प्रधान कार्यालय, उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर का ग्रीन रेटिंग प्रमाणन

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17 Oct 19
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प्रधान कार्यालय, उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर का ग्रीन रेटिंग प्रमाणन

श्री आनंद प्रकाश, महाप्रबंधक-उत्तर पश्चिम रेलवे को आज दिनांक 16.10.2019 को आईजीबीसी/सीआईआई (इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल) द्वारा प्रधान कार्यालय, उत्तर पश्चिम रेलवे, कार्यालय को सर्वोच्चय ‘‘प्लेटेनियम’’ शील्ड प्रदान की गई। प्रधान कार्यालय, राजस्थान में यह रेटिंग प्राप्त करने वाला पहला सरकारी कार्यालय है। 
श्री आनंद प्रकाश , महाप्रबंधक-उत्तर पश्चिम रेलवे ने इस अवसर पर कहा कि आज हरित पर्यावरण का दायित्व हम सभी का है, इस दिषा में विगत समय में हमने बहुत से कार्य किये है। उन्होनें कहा कि उत्तर पश्चिम रेलवे में शुरूआत की गई ग्रीन पहल निकट भविष्य में ग्रीन रेलवे बनाने के लिये कार्य करेगी। पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को मजबूती प्रदान करने के लिये सौर ऊर्जा का उपयोग इस रेलवे पर किया जा रहा है। इस रेलवे पर 6813 ॉच क्षमता के सौलर पैनल स्थापित किये गये है। स्वच्छता को लेकर इस रेलवे पर बहुत से कार्य किये गये है, इन कार्यों के लिये इस रेलवे के दो महत्वपूर्ण स्टेशन जयपुर व जोधपुर को सम्पूर्ण भारतीय रेलवे पर किये गये सर्वें में प्रथम व द्वितीय स्थान पर रखा गया है। इसके साथ ही स्वच्छता सर्वे में भारतीय रेलवे के प्रथम 10 स्टेशनों में से 7 उत्तर पश्चिम रेलवे के है।
सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने के लिये इस रेलवे पर जागरूकता अभियान चलाकर यात्रियों को जागरूक किया जा रहा हैं। बोतल क्रेशर, वाटर रिसाईक्लिंग प्लांट और बॉयो कचरा पृथक्करण संयंत्र महत्वपूर्ण स्टेशनों पर लगाये गये है। 
इस अवसर पर उत्तर पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक श्री एस.के अग्रवाल, विभागाध्यक्ष तथा आईजीबीसी के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
यह रेटिंग प्रदान करने का प्रमुख उद्देष्य हरित पर्यावरण संकल्पना और तकनीक को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाना है एवं अब तक इसका निर्धारण इस प्रकार से किया जाता है कि साइट एवं सुविधा प्रबंधन, जल दक्षता, ऊर्जा दक्षता एवं स्वास्थ्य एवं सुविधाएं कितनी उपलब्ध है। 
     इन मापदण्डों को प्राप्त करने के लिए अपनाएं गए मुख्य संक्षिप्त उपायों का विवरण निम्नानुसार हैः- 
    वर्षा जल संचयन (आरडब्ल्यूएच)
    पानी बचाने वाले फिक्सचर अर्थात् वाटरलेरा-आडरलेस यूरिनल, पानी के नल, टॉयलेट में दोहरी फल्श की टंकिया इत्यादि।
    अपशिष्ट पानी उपचार एवं उसका पूर्नउपयोग (एसटीपी)
    जैविक अपशिष्ट परिवर्तक (ओडब्ल्यूसी)
    वाटर मीटरींग 
    अपशिष्ट संग्रहण एवं निपटान 
    पर्यावरण हितैषी लैडस्केपिंग प्रैक्टिसेज (जैविक उर्वरकों का प्रयोग)
    पर्यावरण हितैषी रेफिरीजरेंट
    ऊर्जा मीटरींग
    स्वच्छ वायु संचार
    कार्बन डाई ऑक्साइड पर निगरानी एवं नियंत्रण प्रणाली 
    पर्यावरण अनुकूल गृह व्यवस्था रसायन 
    तंबाकू धुऑ नियंत्रण
    विशेष रूप से अभिकल्पित टायलेट (स्थायी साइनेज सहित)
    कार पार्किंग स्थान (स्थायी साइनेज सहित)
    लिफ्ट में ब्रेल प्रणाली
    रेलकर्मियों के स्वास्थ्य के लिए आवष्यक सुविधाएं यथा शतरंज, कैरम, पुस्तकालय, इत्यादि।
    प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों एवं प्रणाली का पृथक्करण

उत्तर पश्चिम रेलवे की अन्य इकाईयों ने पर्यावरण संरक्षण संबंधी प्रणालियों को अपनाया एवं उन्हें ग्रीन रेटिंग इमारतों के रूप में प्रमाणित किया गया उनका विवरण निम्नलिखित हैः- 
रेलवे स्टेशन 
    जयपुर रेलवे स्टेशन ‘‘प्लेटिनियम’’ रेटिंग

अस्पताल 
    रेलवे चिकित्सालय, अजमेर ‘‘सिल्वर’’ रेटिंग 

कारखाने (समस्त 04 कारखाने)
    कैरिज कारखाना, अजमेर (सिल्वर)
    रेलवे कारखाना, बीकानेर (कांस्य)
    कैरिज कारखाना, जोधपुर (कांस्य)
    डीजल लोको एवं वैगन कारखाना, अजमेर (कांस्य)

    इस प्रकार अब तक उत्तर पश्चिम रेलवे की कुल 07 इकाईयों को ग्रीन रेटिंग प्रमाणित किया जा चुका है। 


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