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इंडियन क्लासिकल व फोक डांस प्रस्तुतियों ने मनमोहा

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10 Jun, 18 13:51
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इंडियन क्लासिकल व फोक डांस प्रस्तुतियों ने मनमोहा
उदयपुर। माखनचोरी,कालिया दलन ,रासलीला और ब्रज की होली के भक्ति से सराबोर दृश्य अधिकमास में कृष्णभक्ति के महत्व को अभिसार करते श्रीनाथ जगन्नाथ महोत्सव के पहले दिन कलाप्रेमी कृष्णरस और कला से भावविभोर हो उठे। नृत्याभिनय संस्थान की ओर से एनजीओ विश्वास के साझे में उदयपुर में पहली बार अपनी तरह के अनूठे फेस्टिवल कम कॉम्पीटिशन ‘श्रीनाथ जगन्नाथ उत्सव-2018‘ में दर्शक भारतीय शास्त्रीय संगीत और लोकनृत्यों की अनोखी प्रस्तुति से झूमने पर मजबूर हो गए। यह उत्सव राजस्थान के अलवर के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत राजस्थानी कृष्णा लोकनृत्य का रंग था वहीं आसाम और उडीशा के संगीत और नृत्यनाटिका ने श्रोताओं को रसविभोर कर दिया।
चित्रकूट नगर भुवाणा स्थित विश्वास वोकेशनल कम स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग सेंटर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महाराणा प्रताप एयरपोर्ट आॅथरिटी आॅफ इण्डिया के निदेशक कुलदीप सिंह एवं अनन्ता हाॅस्पीटल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं विश्वास संस्थान के निदेशक डाॅ.जेके छापरवाल एवं वेस्ट जोन कल्चर सेंटर उदयपुर के कार्यक्रम अधिकारी तनेराज सिंह सोढ़ा ने झूले पर विराजित कृष्ण छवी के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर किया।
कार्यक्रम में दिल्ली से आए अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पंडित चेतन जोशी की बांसुरी पर सधी लय और तबला वादक देबाशीष अधिकारी की ताल में कृष्ण थीम आधारित प्रस्तुत राग हंसघ्वनी और कृष्ण को समर्पित धुन ने मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने दर्शको की खुब तालिया बंटोरी जिसके बाद नृत्याभिनय संस्थान की फाउंडर-डायरेक्टर श्रीमती कबिता मोहंती एवं गुरूदुर्गाचरण रणबीर की कम्पोज की गयी कृष्णलीला पर आधारित नृत्यनाटिका गोविंददामोदर स्तुत्र की प्रस्तुती में श्रृगार रस,रोद्ररस वात्सल्य रस और वीर रस के साथ रागमालिका एवं तालमलिका से माखनचोरी, कालिया दलन और रासलीला को ओडीशा शैली में जीवंत कर दिया। अलवर से आए लोक नृत्य कलाकार राजू सैनी ने ब्रज की होली और कृष्णरास की अपनी प्रस्तुती से ब्रज और अलवर की लोक कला की खूशबू बिखेर दी।
इस अवसर पर अतिथियों द्वारा श्रीनाथ जगन्नाथ अवार्ड प्रदान किये गये। क्लासिकल डांस में बेस्ट स्टेज अवार्ड दिल्ली के श्याम प्रिया कला संस्थान को मिला, बेस्ट कोरियोग्राफी दिल्ली के मनोरंजन नायक, बेस्ट म्यूजिक अवार्ड के विजेता उदयपुर के कत्थक आश्रम के दल रहे। साथ ही क्लासिकल डांस में श्रीनाथ जगन्नाथ का द्वितीय पुरस्कार उदयपुर के कत्थक आश्रम को एवं तृतीय पुरस्कार त्रिनेत्र कथक अकादमी, कोटा को प्रदान किया गया।
कृष्णा थीम पर सब जुनियर वर्ग में 5 से 8 वर्ष में सुहासिनी पंडित, युवराज श्रीमाली,रौनक मिश्रा, कनिष्का मेघवाल, प्रियांशी श्रीमाली, जुनियर वर्ग में 9से 12 आयुवर्ग में कात्यायनी पंडित,लयात्मिका पटनायक, नभ्य शेखर, हर्षिता ठाकुर और सिनियर वर्ग में 13 से 18 वर्ष के बच्चों-युवाओं के लिए आर्ट कंपीटिशन में ज्योति व्यास, रोहन पण्डया,मनस्वी श्रीमाली, समप्रीय बहेड़ा, ईशा श्रीमाली ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इससे पूर्व प्रातः 11 बजे श्रीनाथ जगन्नाथ फेस्टिवल कम काॅम्पीटीशन 2018 की शुरूआत भुवनेश्वर से आए आॅडिसी नृतक डाॅ गुरू दुर्गाचरण रणबीर, बांसुरी वादक पंडित चेतन जोशी, उदयपुर अनंता हाॅस्पीटल के मुख्य अधिकारी डाॅ जेके छापरवाल, तबला वादक देबाशीष अधिकारी, संस्था निदेशक कबिता मोहंती, उडीसा के संबलपुरी फोक डांस गुरू गंगाधर दास, आसाम के क्षत्रिया शास्त्रीय नृतक दीगंत बोरा एवं विश्वास संस्थान के निदेशक शेखर कुमार द्वारा की गई। इसमें दिल्ली, कोटा, अलवर, उडीशा और आसाम से आएं करीब 15 लोककलाकारों और भारतीय शास्त्रीय संगीत के दलों ने प्रतियोगिता हेतु प्रस्तुति दी। उदयपुर के 100 से अधिक बच्चों ने कृष्णा थीम पर आधारित पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा ले कर अपनी कला और सृजनात्मकता को उकेरा।
नृत्याभिनय संस्थान की फाउंडर-डायरेक्टर श्रीमती कबिता मोहंती ने बताया कि इस उत्सव में किसी भी प्रकार के फिल्मी गीत या रिमिक्स गानो पर प्रस्तुती नही दी गई। उनकी संस्थान देश में भारतीय शास्त्रीय नृत्य, संगीत और लोक नृत्य रूपों के प्रचार-प्रचार और अभ्यास के लिए प्रतिबद्ध प्रमुख संस्थान है। भारतीय शास्त्रीय और लोकनृत्य के क्षेत्र में नवाचार, रचनात्मकता और युवा प्रतिभा को बढ़ावा देने और प्रोत्साहित के लिए, प्रतियोगिता के लिए एक मंच, एक अद्वितीय मंच श्रीनाथ जगन्नाथ उत्सव, उदयपुर की संकल्पना की है।
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