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चिकित्सक की सलाह से ही बचाव संभव

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27 Nov 21
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चिकित्सक की सलाह से ही बचाव संभव

 समय समय पर स्वास्थ्य जांच, चिकित्सक की सलाह से ही बीमारियों से बचाव संभव है अन्यथा आज के इस अत्याधुनिक युग में खान-पान, लाइफ स्टाइल और बिना श्रम की मेहनत ने शरीर को ऐसा कर दिया है कि कब कौनसी बीमारी हो जाये, पता ही नही चलता।
ये कहना था अहमदाबाद के के. डी. हॉस्पिटल के चिकित्सकों का। सभी चिकित्सक रोटरी क्लब उदयपुर के साझे में रविवार को रोटरी बजाज भवन में आयोजित होने वाले मल्टी स्पेशियलिटी निशुल्क जांच शिविर के क्रम में शनिवार को आयोजित हेल्थ टॉक को संबोधित कर रहे थे।




कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक राजपोपट ने बताया कि आज के दौर की सबसे गंभीर बीमारी हार्ट अटैक है। आमजन को इसके प्रति जागरूक रहने की आवश्यकता है। अब इस बीमारी की कोई उम्र नहीं रही,किसी भी उम्र में यह बीमारी हो सकती है। इसका मुख्य कारण हमारी आधुनिक लाइफ स्टाइल, खानपान और बिना श्रम बिना मेहनत की जीवन शैली प्रमुख रूप से है। इस बीमारी से बचने के लिए सबसे कारगर उपाय है कि आप समय-समय पर अपने स्वास्थ्य की जांच कराते रहें और प्रारंभिक काल में ही डॉक्टर की सलाह से इसका उपचार ले तो इस बीमारी से काफी हद तक बचा जा सकता है। अब तो ऐसी चिकित्सा पद्धतियां आ चुकी है। जिन से बिना ऑपरेशन के ही हार्ट का इलाज किया जा सकता है।
गेस्ट्रो स्पेशियलिस्ट डॉक्टर सुशील नारंग ने कहा कि आज के समय में कोई भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिससे पेट या लीवर की बीमारी नहीं है। लीवर संबंधित बीमारी को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। हालांकि यह बीमारी इंसान को सोचने और समझने के लिए काफी लंबा वक्त देती है लेकिन जब तक हम उसके प्रति जागरूक होते हैं तब तक यह बीमारी इतनी बढ़ जाती है कि आदमी के लिए इसका पूर्ण रूप से इलाज लेकर बिल्कुल स्वस्थ होना मुश्किल हो जाता है। पहले इस बीमारी का मुख्य कारण शराब को माना जाता था लेकिन अब बिना शराब पीने वालों को भी यह बीमारी आम हो चुकी है। इसके लिए जरूरी है कि हम हमारी लाइफ स्टाइल में बदलाव करें खान-पान पर ध्यान दें और नियमित व्यायाम करना अपनी आदत में शुमार करें। इन सबके लिए जागरूकता बहुत जरूरी है।
न्यूरो सर्जन डॉक्टर संदीप मोड ने बताया कि हमारी लाइफ स्टाइल और खानपान में ध्यान नहीं देने की वजह से लकवा जैसी गंभीर बीमारी आजकल लोगों में काफी ज्यादा फैल रही हैं। पहले यह माना जाता था कि 50 से 60 वर्ष की आयु के बाद ही होती है लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। इससे कम उम्र के लोगों में भी इस बीमारी के लक्षण पाए जाते हैं। अच्छी बात यह है कि 40 50 साल पहले इसका पूरी तरह से इलाज नहीं था लेकिन अब इसका पूर्ण रूप से इलाज संभव है इसके लिए लोगों में जागरूकता जरूरी है।
ऑर्थपेडिशियन डॉ. अतीत शर्मा ने बताया कि इस दौर में घुटनों की बीमारी भी काफी लोगों में निरंतर बढ़ रही है। इसके लिए भी चिकित्सा पद्धति में बिना ऑपरेशन के इलाज संभव है। आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिंग तकनीक से अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। अच्छी बात यह है कि आज के समय में कम पैसों में बेहतर इलाज मिल जाता है।
फिजिशियन और मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. नीरज भारती ने डायबिटीज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि डायबिटीज दो तरह की होती है एक जो इंसुलिन से ठीक होती है और दूसरा गोलियों से ठीक हो जाती है। आज यह महामारी का रूप ले चुकी है। इससे बचने के लिए हमारी लाइफ स्टाइल में और हमारे खानपान में बदलाव बहुत ही जरूरी है। व्यक्ति को चाहिए और तनावमुक्त रहें और नियमित व्यायाम करें। डॉक्टर से अपने स्वास्थ्य की जांच कराते रहें।
इस अवसर पर रोटरी क्लब के अध्यक्ष बीएल जैन, शिविर संयोजक एनके धींग ने भी विचार व्यक्त किये। धींग ने शहरवासियों से शिविर का लाभ उठाने का आव्हान किया और बताया कि आवश्यक होने पर शिविर में मधुमेह जांच, ईसीजी आदि सभी जांचें निशुल्क की जाएगी।


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