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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सात महीनों में पहली बार दिल्ली आयेंगे

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13 Oct 21
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सात महीनों में पहली बार दिल्ली आयेंगे

*राजनीतिक गलियारे में मंत्रिमंडल विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियां और संगठन में बदलाव की चर्चा हुई तेज*

 

नई दिल्ली।।राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पिछलें सात महीनों में पहली दिल्ली यात्रा 16 अक्टूबर को को होगी । वे नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की होने वाली कार्यसमिति की बैठक में भाग लेंगे।  

पहलें कोविड प्रोटोकोल और बाद में स्वयं के हृदय के ऑपरेशन के कारण  गहलोत  का लंबे अरसे से  दिल्ली दौरा नहीं बन रहा था। इस साल  गहलोत का यह दूसरा दिल्ली दौरा होगा। इससे पहले वे  27 फरवरी 20 को दिल्ली आए थे।   

राज्य मंत्रिपरिषद और संगठन में होने वाले बदलावों की चर्चा के चलते गहलोत के दिल्ली दौरे की राजनीतिक गलियारे में अभी से चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि गहलोत की इस यात्रा के  प्रदेश में मंत्रिमंडल फेरबदल, राजनीतिक नियुक्तियों और संगठन विस्तार पर हाईकमान और कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के साथ ही राहुल गांधी और  प्रियंका से  चर्चा होगी। साथ ही वे राष्ट्रीय संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रभारी अजय माकन सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से भी मुलाक़ात कर सकते हैं। 

बताया जा  रहा है कि राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल, राजनीतिक नियुक्तियां और संगठन में व्यापक बदलाव आदि के अटके हुए सभी कार्य अब दीपावली से पूर्व किए जाने की  प्रबल संभावना है। 

सूत्रों के अनुसार गहलोत मंत्रिपरिषद और प्रदेश के पार्टी संगठन में इस बार बड़ा बदलाव हो सकता है। प्रदेश के चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा को गुजरात सहित नागर हवेली दमन और दीव का प्रभारी बनाए जाने और राजस्व मंत्री हरीश चौधरी  को पंजाब का  पर्यवेशक बनाने के बाद यह चर्चा जोरों पर होने लगी है कि अब दोनों मंत्रियों को पूर्ण क़ालीन संगठन के कामों में ही लगाया  जा सकता है। संगठन में चार कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की भी चर्चा के कारण कुछ और मंत्रियों को भी संगठन में लगाने की सम्भावना  है। 

पंजाब के हुए फेरबदल के बाद हुए  घटनाक्रमों को देखते हुए राजस्थान और छत्तीसगढ़ में हाई कमान फूंक ल-फूंक कर कदम उठा रहा है। प्रदेश में सचिन पायलट गुट लंबे समय से मंत्रिमंडल फेरबदल की मांग कर रहा है। कांग्रेसी बसपा से कांग्रेस में आने वाले विधायकों के अलावा सीएम गहलोत के गुट के दूसरे विधायक भी मंत्रिमंडल विस्तार, राजनीतिक नियुक्तियां करने की मांग उठाते रहते हैं। 

प्रदेश प्रभारी अजय माकन कई बार फेरबदल को लेकर अपने बयान और सम्भावित समय की जानकारी दे चुके, लेकिन अब तक न मंत्रिमंडल फेरबदल हुआ और न ही राजनीतिक नियुक्तियों और संगठन विस्तार पर काम आगे बढ़ा। इस मध्य सीएम गहलोत के बीमार हाई जाने और चुनाव आयोग द्वारा प्रदेश की वल्लभ नगर और धरियावद उप चुनाव की तिथियाँ घोषित होने से इन सब में विलम्ब हुआ है। मुख्यमन्त्री गहलोत अब पूर्ण तया स्वस्थ हैं और गांधी जयंती से सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग ले रहें है।उनके दिल्ली कार्यक्रम बनने की चर्चा ने राजनीतिक हलकों में यह हलचल तेज कर दी है कि आने वाले कुछ ही समय बाद राज्य मंत्रिमंडल में बदलाव, राजनीतिक नियुक्तियां और संगठन में व्यापक बदलाव का रास्ता साफ हो रहा है। 

गहलोत कोरोना काल से पहले हर महीने क़रीब दो से तीन बार दिल्ली यात्रा पर आते थे, लेकिन कोरोना काल की वजह से यह सिलसिला रुक गया है। फरवरी 2020 के बाद गहलोत के दिल्ली दौरे पर नहीं गए। विशेष कर वे  कोरोना की पहली और दूसरी लहर में दिल्ली नहीं आए। गहलोत लगभग दस 

माह  बाद पिछले दिसंबर में दिल्ली आए थे। उसके बाद अब सात महीने बाद उनका दिल्ली दौरा होगा। गहलोत का 27 अगस्त 2021 को भी दिल्ली दौरे पर आने का कार्यक्रम था, लेकिन उन्हें अनायास हार्ट में ब्लॉकेज आने से अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। उनकी एंजियोप्लास्टी होने के कारण दौरा वह टल गया था। हालाँकि पिछले बीस  महीनों में गहलोत की कम संख्या में हुई  दिल्ली यात्राओं का भी सियासी लोग अहमद पटेल के देहान्त के बाद गहलोत और हाई कमान की मज़बूत कड़ी के टूटने और अन्य कई अलग अलग अर्थ निकालते हैं।


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