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डॉ. हर्ष वर्धन ने समेकित स्वास्थ्य सूचना प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) का शुभारंभ किया

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07 Apr 21
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डॉ. हर्ष वर्धन ने समेकित स्वास्थ्य सूचना प्लेटफॉर्म (आईएचआईपी) का शुभारंभ किया

 

नई दिल्ली (नीति गोपेन्द्र भट्ट ) | केन्द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने आज समेकित स्वास्थ्य सूचना प्लेटफॉर्म का वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे उपस्थित थे। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री तीरथ सिंह रावत भी डिजिटल रूप से उपस्थित रहे। समेकित स्वास्थ्य सूचना प्लेटफॉर्म नई पीढ़ी का वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे समेकित रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) का सुधरा और संशोधित रूप है।
इस वर्चुअल बैठक में विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्री शामिल हुए, जिनमें पंजाब के श्री बलबीर सिंह सिद्धु, मेघालय के श्री एलेक्जेंडर लालू हेक, कर्नाटक के डॉ. के. सुधाकर, मध्य प्रदेश के डॉ. प्रभु राम चौधरी, उत्तर प्रदेश के श्री जयप्रताप सिंह, तेलंगाना के श्री इटेला राजेन्द्र, छत्तीसगढ़ के श्री टी.एस. सिंह देव, मिजोरम के डॉ. आर. ललथंगलिआना और नगालैंड के श्री एस. पंगन्यून फोम डिजिटल रूप से उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य और प्रौद्योगिकी के सम्मिलन को उत्साह, भविष्य के लिए उपयोगी और महत्वपूर्ण बताते हुए डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा, “आज के दिन को स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा, क्योंकि यह एक ऐसा दिन है, जो रोग निगरानी के इतिहास में नया मील का पत्थर बना है। हमने भारत की जन स्वास्थ्य यात्रा में नये अध्याय की शुरुआत की है। भारत ऐसी उन्नत रोग निगरानी प्रणाली को अपनाने वाला विश्व में पहला देश बन गया है।” आईएचआईपी के नये रूप में भारत के रोग निगरानी कार्यक्रम के लिए डेटा इंट्री और प्रबंधन की व्यवस्था होगी। इसके अलावा पहले की 18 बीमारियों के मुकाबले अब 13 बीमारियों को ट्रैक किया जा सकेगा। यह डिजिटल मोड में लगभग रियल टाइम डेटा सुनिश्चित करेगा और इस कार्य के लिए कागज पर काम करने की परम्परा को समाप्त करेगा।
इससे विश्व का सबसे बड़ा रोग निगरानी प्लेटफॉर्म बताते हुए केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के अनुकूल है और भारत में वर्तमान में इस्तेमाल की जा रही अन्य डिजिटल सूचना प्रणालियों के पूरी तरह अनुरूप है। स्वचालित डेटा के साथ संशोधित आईएचआईपी बड़े पैमाने पर रियल टाइम डेटा संकलन, एकत्रीकरण और डेटा के अधिक विश्लेषण में मददगार होगा, जिससे प्रमाण आधारित नीति निर्माण में सहायता मिल सकेगी। उन्होंने इस प्लेटफॉर्म के विकास से जुड़े राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सराहना की।
डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि आईएचआईपी रियल टाइम, मामला आधारित सूचना, समेकित विश्लेषण, उन्नत प्रस्तुतिकरण क्षमता के लिए विकसित की गई स्वास्थ्य सूचना प्रणाली उपलब्ध कराएगा। यह मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर विश्लेषण की गई रिपोर्ट प्रदान करेगा। इसके अलावा रोग फैलने की छानबीन की गतिविधियां भी शुरू की जा सकेंगी और उन पर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से नजर रखी जा सकेगी। इसे अन्य कार्य कर रहे निगरानी कार्यक्रमों के साथ आसानी से समेकित किया जा सकेगा, क्योंकि इसमें विशेष निगरानी मॉड्यूल को जोड़ने की विशेषता होगी।
डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि देश के छोटे गांवों और ब्लॉक में रोग के प्रसार के प्रारम्भिक संकेतों की खोज के उन्नत डिजिटल प्लेटफॉर्म किसी सशक्त रोग या महामारी को प्रारंभ में रोकने में भी बहुत मददगार होगा। उन्होंने कोविड महामारी के दौरान पिछले वर्ष में भरपूर प्रयास करने वाले सभी अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिबद्धता और मेहनत की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “भारत ने विश्व को दिखा दिया है कि हम महामारी के दौरान भी ऐसी उन्नत रोग निगरानी प्रणाली को विकसित करने में सक्षम हैं।” उन्होंने कहा कि यह प्लेटफॉर्म मेक-इन-इंडिया पहल की सफलता की कहानी है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत के सपने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
135 करोड़ जनसंख्या वाले भारत जैसे देश के लिए सटीक, विश्वसनीय और सामयिक सूचना महत्वपूर्ण है। सुस्पष्ट जन स्वास्थ्य के लिए भारत की सूचना प्रणाली सही समय पर सही हस्तक्षेप करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में रोगजनक जीनॉमिक्स, बढ़ी हुई निगरानी और सूचना विज्ञान समेत जन स्वास्थ्य में स्पष्टता बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है और इससे लक्षित हस्तक्षेप में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने आगाह किया कि इस प्लेटफॉर्म की सफलता प्राथमिक रूप से राज्यों द्वारा साझा किए गए डेटा की गुणवत्ता पर निर्भर होगी।
इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास से जुड़े सभी पक्षों को बधाई देते हुए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि भारत ने स्वास्थ्य देखभाल की गुणवत्ता में मानक स्थापित किए हैं। आईएचआईपी के माध्यम से प्रामाणिक डेटा का संकलन आसान बनेगा, क्योंकि यह सीधे गांव और ब्लॉक स्तर से मिलेगा। इसके कार्यान्वयन से हम प्रौद्योगिकी के उपयोग से स्वास्थ्य देखभाल में आत्मनिर्भर भारत की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव श्री राजेश भूषण ने बताया कि निगरानी की भौगोलिक कवरेज तथा प्राप्त डेटा और बीमारियों की कवर की गई संख्या के साथ आईएचआईपी वैश्विक स्तर पर सबसे बड़े ऐसे डिजिटल स्वास्थ्य प्लेटफॉर्म में से एक बन गया है। निचले स्तर पर स्वास्थ्यकर्मी टैबलेट के माध्यम से रियल टाइम डेटा उपलब्ध कराएंगे, स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त करने वाले नागरिकों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/सीएचसी/एसएचडी/डीएच में डॉक्टर और नैदानिक प्रयोगशालाएं की गई जांच का डेटा उपलब्ध कराएंगे।
आज के दिन को न केवल भारत के लिए अपितु वैश्विक जन स्वास्थ्य के लिए ऐतिहासिक बताते हुए भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. रॉड्रिको ऑफरिन ने कहा कि यह संशोधित डिजिटल निगरानी प्लेटफॉर्म डेटा प्रदान करने और उससे कनेक्ट करने तथा एक स्वास्थ्य के दृष्टिकोण की दिशा में आगे बढ़ने में मदद देगा। उन्होंने बताया कि यह पोर्टल न केवल प्रोग्रामिंग अपितु रोग प्राथमिकताकरण में भी समय पर स्वास्थ्य कार्रवाई उपाय शुरू करने में संसाधन का काम करेगा। उन्होंने इसके समय पर विकास के लिए भारत की प्रशंसा की।
इस अवसर पर मंत्रालय के सचिव श्री राजेश भूषण, अपर सचिव सुश्री आरती आहूजा, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सुनील कुमार, संयुक्त सचिव श्री लव अग्रवाल, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र के निदेशक डॉ. सुजीत सिंह और भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रतिनिधि डॉ. रॉड्रिको ऑफरिन उपस्थित रहे। केन्द्र सरकार और राज्य सरकारों के स्वास्थ्य प्रधान सचिव, आयुक्त स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्रबंध निदेशक तथा वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


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