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वृहद विधिक सेवा शिविर का हुआ आयोजन

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02 Dec 19
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वृहद विधिक सेवा शिविर का हुआ आयोजन

प्रतापगढ।  माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना में वृहद विधिक सेवा शिविर का आयोजन राजकीय महाविद्यालय, प्रतापगढ में जिला एवं सेशन न्यायाधीश महोदय श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा की अध्यक्षता में किया गया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश की अगवानी एन.सी.सी. व स्काउट के कैडेट्स, पुलिस के जवान, उप पुलिस अधीक्षक श्री गोपाल हिंडोनिया, न्यायाधीशगण तथा अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री गोपाल लाल स्वर्णकार, उपखण्ड मजिस्ट्रेट श्री विनोद मल्होत्रा द्वारा की गयी। शिविर का प्रारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से किया गया। महाविद्यालय की प्रोफेसर डॉ. मनीषा चोरडिया के द्वारा माँ सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की गयी। तत्पश्चात् अतिथिगण का माल्यार्पण एवं पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया।

        कार्यक्रम में जिला न्यायपालिका, समस्त न्यायाधीशगण व जिला प्रशासन तथा विभिन्न विभागों के द्वारा भाग लिया गया। कार्यक्रम की शुरूआत में सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री लक्ष्मीकांत वैष्णव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की स्कीमों के बारे में बताते हुए लीगल एड, पीडित प्रतिकर स्कीम, जेल निरीक्षण, सम्प्रेक्षण गृह निरीक्षण तथा डीएलएसए की एक्टीविटीज पर प्रकाश डाला व प्रतिवेदन को पढा। श्री वैष्णव के द्वारा चूंकि इस समय संविधान सप्ताह भी मनाया जा रहा है मौलिक कर्तव्यों तथा अधिकारों के बारे में बताते हुए यह कहा गया कि हमें सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करना होगा साथ ही नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की पालना में अधिक से अधिक पेड लगाने होंगे तथा पानी की सुरक्षा करनी होगी व लीगल लीट्रेसी क्लब्स के जरिये शिक्षा जगत व प्रत्येक नागरिक में विधिक जागरूकता लानी होगी, ताकि अपराध को आरंभ से पहले ही खत्म किया जा सके।

        कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री गोपाल लाल स्वर्णकार के द्वारा बालकों एवं श्रमिकों से संबंधित लोक कल्याणकारी स्कीमों के बारे में बताया तथा यह कहा कि किसी भी व्यक्ति को दण्डित किये जाने से पूर्व उसे सुनवाई का समुचित अवसर दिया जाना चाहिए। इसी क्रम में श्रम निरीक्षक मदालसा जाडावत द्वारा श्रमिकों को दी जाने वाली राज्य सरकार की योजनओं के बारे में बताया गयां। पोक्सो न्यायालय के न्यायाधीश श्री परमवीर सिंह चौहान के द्वारा भारत के संविधान के प्रावधानों के बारे में बताते हुए यह कहा कि हमें अपने राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान तथा इस राष्ट्र की गौरवशाली परम्पराओं का सम्मान करना चाहिए।

        चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपस्थित प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ. पी. दायमा के द्वारा रक्त दान के महत्व को बताया गया साथ ही चूंकि ०१ दिसम्बर विश्व एड्स जागरूकता दिवस है इसलिए इस रोग से बचाव उपचार और सावधानियों पर प्रकाश डाला गया और कहा कि हमें नियमित रूप से रक्त दान करना चाहिए ताकि हमारे शरीर में बढने वाले कॉलेस्ट्रोल तथा खुन का गाढापन कम हो और व्यक्ति बिना खुन पतला करने वाली दवाई लिए ब्लड प्रेशर तथा हृदय की बीमारियों से बचा रह सके।

        अपने संबोधन के दौरान कार्यक्रम के अध्यक्ष जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा ने कहा कि हर गरीब मजलूम और बेसहारा की सहायता के लिए माननीय राल्सा तथा माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय मजबूती से खडा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मे ंकोई भी व्यक्ति आकर अपनी बात कह सकता है। जिसकी बात कहीं भी सुनी नहीं गयी हो। श्री शर्मा के द्वारा माननीय नाल्सा के द्वारा जारी निर्देशों की पालना में विधिक सेवा के नये आयामों पर भी प्रकाश डाला। राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विजय गुप्ता के द्वारा उपस्थित समस्त अधिकारीगण बालक बालिकाओं महिलाओं तथा पुरूषों व कर्मचारीगण को मौलिक कर्तव्यों के पालन की शपथ दिलाई। शिविर में लोक कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के तहत् समाज कल्याण विभाग की ओर से व्हील चेयर एवं बैसाखी का वितरण किया गया। राज्य सरकार की निःशुल्क साईकिल वितरण योजना के तहत् २० बालिकाओं को साईकिल वितरण की गयीं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से ब्लड डोनेशन कैम्प, निःशुल्क बी.पी. व शुगर की जांच एवं दवा वितरण किया गया। आयुर्वेद विभाग की ओर से सर्दी के मौसम को देखते हुए आयुर्वेदिक औषधि कुटकी, गुड, मुनक्का तथा घटक द्रव्यों के साथ बनाये गये आयुर्वेदिक काढे का वितरण किया गया। परिवहन विभाग की ओर से सडक सुरक्षा नियमों की स्मारिका छात्रों और छात्राओं को वितरित की गयी। वन विभाग की ओर से कॉलेज परिसर में पौधारोपण किया गया। इन पौधों को जिला एवं सेशन न्यायाधीश महोदय के द्वारा कॉलेज प्रिन्सीपल एवं प्रोफेसर्स को गोद दिया गया।

        कार्यक्रम में विभिन्न राजकीय स्कूलों की ३०० बालिकाओं के साथ-साथ अन्जुमन फुरकानिया मदरसा स्कुल की बालिकाऐं मय प्रिंसिपल श्री मंसूरी के साथ शिविर में उपस्थित थी। जिला शिक्षा अधिकारी श्री शांतिलाल शर्मा व प्रिंसिपल श्री मंसूरी की पहल पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश श्री लक्ष्मीकांत वैष्णव के द्वारा समस्त छात्र-छात्राओं न्यायालय विजिट करने और न्यायालय की कार्यप्रणाली से अवगत कराने हेतु आश्वासन दिया व तारीख निर्धारित करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिये।

        शिविर में पारिवारिक न्यायाधीश श्रीमति आशा कुमारी, एमएसीटी न्यायाधीश   श्री महेन्द्र कुमार मेहता, पोक्सो न्यायाधीश श्री परमवीर सिंह चौहान, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री लक्ष्मण राम बिश्नोई, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ श्री विक्रम सांखला, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अरनोद श्रीमति कुमकुम सिंह, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, छोटीसादडी श्री देवेन्द्र सिंह पंवार, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ    श्री महेन्द्र सोलंकी, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रतापगढ श्री कृष्ण कुमार अहारी, श्री विनोद मल्होत्रा उपखण्ड अधिकारी, प्रतापगढ, जेल उपाधीक्षक श्री शिवेन्द्र शर्मा,        श्रम निरीक्षक मदालसा जाडावत, उपाधीक्षक श्री गोपाल हिंडोनिया, थानाधिकारी प्रतापगढ    सी.आई. श्री मदनलाल, जिला अभिभाषक संघ सचिव, श्री रमेशचन्द्र शर्मा, पैनल अधिवक्ता    श्री अजीत कुमार मोदी, श्री कुलदीप शर्मा-अधिवक्ता, जिला शिक्षा अधिकारी  श्री शांतिलाल शर्मा, महाविद्यालय प्राचार्य श्री विजय गुप्ता, डॉ. मनीषा चौरडिया, डॉ. सौरेन्द्र मोहन रॉय,    डॉ. मोहनलाल मेघवाल, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी श्री ओ. पी. दायमा, न्यायिक कर्मचारी संघ अध्यक्ष श्री विजय खाण्डिया, अन्य अधिवक्तागण  व भारी जन समूह उपस्थित रहा।

        कार्यक्रम में आभार प्रदर्शन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री लक्ष्मण राम बिश्नोई ने किया एवं मंच संचालन श्री तरूण दास वैरागी वरिष्ठ अधिवक्ता के द्वारा किया गया। साथ ही भारत के संविधान की प्रस्तावना का भी वाचन किया गया।

         

 


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