GMCH STORIES

भारतीय संविधान मानव अधिकारों का वैश्विक दस्तावेज - राज्यपाल

( Read 4434 Times)

26 Nov 20
Share |
Print This Page
भारतीय संविधान मानव अधिकारों का वैश्विक दस्तावेज - राज्यपाल

उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय की ओर से 90 लाख की लागत से बनने वाले संविधान पार्क का ऑनलाइन शिलान्यास गुरुवार को राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्रा ने किया। 


 




इस अवसर पर राज्यपाल ने अपने उद्धबोधन में कहा कि अधिकारों एवं कर्तव्यों में संतुलन बहुत आवश्यक है। हमें इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।  अधिकारों का प्रयोग कहीं अराजकता में ना बदल जाए इस पर भी गहराई से चिंतन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान की विश्व भर में अलग पहचान है एवं यह मानव अधिकारों का वैश्विक दस्तावेज है  राज्यपाल ने कहा कि संविधान आजादी की मर्यादा है और इसी के अनुरूप हमें उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए प्रगति पथ पर आगे बढ़ना है। राज्यपाल मिश्रा ने कहा कि राजस्थान के कला निष्णात कृपाल सिंह शेखावत ने संविधान की मूल प्रति में राजस्थानी कला का जो प्रतिनिधित्व किया है वह राजस्थानी कला के विकास के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। 
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनीत माथुर ने कहा कि उदयपुर में सुखाड़िया विश्वविद्यालय द्वारा बनाए जा रहा संविधान पार्क बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा क्योंकि यह छात्रों के साथ ही पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनेगा क्योंकि उदयपुर पर्यटन नगरी है। माथुर ने कहा कि हम सभी लोग अधिकारों के प्रति बेहद सजग हैं लेकिन कर्तव्य के प्रति इतनी जागरुकता नहीं है इसके लिए हम सबको जागरुक एवं सजग बनना होगा।
उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता कुलदीप माथुर में कहा कि भारतीय संविधान में अब तक 104 संशोधन हो चुके है। यह कमजोरी नहीं बल्कि इस बात का प्रतीक हैं कि यह बदलाव लाने में सक्षम है। यही हमारे संविधान की ताकत है।
कार्यक्रम में हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय जयपुर के कुलपति ओम थानवी ने संविधान सभा में राजस्थान के प्रतिनिधियों का जिक्र किया एवं उनका नाम लेते हुए कहा कि संविधान निर्मात्री सभा में राजस्थान का अविस्मरणीय योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि न्याय, स्वाधीनता, समता, व्यक्ति की गरिमा के सिद्धांत भारतीय संविधान की थाती है और यही उद्देश्यिका हमें संक्रमण काल में कई संकटों से बचाएगी।
कार्यक्रम के शुरू में कुलपति प्रोफेसर अमेरिका सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संविधान पार्क के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 90 लाख रुपए की लागत से बनने वाला उक्त पार्क विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन के सामने स्थित खाली पड़े स्थान पर विकसित किया जाएगा। पार्क में संविधान के मूल पाठ को उकेरा जाएगा। पार्क के मध्य में  75 फीट ऊंचा एक नक्काशीदार स्तम्भ बनाया जाएगा जिसमें नीति निर्देशक तत्व एवं मूल कर्तव्यों की सचित्र जानकारी विद्यार्थियों के लिए प्रदर्शित की जाएगी। इस पार्क में संविधान की संकल्पना के अनुरूप विद्यार्थियों को इसके बारे में विस्तार से जानकारी देने के लिए विषय वस्तु प्रदर्शित की जाएगी। यह खुले संग्रहालय के रूप में एक लघु वाटिका होगी। कार्यक्रम का संचालन मुनमुन शर्मा एवं कुमुद पुरोहित ने किया। धन्यवाद की रस्म प्रोफेसर अनिल कोठारी ने अदा की।
ब्रह्मकुमारी  ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सेटेलाइट चैनल पीएमटीवी के सौजन्य से इस पूरे आभासी कार्यक्रम का करीब 80 देशों में सजीव प्रसारण किया गया।
कॉलेजों में मनाया संविधान दिवस  विश्वविद्यालय के संगठक महाविद्यालयों कॉमर्स कॉलेज, आर्ट्स कॉलेज, साइंस कॉलेज और लॉ कॉलेज में संविधान दिवस पर वेबीनार का आयोजन किया गया।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories : Headlines , Education
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like