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एईपीएस और माइक्रो एटीएम सेवाओं के साथ देश में एटीएम्स की कमी को दूर कर रहा है रैपीपे

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01 Dec 20
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एईपीएस और माइक्रो एटीएम सेवाओं के साथ देश में एटीएम्स की कमी को दूर कर रहा है रैपीपे

उदयपुर। देश के सभी लोगों को बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं से जोडऩे की दिशा में किए जा रहे गहन प्रयासों के साथ, रैपीपे फिनटेक प्रा. लि. ने एक देशव्यापी ऑफऱ लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से कंपनी द्वारा एजेंटों, यानी ‘रैपीपे साथियों’ को एईपीएस सेवाओं पर अधिकतम कमीशन दिया जा रहा है। यह ऑफऱ जनवरी 2021 मध्य तक लागू रहेगा।
रैपीपे एईपीएस और यह व्यवस्था आधार-कार्ड से नकद निकासी सेवाओं को सुलभ बनाकर समाज के हर तबके के लोगों को सशक्त बनाती है। यह पेमेंट सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित तथा उपयोगकर्ताओं के बेहद सुविधाजनक है, जो यह सुनिश्चित करती है कि रैपीपे साथियों के माध्यम से देश में कहीं भी और कभी भी पैसे निकाल सकते हैं। भुगतान कर सकते हैं तथा खाता विवरण डाउनलोड कर सकते हैं।  रैपीपे एईपीएस न केवल बैंकिंग सेवाओं को ग्राहकों के लिए बेहद आसान बनाता है, बल्कि यह एजेंटों को बाकी फिनटेक कंपनियों के मुकाबले सबसे ज्यादा कमीशन भी देता है। कंपनी हर ट्रांजैक्शन पर 3 रुपये का इंक्रीमेंटल कमीशन देगी, जो आधार एटीएम उद्योग जगत में अब तक का सबसे अधिक कमीशन है।
रैपीपे के सीईओ योगेन्द्र कश्यप ने कहा कि हम एईपीएस सेवाओं पर इंक्रीमेंटल इन्सेंटिव दे रहे हैं जो दुकानदारों के लिए एक सुनहरा अवसर है। यह एजेंटों के साथ-साथ आम लोगों को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। मौजूदा  कोविड-19 की इस घड़ी में, रैपीपे अपने साथियों को अधिकतम कमीशन प्रदान करते हुए उनकी सहायता करना चाहता है, क्योंकि इसके माध्यम से उन्हें सामान्य की तुलना में 12 गुना अधिक कमाई करने का मौका मिलेगा। उम्मीद है कि इस योजना के जरिए 1 करोड़ से अधिक एईपीएस ट्रांजैक्शन किए जाएंगे, जिसका मतलब यह है कि 1 करोड़ से ज्यादा ग्राहक पारंपरिक एटीएम या बैंक शाखा गए बिना ही बड़ी आसानी से नगर पैसे निकाल पाएंगे।
कश्यप ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, भारत सरकार के डिजिटल इंडिया के विजन के अनुरूप विभिन्न प्रकार की योजनाओं की शुरुआत हुई है। भारत की एक जिम्मेदार फिनटेक कंपनी के नाते, हमने सरकार के प्रयासों की दिशा में अपना छोटा सा योगदान देने के लिए यह कदम उठाया है और भविष्य में भी हम ऐसा करना जारी रखेंगे। कोविड-19 की शुरुआती अवधि के दौरान, एटीएम से पैसों की निकासी आधी हो गई जबकि दूसरी ओर एईपीएस ट्रांजैक्शन में 153 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। देश के दूरदराज के इलाकों में एटीएम की संख्या कम है, जबकि एईपीएस एवं माइक्रो-एटीएम में बैंकिंग बिजनेस कॉरस्पॉडेंट लोगों को उनके घरों तक सेवाएं पहुंचाते हैं, और इसी वजह से हाल के दिनों में इन सेवाओं की मांग काफी बढ़ गई है। एईपीएस और माइक्रो एटीएम सेवाओं ने लाखों ग्राहकों के लिए जन धन योजना, प्रधानमंत्री-किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना और इसी तरह की अन्य योजनाओं के जरिए प्राप्त पैसों की निकासी को सुविधाजनक बनाया है।


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