कॉलेज में इसी सत्र से विज्ञान व कॉमर्स फैकल्टी खोंलने के आदेश जारी कर उसके लिए सह आर्चाय व लेब टेक्नीशियन के पद की भर्ती के भी ओदश नव गठित शिक्षा सोसायटी को दिए है। यहां उल्लेखनीय है कि पावापुरी ट्रस्ट ने ५ करोड की लागत से डिग्री कॉलेज का भवन बनाकर सरकार को सुर्पुद किया उसमे कला संकाय चल रहा है ओर ६५० से अधिक स्टूडेंट्स शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
    अब इस कॉलेज में स्टूडेंट्स को कला, विज्ञान व कॉमर्स, की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इसी सत्र से इसके लिए प्रवेश शुरू हो गये हैं। यह जानकारी कॉलेज प्राचार्य गोविन्द नैनिवाल ने दी।
    कॉलेज का पीजी कॉलेज मे क्रमोन्नत करने और यहां विज्ञान व कॉमर्स विषय खोंलने पर पावापुरी ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन ने सभी के प्रति आभार व धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि इससे रेवदर क्षेत्र के स्टूडेंट्स को उच्च शिक्षा का पूरा लाभ मिलेगा ओर क्षेत्र की ५० हायर सेकंडरी स्कूल के १२ वी. के स्टूडेंट्स को अब रेवदर में ही आगे पढने का अवसर मिलेगा। इस वर्ष विज्ञान में १४० व कॉमर्स में ८० स्टूडेंट्स को एडमिशन दिये जायेगें। सरकार ने इसके लिए टीचिंग स्टॉफ व लेब टेक्नीशियन के पद भी स्वीकृत किये हैं। रूसा की ओर से विज्ञान-कॉमर्स भवन, विज्ञान लेब, ई लाइब्रेरी, कैटिन व पार्किंग  स्थल बनाया गया हैं लेकिन केन्द्र व राज्य सरकार दोनो के सयुंक्त कोष से बने इन भवनों का लोकार्पण दो वर्ष से नही होने से इनका उपयोग शुरू नही हो सका। अब इस वर्ष से इन सभी भवनो का उपयोग शुरू होगा।


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