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-भारतीय उत्सव वेबसाइट के नये संस्करण का लोकार्पण 

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21 Mar 23
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-भारतीय उत्सव वेबसाइट के नये संस्करण का लोकार्पण 

उदयपुर,  भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति व नगर निगम उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में सम्वत 2080 के स्वागत में 23 मार्च को होने वाली विशाल धर्मसभा के लिए सोमवार प्रातः शुभ मुहूर्त में संतो के सान्निध्य में भूमि पूजन किया गया। इसी के साथ भारतीय उत्सव वेबसाइट के नये संस्करण का भी लोकार्पण संतों द्वारा किया गया। 

भारतीय नववर्ष समाजोत्सव समिति के संयोजक कपिल चित्तौड़ा ने बताया कि प्रातःकाल शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार से हवन में आहुतियों के साथ पूर्ण विधि विधान से भूमि पूजन किया गया। हवन की पूर्णाहुति पर सकल विश्व के लिए मंगलकामना की गई। संतों के सान्निध्य में हुए इस भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान कन्या पूजन भी किया गया। 

 

पंडित रवि सुखवाल के पौरोहित्य में हुए हवन में चुन्नीलाल शर्मा, श्रीमती मंजू शर्मा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महानगर संघचालक गोविन्द अग्रवाल, विभाग संघचालक हेमेन्द्र श्रीमाली, महानगर कार्यवाह विष्णु नागदा, महानगर सह कार्यवाह मनीष शर्मा, नगर निगम उपमहापौर पारस सिंघवी, संघ के क्षेत्र प्रचारक प्रमुख श्रीवर्धन, सह प्रांत प्रचारक मुरलीधर, विभाग प्रचारक आनंद प्रताप सिंह आदि ने आहुतियां दीं। इस अवसर पर मेलड़ी माता मंदिर के महंत विरमदेव, हरिदासजी की मगरी स्थित मंदिर के महंत इंद्रदेव दास, सर्वेश्वर धाम तीतरड़ी के महंत राधिका शरण, मीठाराम मंदिर के महंत रामचंद्र दास, हरिहर आश्रम गुलाबबाग के महंत सुंदरदास का सान्निध्य प्राप्त हुआ। 

सोमवार को ही नववर्ष समाजोत्सव समिति की वेबसाइट भारतीय उत्सव डॉट ओआरजी के नए संस्करण का भी लोकार्पण किया गया। इस वेबसाइट में समाजोत्सव की नियमित गतिविधियों के फोटो, वीडियो व समाचार उपलब्ध रहेंगे। इस वेबसाइट पर भारतीय नववर्ष के सामाजिक व वैज्ञानिक महत्व के संदर्भ में भी जानकारी उपलब्ध कराई गई है। अन्य भारतीय उत्सवों की जानकारी भी इस साइट पर उपलब्ध है। 

 

शहर से गांव तक भगवा पताकाओं की मांग बढ़ी

 

भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2080 के स्वागत में उदयपुर में 23 मार्च दोपहर एक बजे होने जा रही विशाल शोभायात्रा, कलश यात्राओं के संगम और विशाल धर्मसभा की तैयारियां जोरों पर है, वहीं शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उत्सवी छटा नजर आ रही है। एक ओर जहां शहर व समीपवर्ती गांवों में कार्यकर्ता मार्गों, चौराहों, चौपालों, नुक्कड़ों को भगवा फर्रियों व पताकाओं से सजा रहे हैं, वहीं शहर से लेकर गांवों तक घर-घर से भगवा पताकाओं को लगाने की होड़ लगी हुई है। आयोजकों के अनुसार भगवा पताकाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। समीपवर्ती आदिवासी अंचल में भी भगवा पताकाएं लहरा रही हैं। हर समाज के साथ आदिवासी समाज भी विशालय शोभायात्रा का हिस्सा बनने को आतुर है। शोभायात्रा में गवरी भी शामिल होगी जो आदिवासी समाज का धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें आदिवासी समाज माता गौरी की आराधना करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बागेश्वर धाम के पीठाधीश पं. धीरेन्द्र शास्त्री को लेकर भी उत्साह है। उनके आशीर्वचन को सुनने ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग उदयपुर में होने वाली धर्मसभा में पहुंचेंगे। साथ ही, प्रख्याथ कथा मर्मज्ञ पं. देवकीनंदन ठाकुर का सान्निध्य भी धर्मसभा में रहने वाला है, इसे लेकर उत्साह और बढ़ गया है। समिति की ओर से नववर्ष की पूर्व संध्या पर घर-घर दीप प्रज्वलित करने का आग्रह भी किया जा रहा है। 


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