GMCH STORIES

राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद की दो दिवसीय की कार्यशाला का शुभारंभ*

( Read 702 Times)

24 Nov 22
Share |
Print This Page
 राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद की दो दिवसीय की कार्यशाला का शुभारंभ*

     भीलवाड़ा  संगम विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्ययन परिषद( नेक) की दो दिवसीय कार्यशाला का भव्य शुभारंभ हाइब्रिड मोड पर किया गया ।
आइक्यूएसी हेड प्रोफेसर प्रीति मेहता ने बताया कि इस स्वागत सत्र में मुख्य अतिथि ए. एन. राय (नेक) पूर्व निदेशक बेंगलुरु थे, विशिष्ट अतिथि संगम ग्रुप बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट अनुराग सोनी थे ,कुलपति प्रोफेसर करुणेश सक्सेना, रजिस्ट्रार प्रोफेसर राजीव मेहता तथा सभी विभागों के विभागाध्यक्ष ,संकाय सदस्य और भारतवर्ष से पधारे( नेक)कार्यशाला प्रतिभागी उपस्थित थे। स्वागत उद्बोधन कुलपति प्रोफ़ेसर करुणेश सक्सेना ने किया उन्होंने विश्वविद्यालय के उत्तरोत्तर प्रगति के बारे में उपस्थित विद्वत समाज को अवगत कराया, साथ ही उन्होंने( नेक) की अनिवार्यता पर भी प्रकाश डाला । प्रोफेसर के. एल.श्रीवास्तव , वाइस चांसलर जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी जोधपुर ने ऑनलाइन मोड पर जुड़ कर ( नेक)के संदर्भ में उद्बोधन दिया। मुख्य अतिथि उद्बोधन प्रोफेसर अमरनाथ राय ने अपने उद्बोधन में शैक्षणिक संस्थानों के स्थापित करने तथा उन्हें संचालित करने में नेक ,की क्या भूमिका हो सकती है ? इस विषय पर उद्बोधन दिया उन्होंने बताया कि ,"लोकतांत्रिक व्यवस्था में शिक्षा ही महत्वपूर्ण है और होना भी चाहिए सभी शैक्षणिक संस्थानों की गुणवत्ता को उत्तरोत्तर प्रगति की ओर बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों को सुसभ्य और सुसंस्कृत तथा सुशिक्षित करने के लिए नेक का होना अनिवार्य है । 
तत्पश्चात आइक्यूएसी हेड प्रोफेसर प्रीति मेहता ने सब का आभार व्यक्त किया कार्यशाला की ,
द्वितीय सत्र में कुलपति प्रोफेसर करुणेश सक्सेना ने (नेक) की बारीकियों के बारे में प्रतिभागीगणों को अवगत कराया उन्होंने बताया कि आने वाले समय में उच्च शिक्षा में बहुत अधिक परिवर्तन आने वाले हैं ।  उन्होंने बताया कि सभी शैक्षणिक संस्थानों को अपनी गुणवत्ता की जांच परख कर लेनी चाहिए ।नेक की बारीकियों को सीख लेना चाहिए ।  उसे सभी शैक्षणिक संस्थानों को एक टीम बनाकर क्रियान्वित करनी चाहिए ।कार्यशाला के द्वितीय सत्र में डॉ. दीपक जालौरया ने अपने उद्बोधन में नेक की उपयोगिता विषय पर अपने उद्बोधन दिए कार्यक्रम का संचालन डॉ. सीमा काबरा और डॉ.कीर्ति झा ने किया ।


Source :
This Article/News is also avaliable in following categories : Headlines , Education
Your Comments ! Share Your Openion

You May Like