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एमपीयूऐटी की ५१ वीं अकादमिक परिषद का आयोजन

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13 May, 18 10:09
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एमपीयूऐटी की ५१ वीं अकादमिक परिषद का आयोजन
उदयपुर महाराणा प्रताप कृषि एंव प्रद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर (राज.) की ५१ वीं अकादमिक परिषद का आयोजन कुलपति सचिवालय में हुआ। बैठक की अध्यक्षता माननीय कुलपति प्रो.उमा शंकर शर्मा ने की एंव बैठक का संचालन कुलसचिव सुश्री प्रियंका जोधावत ने किया एंव धन्यवाद प्रस्ताव प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ जी.एस.तिवारी ने रखा। श्बैठक में विगत् अकादमिक परिषद अनुशंसाओं एवं कि्रयान्वयन रिपोर्ट का अनुमोदन किया गया। बैठक में मुख्य रूप से निम्न निर्णय लिये गये-
* पांचवी डीन कमेटी की सिफारिशों के अनुरूप कृषि के विभिन्न विभागों का नामकरण भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद व अन्य राज्य कृषि विश्वविद्यालयों के समान रखने की दिशा म पादप प्रजनन व अनुवांशिकी विभाग का नाम पादप अनुवांशिकी व प्रजनन विभाग किया गया। इसी के अनुरूप इस विभाग की डिग्रियों के नामकरण को बदला जायेगा।
* पौध व्याधि विभाग में अकादमिक सत्र २०१८-१९ में स्नातकोत्तर स्तर पर ४ व पी.एच.डी स्तर पर ०२ सीटों पर प्रवेश दिया जाऐगा। इसी प्रकार कीट विज्ञान विभाग में पी.एच.डी में ०२ सीटों पर प्रवेश दिया जाऐगा।
* इसी क्रम म अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में सभी संकायो म एमटेक में ०८ एंव पीएच.डी म ०२ सीटो पर प्रवेश दिया जाऐगा।
* अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए २१ दिन का इन्डक्शन प्रोग्राम तथा चार सप्ताह का ग्रीष्म प्रशिक्षण कार्यक्रम को पाठ्यक्रम में सम्मलित करने की अनुमति दी गई। मानव संसाधन विकास मत्रालय की अनुशंसानुसार पाठ्यक्रम में स्वच्छ भारत कार्यक्रम स्थान देने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया इसी प्रकार नोन क्रेडिट कोर्स के रूप में स्काउट गाईड कार्यक्रम को एनसीसी/ एनएसएस/एनएसओ/योगा के समान सम्मिलित करने का अनुमोदन किया गया। इसी प्रकार विभिन्न प्रबन्ध विषयक पाठ्क्रमों में जीएसटी को सम्मिलित करने की अनुशंसा की गई।
* अकादमिक परिषद की अनुशंसा पर स्नात्कोत्तर एंव पीएचडी शोधग्रथों म साहित्यिक नकल को रोकने के लिए सोफ्टवेयर के द्वारा ड्राफ्ट की जांच करने एंव विभागाध्यक्ष द्वारा प्रमाणित करने को आवश्यक किया गया।
* राजस्थान कृषि महाविद्यालय के आणविक जीव विज्ञान व जैव प्रौद्योगिकी विभाग में विकसित सुविधाओं के उपयोग हेतु १० विद्यार्थियों के लिए ०३ व ०६ माह के प्रशिक्षण आयोजित करने की अनुमति प्रदान की गई जिस हेतु क्रमश रू १००००/- व रू २००००/- फीस तय की गई। इससे विभाग को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकेगी। इसके लिऐ आकस्मिक व्यय विद्यार्थी को स्वयं उठाने होगें।
* गृह विज्ञान महाविद्यालय, उदयपुर का नाम बदलकर ’’समुदाय एवं व्यावहारिक विज्ञान महाविद्यालय, उदयपुर‘‘ ;ब्वससमहम व ब्वउउनदपजल - ।चचसपमक ैबपमदबमेए न्कंपचनतद्ध करने की अनुशंसा की गई।
* गृह विज्ञान महाविद्यालय में संचालित समुदाय विज्ञान एवं पोषण विज्ञान पाठयक्रमों में स्नातक स्तर पर क्रमश ४०-४० सीटों पर प्रवेश दिया जाऐगा। समुदाय विज्ञान पाठयक्रम में पुरूष व महिला विद्यार्थियों केा क्रमश २५ः७५ के अनुपात में प्रवेश दिया जा सकेगा तथा प्रवेश हेतु योग्यता मेरिट के आधार पर किसी भी संकाय में १२ वीं की परीक्षा मान्यता प्राप्त बोर्ड से ५० प्रतिशत अंको से उत्तीर्ण रखी गई है।
* गृह विज्ञान महाविद्यालय में म्ब्ब्क् प्रयोगशाला में एक प्री नर्सरी स्कूल संचालित किया जाता है जो कि पूर्णः स्व वित्त पोषित है। इस स्कूल शिक्षा के अच्छी गुणवता के अच्छे स्तर को देखते हुऐ शहर के लोगो में इस स्कूल में अपने शिशुओं को प्रवेश दिलाने की होड लगी रहती है। अतः स्कूल के सफल संचालन व स्ववित्त पोषित होने के कारण इसकी फीस में मामूली बढोत्तरी की अनुश्ंासा करते हुऐ प्रति विद्यार्थी वार्षिक फीस बस सुविधा के साथ रू २८००० व बस सुविधा के बिना रू २२०००/- की गई है।
* फीस कमेटी की सिफारिशों व अकादमिक परिषद की अनुशंसा पर विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायो म वर्ष २०१८-१९ में प्रवेश पाने वाले नवीन विद्यार्थियों के लिए में फीस स्ट्रक्चर को पूनर्गठित किया गया है। विभिन्न मदों में औसतन १० प्रतिशत फीस बढाई गई है जिसकी विस्तृत जानकारी प्रवेश पूर्व प्रोस्पेक्टस में सारणी के रूप में उपलब्ध करवा दी जायेगी।
* अकादमिक परिषद ने अकादमिक सत्र २०१८-१९ के लिऐ नवगठित प्रोस्पेक्टस के प्रकाशन की अनुमति भी दी।

बैठक में कृषि संकाय अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता आर.सी.ए. डॉ. अरूणाभ जोशी, अभियांत्रिकी संकाय अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता सी.टी.ए.ई. डॉ. एस. एस. राठौड, गृह विज्ञान संकाय अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता होम साइंस महाविद्यालय डॉ. शशि जैन, डेयरी एवं खाद्य विज्ञान प्रौद्योगिकी संकाय अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता/विशेषाधिकारी सी.डी.एफ.एस.टी. डॉ. एल. के. मुर्डिया, मात्स्यकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. सुबोध शर्मा, कृषि महाविद्यालय, भीलवाडा के अधिष्ठाता डॉ. एस. डी. धाकड, निदेशक अनुसंधान डॉ. अभय महता, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. घनश्याम तिवारी, निदेशक आवासीय शिक्षा डॉ. आर. ए. कौशिक, क्षेत्रीय अनुसंधान निदेशक डॉ. शांति कुमार शर्मा, परीक्षा नियन्त्रक डॉ. जी.पी. शर्मा, वित्त नियन्त्रक डॉ. कुमुदिनी चांवरिया, निदेशक छात्र कल्याण डॉ. सुमनसिंह सहित विभिन्न विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।



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