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उदयपुर में बना त्रिकुट पर्वत की तर्ज पर मां वैष्णोदेवी का भव्य मंदिर

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21 Feb 24
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3 मार्च को होगा लोकार्पण

उदयपुर में बना त्रिकुट पर्वत की तर्ज पर मां वैष्णोदेवी का भव्य मंदिर


उदयपुर  शहर की अरावली उत्पलकाओं के बीच कटरा की तर्ज पर मां वैष्णो देवी का भव्य मंदिर बन कर तैयार है । उदयपुर से 17 किमी दूर उदयपुर नाथद्वारा रोड पर पहाड़ी पर निर्मित यह भव्य मंदिर मां वैष्णो देवी का राजस्थान का सबसे बड़ा मंदिर है। सवा चार लाख फीट परिसर में सवा तीन लाख फीट में मंदिर का निर्माण किया गया है तथा एक लाख फीट परिसर में पार्किंग बनाया गया है। इस भव्य मंदिर का विधिवत लोकार्पण 3 मार्च को होगा, श्री मीरा किशन दरबार ट्रस्ट द्वारा निर्मित यह मंदिर अपने परिजनों के इच्छानुसार बनवाया गया है। श्री मीरा किशन दरबार ट्रस्ट के सुनील खत्री ने बताया की राज्य में यह पहला ऐसा मंदिर होगा जिसमें श्रद्धालुओं को जम्मू स्थित स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर का पूरा स्वरूप नजर आएगा। इस मंदिर में श्रद्धालुओं को पिंडी रूप में दर्शन होंगे। भव्य मंदिर के निर्माण में जुटी धार्मिक संस्था का इरादा इसे धार्मिक तीर्थस्थल के रूप में ख्याति दिलाना है।


 

3 को लोकार्पण
मां वैष्णो देवी के भव्य मंदिर का लोकार्पण 3 मार्च को
मीरादेवी खत्री किशनलाल खत्री दरबार की मौजूदगी में होगा, उससे पूर्व 3 मार्च को शहर में भव्य ज्योत यात्रा निकाली जाएगी जो प्रातः 10 बजे जगदीश मंदिर से प्रारंभ होकर हाथीपोल चेतक फतेहपुरा भुवाणा होते हुए मंदिर तक पहुंचेगी। ज्योतयात्रा में कटरा से मां की लाई हुई ज्योत के दर्शन होंगे जो मंदिर में स्थापित की जायेगी।

311 फुट लंबी गुफा: जम्मू स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर की तरह इस मंदिर में भी दो गुफाओं का निर्माण हुआ है युवाओं के लिए 311 फीट लंबी गुफ़ा और बुजुर्गों के लिए 251 फीट लंबी गुफ़ा बनाई गई है जिस तरह मां वैष्णो देवी में कटरा से चलकर श्रद्धालुओं को दर्शनी दयौड़ी के दर्शन होते हैं उसी तरह इस मंदिर में भी श्रद्धालुओं को बाण गंगा, गर्भ जून, हाथी मत्था, सांझी छत से होते त्रिगुट पर्वत में प्रवेश होने का अनुभव मिलेगा। यहां 51 फीट ऊंचे त्रिशूल और भैरू नाथ का मंदिर भी बनाया गया है। साथ ही मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंग और नौ देवियों की प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है। मंदिर में कुल 21 भव्य मूर्तियां स्थापित की गई हैं जो हुबहू बनाई गई है।

बाहर से आए कारीगर: माता वैष्णो देवी मंदिर का निर्माण कार्य कई वर्षों में पूरा हुआ। इस भव्य मंदिर का निर्माण करने के लिए बंगाल, इंदौर जयपुर से विशेष कारीगर आए थे। इन्होंने सफेद पत्थर पर मूर्तियों को तराशा। इन कारीगरों ने पूरे मंदिर में अपनी कला की अमिट छाप छोड़ी है। हर रोज मंदिर में खास एलईटी लाइटों की व्यवस्था की गई है। ये लाइटें आरती के समय अपनी विशेष रोशनी बिखेरेंगी।

हकीकत में बदला सपना: भक्त प्रतापराय चुग ने बताया की उदयपुर के श्री राम किशन दरबार ट्रस्ट ने माता वैष्णो देवी के भव्य मंदिर बनाने का सपना संजोया था। वजह साफ थी कि जो लोग जम्मू जाकर मां वैष्णो देवी के दर्शन न कर पाएं उन्हें उदयपुर में ही मां के दर्शन करवाए जाएं।

मां का भंडारा लगेगा
भक्त हरीश राजानी ने बताया की मंदिर में प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक मां का भंडारा प्रसाद के रूप में चलेगा जहा एक बार में हजारों लोगों का खाना बन सके ऐसी भव्य प्राकृतिक रसोई का निर्माण किया गया है जहां प्राकृतिक रूप से खाना बनाया जायेगा।यहां भक्तों के लिए विदेश रूप से बिना प्याज लहसुन घी से बनाया गया प्रसाद वितरित होगा।

मां की फिल्म दिखाई जाएगी
मंदिर में दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को हेमामालिनी अभिनीत मां वैष्णो देवी की फिल्म नि शुल्क दिखाई जाएगा इसके लिए दो बड़े 7 डी सिनेमाघरों का निर्माण किया गया है। साथ ही परिसर में ध्यान केंद्र, वाचनालय, गौशाला का भी निर्माण किया गया है।


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