स्टार्टअप तथा एन्टरप्रन्योरशिप के बारे में युवाओं को मिला मार्गदर्शन

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19 Feb 20
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डॉ. प्रभात कुमार सिंघल

स्टार्टअप तथा एन्टरप्रन्योरशिप के बारे में युवाओं को मिला मार्गदर्शन
कोटा |  उद्यम समागम में मंगलवार को विभिन्न विषय विशेषज्ञों के संवाद कार्यक्रम और योजनाओं की जानकारी आधारित सेमीनार आयोजित किये गये। जिसमें कृषि, बागवानी पर आधारित लघु उद्योग स्थापना व स्टार्टअप तथा एन्टरप्रन्योरशिप (Startup and Entrepreneurship) के बारे में जानकारी दी गई। 
प्रथम सत्र में चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान जयपुर के प्रबन्धक नितिन चौधरी ने स्टॉर्टअप एवं एन्टरप्रन्योरशिप के क्रम मे जानकारी दी। उन्होने कृषि क्षेत्र में सुविधाऐं और संसाधनों की उपलब्धता के बारे में बताते हुए कहा कि कृषि के क्षेत्र में नवाचार की अपार संभावनाऐं है। उन्होंने कृषि आधारित उद्योगों के लिए वर्तमान में चल रहे पाठ्यक्रम और उनमें औद्योगिक स्वरूप प्रदान कर किस प्रकार सफल उद्यमी बना जा सकता है के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
पेटेन्ट व कॉपीराइट (Patent and Copyright) के प्रावधानों की मिली जानकारी
इंजीनियरिंग कॉलेज के व्याख्याता डॉ. मनीष चतुर्वेदी ने इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर के बारे में जानकारी देते हुए युवाओं को बताया कि कैसे र्स्टाट अप लिया जा सकता है। उन्होंने उत्पादों के पेटेन्ट, कापीराईट, ट्रेडमार्क के बारे में नवीन प्रावधान और सुविधाओं के बारे में भी बताया। उन्होने कहा कि व्यक्ति पूंजी के स्थान पर बौद्धिक क्षमताओं के आधार पर ज्यादा उन्नति (More progress based on intellectual abilities)कर सकता है। नव उद्यमियों द्वारा भी इस प्रकार के आयोजना की सराहना की जिससे जुडकर वे स्वालंबी बन सकेगें।
एमएसएमई डीआई जयपुर के सहायक निदशक अजय शर्मा ने एमएसएमई (MSME) मंत्रालय भारत सरकार की नई योजनाओं और उनके क्रियान्वयन एवं राज्य मे औद्योगिकीकरण एवं निवेश प्रोत्साहन को प्रोत्साहित करने के लिए व्याख्यान एवं जानकारियां प्रदान की गयी। उन्होंने केन्द्र सरकार द्वारा औद्योगिक विकास (Industrial Development by Central Government) हेतु जारी नई योजनाओं के बारे में जानकारी दी।
उद्योगों पर लागू कानूनी प्रावधान बताये-
सीनियर मैनेजर नेशनल ई-गर्वनेन्स सर्विसेज लिमिटेड (National E-Governance Services Limited) मुम्बई चेतन लुल्ला ने बताया कि उद्योगों को किस प्रकार से संचालित किया जाये। उत्पाद विपणन उपरान्त पूंजी प्राप्ति मे व्यवधान, डिले पेमेन्ट होने पर किस प्रकार से कार्यवाही की जानी है। उन्होंने कानूनी प्रावधानों के बारे में नये प्रावधान व उद्योगों पर प्रभाव के बारे में भी जानकारी प्रदान की। 
सदस्य रिनयुबल एनर्जी एसोसियेशन (Renewable Energy Association) जयपुर अमित गुप्ता ने कहा कि वर्तमान मे सोलर एनर्जी का उपयोग बहुत गति से बढ़ रहा है। इससे एक और तो एनर्जी प्राप्त होती है दूसरी और सौर एनर्जी का उपयोग उद्योग मे कर उत्पादन लागत में कमी आती है। उन्होने राज्य सरकार एवं केन्द्र सरकार की सोलर एनर्जी पोलिसी के बारे मे जानकारी दी। स्मॉल इण्डस्ट्रियल डवलपमेन्ट बैंक आफ इंडिया (Small Industrial Development Bank of India) एवं राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम जयपुर एवं नाबार्ड कोटा द्वारा उनके विभाग की योजनाओं के क्रम मे उद्योगपतियों को जानकारी प्रदान की जायेगी ताकि वे योजनाओं से लाभान्वित हो सके।
सेमीनारों में भारत सरकार की महती योजना प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना का जागरूकता शिविर आयोजित किया गया जिसके अन्तर्गत युवक-युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए उनके द्वारा स्थापित होने वाले उद्योगों के लिए ऋण सहायता एवं सुविधा की जानकारी प्रदान की गयी। महाप्रबन्धक जिला उद्योग केन्द्र आर के सेठिया ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जागरूकता के तहत उपस्थित बैंकर्स, आगन्तुक युवक-युवतियों की समस्याओं का समाधान कर मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना एवं राजस्थान इन्वेस्टमेन्ट प्रमोशन स्कीम 2019 के क्रम मे विस्तार से अवगत कराया। 
 
 
 

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