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डॉ. हर्ष वर्धन ने भारत-स्वीडन स्वास्थ्य सेवा नवाचार केन्द्र – वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की

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03 Dec 20
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-नीति गोपेन्द्र भट्ट-

डॉ. हर्ष वर्धन ने भारत-स्वीडन स्वास्थ्य सेवा नवाचार केन्द्र – वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की

नई दिल्ली, केंद्रीय स्वास्थ्य तथा परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज स्वीडन-भारत नोबल स्मारक सप्ताह के अंतर्गत भारत-स्वीडन स्वास्थ्य सेवा नवाचार केन्द्र – वार्षिक सम्मेलन के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता की। डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत-स्वीडन स्वास्थ्य सेवा नवाचार केन्द्र, एम्स, जोधपुर में कैंसर उपचार पर उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित करने की प्रक्रिया में  है ।

उन्होंने स्मरण कराते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग काफी पुराना है और 2019 में इसके 10वें वर्ष के समारोह आयोजित किए गए थे। उन्होंने कहा कि हम इस आयोजन का स्मरण करते हैं, जिसमें भारत-स्वीडन स्वास्थ्य सेवा नवाचार केन्द्र का उद्घाटन स्वीडन के नरेश 16वें गुस्ताफ ने 2019 में किया था।

केन्द्रीय मंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़कर बहुपक्षीय स्वरूप बन गया है। उन्होंने कहा कि नीति निर्धारकों, अकादमिक और उद्योग का समावेश नवाचार में मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया में विकसित किए जा रहे समन्वय की अपेक्षा कर रहा हूं।

कोविड के बारे डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि स्वास्थ्य सेवा को लेकर कोई भी विचार-विमर्श कोविड-19 की महामारी के बारे में विश्व में पिछले 10 महीने की बड़ी चुनौती को रेखांकित किए बगैर पूरा नहीं हो सकता। यद्यपि प्रत्येक चुनौती में आशा की किरण होती है। वैश्विक महामारी ने हमें सिखाया है कि चुनौतियों की साझा करने के लिए जिम्मेदारियों का साझा करना भी जरूरी है। सहयोग और समन्वय आज की जरूरत बन गये हैं। हम बिल्कुल अलग-थलग रह कर काम नहीं कर सकते। हमें ऐसा वैश्विक समन्वय विकसित करना होगा, जो पहले कभी नहीं किया गया।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि  हमारे दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की इच्छा व्यक्त की है। इस समय में मुझे भी स्वीडन के स्वास्थ्य मंत्री के साथ विचार-विमर्श करने का अवसर मिला था। उन्होंने यह भी कहा कि वह एक समझौता आशय पत्र के अंतर्गत गठित संयुक्त कार्य समूह के फलस्वरूप बनी महत्वपूर्ण योजना के बारे में जानने के उत्सुक हैं । इस समूह की अगले सप्ताह बैठक होनी है, जिसमें दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा। द्विपक्षीय आशय पत्र के निष्कर्षों की सराहना करते हुए डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि भारत-स्वीडन स्वास्थ्य सेवा नवाचार केन्द्र, एम्स, जोधपुर में कैंसर उपचार पर उत्कृष्टता केन्द्र स्थापित करने की प्रक्रिया में है। इससे रोगियों को अपनी बीमारियों के बारे में बेहतर समझने और प्रबंधन में तथा उपचार योजना में मदद मिलेगी। यह जटिल दवा से संबंधित प्रबंधन, उपचार के अनुपालन को सुनिश्चित करने और मरीजों तथा उनकी देखभाल करने वालों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने से संबंधित जटिलताओं को न्यूनतम बनाने में मददगार  भी होगा।

डॉ. हर्ष वर्धन को केन्द्र के प्रथम नवाचार चुनौती के विजेताओं की घोषणा समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। इसके लिए गैर-संचारी रोगों तथा कोविड-19 समेत आठ प्रॉब्लम स्टेटमेंट थेरेपी की पहचान की गई थी और भारत तथा स्वीडन से स्टार्टअप को आवेदन करने के लिए आमंत्रित किया गया था। इस चुनौती में डिजिटल टूल्स, चिकित्सा प्रौद्योगिकी, टेली-मेडिसिन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से उत्पन्न साल्यूशन को शामिल किया जाएगा, जो स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों की कुशलता में सुधार लाएंगे। नवाचार चैलेंज में शामिल होने के लिए काफी उत्सुकता रही और 468 आवेदनों का 14 विजेता चुनने के लिए मूल्यांकन किया गया।

डॉ. हर्ष वर्धन ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि भारत में काफी नवाचार है और चुनौती यह है कि नये विचारों का विस्तार किया जाए और हम भारत और भारत के बाहर विस्तार को समर्थन देने के इस. केन्द्र की सोच का समर्थन करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस सहयोग और संस्थानों से संबंधित प्रौद्योगिकी और ज्ञान भागीदार मिलकर इन उद्यमों की सफलता के लिए मार्गदर्शन देंगे। 

भारत में स्वीडन के राजदूत श्री क्लास मोलिन, अंतर्राष्ट्रीय कार्य और यूरोपीय संघ के संभाग के प्रमुख तथा उपनिदेशक, स्वीडन सरकार के स्वास्थ्य और सामाजिक कार्य मंत्रालय, स्वीडन के भारत में व्यापार आयुक्त श्री एन्ड्रस तोफ्ते इस अवसर पर उपस्थित थे। चिकित्सा समुदाय की ओर से एम्स, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया, एम्स जोधपुर के निदेशक डॉ. संजीव मिश्रा, एम्स नई दिल्ली के डॉ. कुलदीप सिंह और मीनू वाजपेयी शामिल हुए। मंत्रालय के सचिव श्री राजेश भूषण, आर्थिक सलाहकार नीलाम्बुज सरण, संयुक्त सचिव श्री लव अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। 


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