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‘प्रतिभा’ नामक एक अनोखे ऑनलाइन टैलेंट हंट का हुआ लोकार्पण

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26 Jan 21
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‘प्रतिभा’ नामक एक अनोखे ऑनलाइन टैलेंट हंट का हुआ लोकार्पण

उदयपुर,  पंडित चतुरलाल मेमोरियल सोसाइटी और हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने अपनी सीएसआर पहल के तहत ‘प्रतिभा’ - एक अद्वितीय ऑनलाइन टैलेंट हंट’ का लोकार्पण किया। इस पहल का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर एक वर्चुअल मंच के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत एवं नृत्य में अपनी प्रतिभा को पहचानने और दिखाने का अवसर देना है। राजस्थान के पांच जिलों अर्थात् उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और अजमेर के कलाकार अपनी वीडियो प्रविष्टियों को भेजकर ‘प्रतिभा’ के इस मंच में भाग ले सकते हैं। इसमें भाग लेने के लिए कोई फीस नहीं है। 10 साल से ऊपर के सभी लोग 28 जनवरी 2021 तक रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के बाद, उम्मीदवार ऑडिशन राउंड से लेकर एलिमेशन राउंड से गुजरते हुए सेमीफाइनल और फाइनल तक जाएंगे। प्रतिभागियों का मूल्यांकन प्रख्यात जजों के एक पैनल द्वारा किया जाएगा। इसमें भजन सम्राट अनुप जलोटा, पद्म श्री कत्थक गुरु शोवना नारायण, तबला वादक पंडित चरणजीत चतुरलाल और भारतीय प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित रोनू मजूमदार होंगे। प्रतिभा- ऑनलाइन टैलेंट हंट के विजेता को प्रतिष्ठित ‘स्मृति संगीत समारोह’ में कुछ सबसे प्रसिद्ध वैश्विक कलाकारों के साथ लाइव प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा। वर्चुअल ‘स्मृति संगीत समारोह’, मैस्ट्रो डॉ. मैसूर मंजूनाथ, विदवान बी.सी मंजूनाथ, पंडित गौरव मजूमदार और प्रांशू चतुरलाल का हिंदुस्तानी और कर्नाटक संगीत का संगम और एक प्रतिष्ठित वैश्विक संगीत कार्यक्रम है। इस महोत्सव की अवधारणा पंडित चतुरलाल महोत्सव की कलात्मक निर्देशक, श्रुति चतुरलाल द्वारा की कई है। नैतिक रूप से जवाबदेह कॉर्पोरेट्स को अवसर बनाने और स्थानीय प्रदर्शन करने वाले कलाकारों का समर्थन करने के लिए आगे आने आवश्यकता पर जोर देते हुए हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कहा, “भारतीय शास्त्रीय और लोक संगीत एवं नृत्य हमेशा से हमारी संस्कृति और विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। हिंदुस्तान जिंक और वेदांत ने हमेशा युवा प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने, सीखने और विकसित करने के लिए विभिन्न प्लेटफार्म दिये हैं। साथ ही उन्हें प्रोत्साहित कर उनका समर्थन किया है। ‘प्रतिभा’ हमारे आसपास के स्थानीय गांवों और समुदायों में छिपी हुई प्रतिभाओं का पता लगाकर उन्हें एक मंच देने और उन्हें विश्व स्तर पर पहचान दिलाने का एक अनूठा प्रयास किया है।” ‘स्मृतियां संगीत समारोह‘, संगीत की दुनिया में एक स्थापित मंच है, जो पिछले 20 वर्षों से विशाल पैमाने पर प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहा है। भारत और विदेशों के लगभग सभी प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा इसका संरक्षण किया गया है। ‘स्मृतियां संगीत समारोह‘ उदयपुर के रत्ना, ऑस्कर-नॉमिनेटेड और बाफ्टा अवार्ड विजेता तबला वादक पंडित चतुरल को समर्पित है। वह शास्त्रीय संगीत को लोकप्रिय बनाने वाले और 50 के दशक के मध्य में असंख्य संगीत कार्यक्रमों के जरिये पश्चिम में वैश्विक स्वीकृति और प्रशंसा पाने वाले पहले भारतीय कलाकार थे। उन्होंने पंडित रविशंकर और उस्ताद अली अकबर खान के साथ-साथ भारतीय शास्त्रीय संगीत की सूक्ष्मता और बारीकियों को पश्चिम तक पहुंचाया और लोगों ने इस संगीत की सराहना भी की।


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