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जिलेभर में आयोजित हुई बेटी पंचायतें

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15 Sep 18
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जिलेभर में आयोजित हुई बेटी पंचायतें बांसवाड़ा| बेटियों की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेप 3 यानी डॉटर्स आर प्रिशियस कार्यक्रम शुक्रवार को पूरे उत्साह के साथ हुआ। डेप रक्षकांे ने पंचायतों में जाकर बेटी अनमोल का संदेश दिया। इस दौरान पोषण माह होने की वजह से पोषण संबंधित एवं पीसीपीएनडीटी और सरकार की ओर से चल रही योजनाओं की जानकारी दी गई। बेटी पंचायत में महिलाओं की भागीदारी ज्यादा रही। कार्यक्रम में इमोशनल वीडियो प्रजेंटेशन दिया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिलेभर मंे 54 डेप रक्षकों ने बेटी पंचायत का आयोजन किया। शेष पचंायतों में 25 व 28 सितंबर को डेप रक्षक जाकर आयोजन करेंगे। चिड़ियावासा के अटल सेवा केंद्र में आरसीएचओ डॉ नरेंद्र कोहली ने भी डेप में भाग लिया। उन्होंने बेटी बचाने में आमजन की भूमिका पर विचार रखें। मुख्य वार्ताकार डॉ. वनिता त्रिवेदी ने बेटी पंचायत में विभाग की ओर से चल रही डिकॉय, मुखबीर योजना की जानकारी दी गई। इस दौरान बेटी के जन्म पर सरकार की ओर से दिए जा रहे लाभों के बारे में बताया गया। खासकर राजश्री योजना में मिलने वाली राशि की प्रक्रिया बताई गई। प्रजेंटेशन में विभिन्न समाचार पत्रों में बेटियों की सफलताओं की प्रकाशित खबरों का प्रदर्शन किया गया। इसी प्रकार सज्जनगढ़ ब्लॉक के बारी ग्राम पंचायत में पीसीपीएनडीटी के डॉ.हरिकांत शर्मा ने भाग लेकर मौजूद ग्रामीणों को बेटियों के महत्त्व को बताया तथा बेटियांे को बचाने की अपील की।
दहेज के कारण बेटियों को समझते है बोझ
चिड़ियावासा में डेप के दौरान पन्द्रह वर्षीय अंजलि ने अपने विचार रखें। अंजलि ने बताया कि बेटियांे को दहेज प्रथा के कारण बोझ समझा जाता है। माता-पिता द्वारा यह समझा जाता है कि बेटियां शादी के बाद दूसरे घर चली जाती है। अंतिम संस्कार दौरान मुखाग्नि बेटा देगा तो मोक्ष मिलेगा, बेटियां तो पराया धन है, इसलिए उसे बोझ समझा जाता है। बेटी पंचायत में अंजली के विचारों से प्रभावित होकर आरसीएचओ डॉ नरेंद्र कोहली ने अंजली को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
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