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कोरोना से जंग में ग्रामीणजन भी है साथ

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02 Jun 20
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बाल मुकुन्द ओझा

कोरोना से जंग में ग्रामीणजन भी है साथ

कोरोना महामारी से जंग के लिए समाज के सभी तबके के लोग अपने अपने साधनों के साथ जुटे है। इनमें नेहरू युवा केंद्र के कार्यकर्त्ता भी गांवों में आम आदमी को जागरूक करने में जुटा है। नेहरू युवा केंद्र संगठन के राज्य निदेशक डॉ भुवनेश जैन अपने कार्यकर्ताओं में जान फूंक कर इस महामारी से जीतने के प्रयास कर रहे है।  डॉ जैन के अनुसार उनके कार्यकर्त्ता विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को राहत पहुंचा रहे है। उन्होंने बताया की  शेखावाटी के चूरू और झुंझुनू ,हाड़ोती के कोटा, बूंदी दूंढार के दौसा तथा मेरवाड़ा क्षेत्र के अजमेर और टोंक जिलों कार्यकर्ता घूम घूम कर कोरोना से बचाव की जानकारी दे रहे है। 
चूरू
चूरू में मंगल जाखड़ युवा समन्वयक के नेतृत्व में कोरोना महामारी को हराने के प्रयास किये जा रहे है। जिले में युवाओं की सक्रियता से कई गांव
कोरोना की चपेट का सामना करने में सफल हुए है। गांव में दवाई का छिड़काव तथा बाहर से आने वाले व्यक्तियों पर निगरानी रखी द्य अनेक युवा संगठनों ने कई दिनों तक लगातार राशन सामग्री का वितरण कर जरूरतमंदों को कठिनाई से उबारने का कार्य किया द्य प्रशासन के साथ जोड़कर युवाओं ने राशन सामग्री वितरण में तथा विभिन्न सरकारी संस्थानों  मैं सोशल डिस्टेंसिंग की करने में अपना योगदान दिया है। गांव के युवाओं ने मास्क बनाकर घर घर इसे बनाने की जानकारियां साझा की तथा क्षेत्रीय कामगारों जैसे बैंक कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी, पुलिसकर्मीआदि को बड़ी संख्या में मास्क वितरण कर उन्हें हर व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयत्न किया द्य आरोग्य सेतु एप का इंस्टॉलेशन और आई गोट पर पंजीकरण कर मूलभूत जानकारियां हासिल करने जैसे विषयों को 100 से अधिक गांव तक पहुंचाया। विभिन्न एनजीओ जैसे पीरामल
फाउंडेशन, मैजिक बस इंडिया फाउंडेशन, निष्काम फाउंडेशन इत्यादि के साथ मिलकर समाज के वंचित  वंचित और कमजोर वर्ग जैसे बुजुर्ग,  गर्भवती महिलाएं आदि को सचेत करने का कार्य  एक सकारात्मक पहल श्संकल्पश् के रूप में किया है।
अजमेर
 पत्रकारिता एवं जनसंचार विशेषज्ञ शरद त्रिपाठी अजमेर में युवा समन्वयक है। विश्वव्यापी कोरोना आपदा के बाद अजमेर शहर कई सालों के बाद एक लंबे समय के लिए लोक डाउन  हो गया है। इस तालाबंदी के बीच सैकड़ों लोग जो कि आसपास की फैक्ट्रियों और खदानों में काम करने राज्य के बाहर से आए थे, इस आपाधापी के बीच छोटे बच्चों को लेकर अलग-अलग दिशाओं में कई किलोमीटर की दूरी पर स्थित अपने घरों की तरफ लौट रहे थे। इन परिस्थितियों में नेहरू युवा केंद्र अजमेर के कुछ उत्साही स्वप्रेरित स्वयंसेवकों ने पहल की और जिम्मेदारी ली इन सैकड़ों परिवारों की अपने युवा कंधों पर। जिला युवा समन्वयक शरद त्रिपाठी और जिला रसद अधिकारी अंकित पचार के तालमेल से शहर  की वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता इंदिरा पंचोली के मार्गदर्शन में लगभग 30 से अधिक वालंटियर अपनी सेवाएं शहर में दे रहे हैं। इन युवा स्वयंसेवकों ने रसद अधिकारी के जिला कलेक्ट्रेट में स्थित कार्यालय के कार्य से लेकर सड़क पर रात्रि भोजन तक उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे
हैं।
टोंक
टोंक के युवा समन्वयक हितेश कुमार खत्री सर्फेस कोटिंग टेक्नोलॉजी  मे एमएससी  हैं और चार वर्ष तक दुबई, मलावी जैसे देशो मे पेंट्स  इंडस्ट्री
में बतौर मैनेजर के पद पर कार्य किया हैं। जिले में युवा मंडलों के माध्यम से युवाओं और ग्रामीणों के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप और  दीक्षा
एप के माध्यम से  युवाओं को जोड़कर ऑनलाइन प्रशिक्षण देकर जागरूकता का कार्य किया जा रहा है।  बुजुर्गों की देखभाल सहित इस महामारी से बचने के लिए विभिन्न जागरूकता की गतिविधियां जिनमें इ-पोस्टर , दीवार पर नारा लेखन और दिवार पेंटिंग अभियान किया जा रहा है। साथ ही मूक पक्षियो हेतु पक्षी परिंडा अभियान भी जोर शोर से संचालित किया गया।  अभी तक 551 से भी ज्यादा परिंडे विभिन्न गावों मे लगाये जा चुके हैं । विभिन्न मंडलों के महिला सदस्यों ने घर मे मास्क बनाकर अपने अपने गांवों में लगभग 1800 मुफ्त मास्क वितरित किये ।  गाँवो  में सेनेटाइज  एवं खाद्य सामग्री वितरण का कार्य भी किया।
झुंझुनूं
तरुण जोशी एमबीए है और वर्तमान में नेहरू युवा केंद्र झुंझुनूं का कार्य देख रहे है।  कोरोना महामारी के दौरान अपने युवा मंडलों के जरिए जन
जागृति आरोग्य सेतु दीक्षा एवं आई गोट पोर्टल के प्रचार प्रसार के साथ ही जरूरतमंदों में भोजन दवाई मास्क इत्यादि का वितरण किया जा रहा है। अब तक 200 से अधिक गांव में ढाई हजार से अधिक युवा स्वयंसेवकों के जरिए समय-समय पर जरूरत की सामग्री जरूरतमंदों को उपलब्ध कराने के कार्य किए जा रहे हैं। युवा मंडल के सदस्य के द्वारा करीबन ,4000 से अधिक भोजन सामग्री के पैकेट का वितरण करवाया जा चुका है साथ ही 15,000 से अधिक मास्क का भी वितरण युवा मंडल के सदस्यों द्वारा किया जा चुका है।
बून्दी
      बून्दी में कशिश जेठवानी युवा समन्वयक के पद पर कार्यरत है। जेठवानी ने राजनीति विज्ञान से स्नातकोत्तर किया है। कोरोना महामारी के
दौरान  जिला प्रशासन के  साथ मिलकर राशन वितरण, सामाजिक दूरी की पालना,प्रवासी मजदूरो की सहायता एवं जागरूकता कार्य किया जा रहा है। केन्द्र से जुडे हुए 11 राष्ट्रीय युवा स्वंयसेवकों द्वारा सोशल  मीडिया के माध्यम से जागरूकता, आरोग्य सेतु एप एवं आई गोट एप के माध्यम से जिले के युवाओं को जोडकर जन जागरूकता का कार्य किया जा रहा है।  800 मास्क तैयार कर निशुल्क वितरण किया गया।
दौसा 
 दौसा में युवा समन्वयक के पद पर राकेश अलोरिया कार्यरत है। इग्नू यूनिवर्सिटी ,दिल्ली से स्नोतकोत्तर है। दौसा जिले में वालियंटर्स एवं
युवा मण्डलों से संबंद्ध युवा नेताओं के माध्यम से करीब 27000 मास्क तैयार करवाकर आमजन में वितरित करवाये है। प्रवासी मजदूरों,गाडिया
लुहारों,असहाय लोगों को करीब 6000 पैकेट खाने के वितरित करवाये साथ ही भोजन से संबंधित सूखा सामान भी वितरित करवाया । पक्षियों के लिये जिले में करीब 1500 परिण्डे लगवाये है। जिले से करीब 9000 नये वालियंटर्स की सूची तैयार कर  स्वैच्छिक आधार पर अपनी सेवायें देने हेतु प्रशासन को उपलब्ध कराइ।
कोटा
जिले में 4850 मास्क बनाकर गरीब परिवार एवं बुजुर्गों को वितरित किये गए है। रक्तदान का आयोजन किया गया और  युवा मण्डल के युवाओ ने गांव में सेनेटाईजिग का कार्य करवाया। 250 लोगो को 15 दिन तक भोजन बनाकर वितरित किया। दीवारों पर पेंटिंग के माध्यम से कोरोना से जंग के लिए प्रेरित किया गया। पक्षियों के लिए परिण्डे बांधने का कार्य भी किया गया। इसके अलावा विभिन्न जनसेवी लोगों के माध्यम से जागरूकता का अभियान चलाया गया। 
 


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