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उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता नोबल कॉज

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11 Jan 19
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उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता नोबल कॉज

हिन्दुस्तान जिंक-यशद सुमेधा स्कॉलरशिप के अंतर्गत १११ विद्यार्थियों को वित्तीय सहायता

हिन्दुस्तान जिंक अपने स्थापना दिवस के अवसर पर अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय स्थित ऑडिटोरियम में गुरूवार को यशद-सुमेधा स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री अमिताभ गुप्ता, चीफ आपरेटिंग ऑफिसर-श्री फज कुमार, चीफ टेक्नोलॉजी एण्ड इनोवेशन ऑफिसर-श्री बरून गोरेन एवं सीएसआर हेड-श्रीमती नीलिमा खेतान ने १११ विद्यार्थियों को यशद सुमेधा स्कॉलरशिप प्रदान किया।

 

कार्यक्रम के प्रारंभ में सुमेधा की सचिव रश्मि जैन ने सुमेधा स्कॉलरशिप के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सुमेधा संस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। रशिम जैन ने इस नैतिक कार्य के लिए हिन्दुस्तान जंक द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता के लिए भी सराहना की।

 

कार्यक्रम में हिन्दुस्तान क के मुख्य वित्तीय अधिकारी श्री अमिताभ गुप्ता ने अपने उद्बोधन में सभी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि हिन्ुदस्तान जिंक नोबेल कॉज के लिए सदैव कटिबद्ध है और हिन्दुस्तान जिंक के स्थापना दिवस पर उन्होंने कहा कि कंपनी हजारों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहयोग देकर प्रशंसनीय कार्य कर रहा है। इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के चीफ आपरेटिंग आफिसर-श्री पंकज कुमार, चीफ टेक्नोलॉजी एण्ड इनोवेशन ऑफिसर-श्री बरून गोरेन एवं चीफ कामर्शियल ऑफिसर-श्री रामाकृष्णन काशीनाथ ने सभी विद्यार्थियों को कडी मेहनत, परिश्रम एवं लगन से अपने जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। हिन्दुस्तान जिंक विगत वर्षों से यशद सुमेधा स्कॉलरशिप में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे कर छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिये प्रोत्साहित कर रहा है।

 

ज्ञातव्य रहे कि योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले राजस्थान के योग्य विद्यार्थियों को यशद सुमेधा स्कॉलरशिप के लिए चयन किया है। इस हेतु परिवार की वार्षिक आय २.५० लाख रुपये से कम तथा उच्च शिक्षा में ७५ प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्रों का चयन किया जाता है। राजस्थान के अजमेर, भीलवाडा, चित्तौडगढ, राजसमंद एवं उदयपुर जिलों के  छात्र-छात्राओं का सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का चयन किया गया है।

 

इस अवसर पर भीलवाडा के छात्र सौरव मेहरा उदयपुर के जितेन्द्र डांगी एवं छात्रा आस्था गोयल ने हिन्दुस्तान जिंंक को यशद सुमेधा योजना के लिये धन्यवाद दिया तथा सराहना की। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में टेलेन्ट की कमी नहीं है बल्कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता की जरूरत है। आर्थिक सहायता से वंचित बच्चों का विकास किया जा सकता है।

 

कार्यक्रम में सुमेधा की संरक्षक श्रीमती कमल मेहता, हिन्दुस्तान जिंक के वरिष्ठ अधिकारी कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

 

वेदान्ता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल की सोच है कि युवा देश का भविष्य है जिन्हें आगे बढने के लिए अवसर प्रदान कराना आवश्यक है। देश में प्रत्येक बच्चे को शिक्षा एवं अच्छा स्वास्थ्य उपलब्ध कराने के अनुरूप ही यशद सुमेधा स्कॉलरशिप उन बच्चों के विकास में सहायक सिद्ध होगी जो कि ग्रामीण क्षेत्र की निखरती प्रतिभाएं है। हिन्दुस्तान जिंक अपने सामाजिक उत्तरायिदत्व के तहत ऐसे कार्यों के लिए समय-समय पर आर्थिक सहायता प्रदान करता रहा है।

 

ज्ञातव्य रहे कि राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव स्व. श्री एम.एल. मेहता ने सुमेधा की स्थापना १९९८ में की थी। सुमेधा संस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। अभी तक इस संस्था ने ६००० से अधिक छात्रों की सहायता कर चुकी है।

 

 

 

 


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