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धूम्रपान के कारण हुआ भोजन नली कैंसर, पेट से किया नई नली का निर्माण

BHAVBHUTI BHATT

मुख्य बिंदु
  • लंबे समय सू धूम्रपान के कारण भोजन नली में हुए कैंसर का जीबीएच मेमोरियल कैंसर हॉस्पीटल में दूरबिन से ऑपरेशन करते हुए पेट से नई भोजन नली का निर्माण कर रोगी की जान सुरक्षित की गई।
  • कोरोना काल के दौरान आए इस कैंसर रोगी का ऑपरेशन करना इसलिए भी जरूरी हो गया था कि इसमें कैंसर की गांठ के और बढकर दूसरे अंगों को प्रभावित करने की आशंका थी।
  • आनंद झा ने बताया कि सेक्टर ४ निवासी मदन मोहन तंबोली को परिजन पिछले दिनों जीबीएच मेमोरियल कैंसर हॉस्पीटल के ऑकोसर्जन डॉ.
  • कुरेश बंबोरा के पास लेकर पहुंचे थे।
  • केस हिस्ट्री में पता चला कि रोगी लंबे समय से धूम्रपान व तंबाकू का सेवन करते हैं।
  • इस कारण उनके भोजन नली में रूकावट हो गई थी।
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धूम्रपान के कारण हुआ भोजन नली कैंसर, पेट से किया नई नली का निर्माण

उदयपुर। लंबे समय सू धूम्रपान के कारण भोजन नली में हुए कैंसर का जीबीएच मेमोरियल कैंसर हॉस्पीटल में दूरबिन से ऑपरेशन करते हुए पेट से नई भोजन नली का निर्माण कर रोगी की जान सुरक्षित की गई।

कोरोना काल के दौरान आए इस कैंसर रोगी का ऑपरेशन करना इसलिए भी जरूरी हो गया था कि इसमें कैंसर की गांठ के और बढकर दूसरे अंगों को प्रभावित करने की आशंका थी। ग्रुप डायरेक्टर डॉ. आनंद झा ने बताया कि सेक्टर ४ निवासी मदन मोहन तंबोली को परिजन पिछले दिनों जीबीएच मेमोरियल कैंसर हॉस्पीटल के ऑकोसर्जन डॉ. कुरेश बंबोरा के पास लेकर पहुंचे थे। केस हिस्ट्री में पता चला कि रोगी लंबे समय से धूम्रपान व तंबाकू का सेवन करते हैं। इस कारण उनके भोजन नली में रूकावट हो गई थी। जांचों व बायोप्सी के बाद पता चला कि भोजन नली में गांठ बनने के कारण यह रूकावट थी, जिसके कारण वे ना खाना खा पा रहे थे ना ही भोजन निगल पा रहे थे। इसे मेडिकल साइंस में इकोफेगल कैंसर कहा जाता है।

डॉ. कुरेश बंबोरा ने जांच में पाया कि भोजन ग्रहण नहीं कर पाने के कारण रोगी काफी कमजोर हो गया था। ऐसे में ऑपरेशन कर गांठ नहीं निकाली गई तो जान पर भी बन सकती थी। कोरोना महामारी के समय डॉ. बंबोरा, निश्चेतना विभाग से डॉ. निशि और डॉ. राजनिंद्र सहित टीम ने कोरोना संक्रमण के सभी सुरक्षा मापदंड का पालन करते हुए दूरबिन से ऑपरेशन कर रोगी की भोजन नली व गांठ हटा दी। उन्होने इस दूरबिन से ऑपरेशन के साथ ही पेट से नई भोजन नली का निर्माण भी किया।

डॉ. बंबोरा ने बताया कि इस ऑपरेशन के बाद मरीज को आईसीयू में रखा गया और भोजन की शुरूआत की गई। अब मरीज स्वस्थ है और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया।