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बाढ़ का पानी उतरा, सफाई,पेयजल, विद्युत आपूर्ति बहाली में जुटा प्रशासन

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19 Sep 19
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डॉ. प्रभात कुमार सिंघल

बाढ़ का पानी उतरा, सफाई,पेयजल, विद्युत आपूर्ति बहाली में जुटा प्रशासन

कोटा  |  चम्बल में पानी की आवक कम होने पर बाढ प्रभावित स्थानों पर आवासीय क्षेत्रों में पानी उतरते ही बुधवार से जिला प्रशासन की टीम पूरी मुस्तैदी के साथ सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति बहाल करने में जुट गई। जिला कलक्टर मुक्तानन्द अग्रवाल के निर्देशन में निगम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में 100 टिपर, 28 ट्रेक्टर, 12 जेसीबी एवं एक डम्पर लगाकर सफाई कार्य अभियान के रूप में शुरू किया है। 
          जिला कलक्टर ने नयापुरा स्थित हरिजन बस्ती, गुजराती बस्ती, खेडली फाटक स्थित नन्दाजी की बाडी में निगम की टीम द्वारा किये जा रहे सफाई कार्य का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को पूरी मुस्तैदी के साथ पानी के बहाव के साथ कचरे को हटाने, नालों में जमा कचरे की निकासी एवं आवासीय क्षत्रों में खराब हुए सामान को हटाने के निर्देश दिये। निगम की उपायुक्त कीर्ति राठौड ने बताया कि सफाई कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया जा चुका है। पर्याप्त संसाधनों के साथ क्षेत्रवार सफाई कार्मिकों की विशेष टोलियां बनाकर कार्य को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐलन स्वच्छता ब्रिगेड एवं अन्य संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है। क्षेत्र में नगर निगम एवं नगर विकास न्यास के एक-एक अभियंता को भी नियुक्त कर मॉनिटरिंग के निर्देश दिये गये हैं। 
बाढ के मंजर के निशां मिटे एक दिन में
            प्रभावित आवासीय क्षेत्रो में बाढ के मंजर सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति एवं सडकों के क्षतिग्रस्त होने में स्पष्ट दिखाई दे रहा हैं। जिला प्रशासन की टीम द्वारा किये जा रहे कार्य के परिणाम एक ही दिन में दिखाई देने लगे हैं। केईडीएल द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में 95 प्रतिशत विद्युत सप्लाई चालू कर दी गई है। सात स्थानों पर विद्युत ट्रांसफार्मर बदले गये हैं। 10-10 टीमें दिन-रात विद्युत तंत्र को ठीक करने के लिए विशेष रूप से तैनात की गई है।   
नुकसान का सर्वे प्रारंभ
            प्रशासन द्वारा बाढ प्रभावित क्षेत्रों में हुए नुकसान का सर्वे करने के लिए विशेष टीमें तैनात कर क्षेत्रवार राजस्व निरीक्षक व पटवारियों के दल को घर-घर जाकर सर्वे करने के निर्देश दिये हैं। जिला कलक्टर ने हरिजन बस्ती नयापुरा में सर्वे टीम द्वारा किये जा रहे कार्य का निरीक्षण कर पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य करने के निर्देश दिये। 
 

 विशेष चिकित्सा टीमों का गठन
                  चिकित्सा व्यवस्था की नोडल अधिकारी सीईओ जिला परिषद शुभम् चौधरी ने बताया कि शहरी क्षेत्र हेतु 16 टीमे गठित की गई जिसमें मेडिकल ऑफिसर, रेजिडेन्ट डॉक्टर एवं नर्सिंग स्टॉफ शामिल होगे। ये टीमें सभी प्रभावित क्षेत्रों एवं आश्रय स्थलों पर प्रातः 9 से 12 व सायं 3 से 5 बजे तक मेडिकल सुविधा उपलब्ध करवायेगी। इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत समिति इटावा में 7 टीमें, सुल्तानपुर में 7 टीमें एवं लाडपुरा में 2 टीमें लगाकर एक दिवस में 2-3 गॉव में केम्प आयोजित कर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निर्देश प्रदान किये गये। 
          इसके अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा ब्लॉक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र के समस्त ग्रामों में नगर निगम एवं चिकित्सा विभाग को संयुक्त रूप से सम्मिलित होकर मच्छरों से उत्पन्न बीमारियों की रोकथाम हेतु फोगिंग कराने के भी निर्देश दिये गये। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में बाढ उपरान्त सम्भावित बीमारियों यथा बुखार, श्वसन संक्रमण, डायरिया, चर्म रोग, फंगल इन्फेक्शन, मच्छरों से उत्पन्न बीमारियों आदि की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये। ड्रग वेयर हाउस प्रभारी को चिकित्सा टीमों को पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता रखने के निर्देश दिये गये।
 जुट रहा है कारवां
         बाढ पीडितों की सहायता के लिए शुरू किये गये सामग्री संग्रहण एवं वितरण केन्द्र पर लगातार शहर के सामाजिक, धार्मिक व व्यापारिक  संगठनों द्वारा बढ चढकर सहायता की सामग्री प्रदान की जा रही है। बुधवार को 342 पैकिट बिस्किट, 500 पैकिट नमकीन, एक कम्बल, 16 बैग पुराने कपडे, 75 किलो आटा, 2 किलो नमक, 5 किलो दाल, 7 किलो चावल, 7 किलो शक्कर, एक किलो चाय, 3 पीपे तेल, एक बैग स्टील के बरतन, प्राप्त हुए। इसी प्रकार राशन किट 3400, बाल्टी 1500, बेडशीट 850, टूथपेस्ट व ब्रुश एक हजार, दैनिक उपयोग के किट 400 प्राप्त हुए। 
        भोजन व्यवस्था प्रभारी एवं सीईओ जिला परिषद शुभम चौधरी ने बताया कि कोटा शहरी क्षेत्र में 40 आश्रय स्थलों पर नियमित रूप से भोजन, नाश्ता, चाय की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के सहयोग से की जा रही है।  उन्होंने बताया कि स्वयं सेवी संस्थाओ में मुख्य रूप से पैट्रोल एवं डीजल एसोसिएशन, ग्रेन मर्चेन्ट एसोसिएशन, टेलर एसोसिएशन, जैन समाज, लॉयन्स क्लब, गुरूद्वारा आजमगढ एवं समाज सेवकों द्वारा दिन-रात कार्य किया जा रहा है।
         उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत समिति इटावा की ग्राम पंचायत गेंता के ग्राम कीरपुरा, ग्राम पंचायत बम्बूलिया कलां के ग्राम रघुनाथपुरा, हवाखेडली, ग्राम पंचायत ककरवादा के ग्राम सुमेरनगर, रोडगंज, नीमसरा, ककरावदा, ग्राम पंचायत नोनेरा के ग्राम खरवन व नोनेरा, ग्राम पंचायत नीमोला के ग्राम गोठडाकलां, ग्राम पंचायत जलोदा खातीयान के ग्राम ढीपरी कालीसिंध में प्रभावित परिवारों को भोजन, आवास आदि की सुविधाऐं प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि पंचायत समिति सुल्तानपुर के ग्राम मोहम्मदपुरा, सांगाहेडी, दिवानिया, पीपल्दा समेल, खेडली सहरान, नृसिंहपुरा, कोटडादीपसिंह, पीपल्दा सांड, फतेहपुर खुश्क, मण्डावरा में नीचली बस्ती, मेहराना एवं छीपडदा में महिला, पुरूष एवं बच्चों को राजकीय विद्यालयों व अन्य भवनों में आश्रय स्थल बनाकर उनके लिए नाश्ता, भोजन, पानी आदि की व्यवस्था की जा रही है। पंचायत समिति लाडपुरा के पीपल्दा शेखान में भी लोगो के भोजन व रहने की व्यवस्था की जा रही है।

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