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जीवोत्थान पंचांगम्  एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (पाक्षिक  समेकित राशि फल सहित) 19/09/2021, रविवार

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20 Sep 21
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जीवोत्थान पंचांगम्  एवं सांकेतिक जन्म राशि फलानुमान (पाक्षिक  समेकित राशि फल सहित) 19/09/2021, रविवार

Jeevotthan Panchangam, Sanskaritam - Evam Janm Rashi Falanuman 
दिनांके -(आँग्ल)19  /09/2021,रविवार
राष्ट्रीय भारतीय दिनांक 28/06/1943
 28भाद्रपद मास1943
सृष्टिगतसौरार्कदिनांक -
02/06
/1955885122#(# पंचांगकारानुसार वर्ष, दैनिक सूर्योदय कालीन सूर्य संक्रांति राशि - अंशतः अंकतः स्थानीय व्यवस्था)  
भारतीय पंचांग विक्रमीय दिनांक
29/06/2078 
( इसे यहाँ निम्नानुसार लिखा है - सूर्योदयी तिथि सौरतः कृष्ण पक्षतः या गताग्र /पूर्णिमांत चैत्रादि मास /विक्रम संवत्|तिथि /मास में वृद्धि) 
चतुर्दशी, शुक्ल पक्ष
भाद्रपद
तिथि चतुर्दशी29:27:45*
पक्ष शुक्ल
 नक्षत्र शतभिषा 27:27:11*
योग धृति16:42:11
करण गर17:40:21
करण वणिज29:27:45*
माह (अमावस्यांत)भाद्रपद
माह (पूर्णिमांत)भाद्रपद
चन्द्र राशि   कुम्भ
सूर्य राशि  कन्या
सूर्योदय06:24:59
सूर्यास्त18:34:44
दिन काल12:09:44
रात्री काल11:50:36
चंद्रोदय17:55:20
चंद्रास्त29:34:37*
सूर्योदयलग्न  कन्या2°10' ,
सूर्य नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी
चन्द्र नक्षत्र शतभिषा
आज के नामकरणाक्षर
पद, चरण1 गो शतभिषा09:19:31
2 सा शतभिषा15:20:31
3 सी शतभिषा 21:23:03
4 सू शतभिषा 27:27:11*
मुहूर्त
राहुकाल17:04 - 18:35अशुभ
यम घंटा12:30 - 14:01अशुभ
अभिजित्12:06 -12:54शुभ
दूर मुहूर्त16:57 - 17:46अशुभ
चोघडिया, दिन
उद्वेग06:25 - 07:56अशुभ
चर07:56 - 09:27शुभ
लाभ09:27 - 10:59शुभ
अमृत10:59 - 12:30शुभ
काल12:30 - 14:01अशुभ
शुभ14:01 - 15:32शुभ
रोग15:32 - 17:04अशुभ
उद्वेग17:04 - 18:35अशुभ
चोघडिया, रात
शुभ18:35 - 20:04शुभ
अमृत20:04 - 21:32शुभ
चर21:32 - 23:01शुभ
रोग23:01 - 24:30*अशुभ
काल24:30* - 25:59*अशुभ
लाभ25:59* - 27:28*शुभ
उद्वेग27:28* - 28:57*अशुभ
शुभ28:57* - 30:25*शुभ
पंचक अहोरात्र
अंतिम कॉलम अंत समय है.
होरा(वारों की प्रकृति तथा करणीय शुभ कामों के अनुसार उपयोगी)  
होरा, दिन
सूर्य06:25 - 07:26
शुक्र07:26 - 08:27
बुध08:27 - 09:27
चन्द्र09:27 - 10:28
शनि10:28 - 11:29
बृहस्पति11:29 - 12:30
मंगल12:30 - 13:31
सूर्य13:31 - 14:31
शुक्र14:31 - 15:32
बुध15:32 - 16:33
चन्द्र16:33 - 17:34
शनि17:34 - 18:35
होरा, रात 
बृहस्पति18:35 - 19:34
मंगल19:34 - 20:33
सूर्य20:33 - 21:32
शुक्र21:32 - 22:32
बुध22:32 - 23:31
चन्द्र23:31 - 24:30*
शनि24:30* - 25:29*
बृहस्पति25:29* - 26:28*
मंगल26:28* - 27:28*
सूर्य27:28* - 28:27*
शुक्र28:27* - 29:26*
बुध29:26* - 30:25*
++++++++++++++++
विशेष विवेचन -     आकाशदर्शन/स्वाध्याय बोध   -  अनंत चतुर्दशी ।कदली व्रत पूजन। रंभारोपण। गणपति विसर्जन मुम्बई। ऊर्ध्व ऊपर के भूभागांग अंतरिक्ष 
दिशाएँ प्रभावित।  जनहित योजना । शिक्षा-तकनीकी एवं  विद्वत् सज्जन में किसी प्रकरण में  नव चिंतन ।टुट फुट, अनावश्यक कार्य पुनरावृत्ति ।कार्यावरोध। अप्रियता। ग्राफिक्स नीचे प्रभावित पर। । ##############
*अन्तिम कालम अन्त  समाप्तिकाल है।   
*समय आधी रात के बाद, लेकिन अगले दिन के सूर्योदय से पहले। तिथि - वार- नक्षत्र - योग - करण पंचांग में किसी के अशुभ प्रभाव में शुभाधिक्यता में सुयोग की तथा भद्रादि के यथा परिहार की मान्यता प्रचलित। कहीं स्थानीय यथाव्यवस्था देशाचारीय मान्यता से व्रतपर्वोत्सवोंकी व्यावहारिकता प्रचलित । जीवोत्थान स्थानीय देशान्तर - अक्षांश पर संगणित। विशेषार्थ आपके स्थलीय पंचांग दृष्टव्य। 
@जीवोत्थान जन्म राशि फलानुमान @
##################
जन्मराशितःआज सांकेतिक फलानुमान   
(विशेषार्थ स्वजन्म पत्रिका दृष्टव्य)   (एकन्दर राशि फल बोध 
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  तुला मेष मकर राशि वालों के लिये दिनमान के मिश्रित , कर्क वृइ मीन के लिए अड़चन फलद समय  तथा अन्य हेतु अपेक्षाकृत दिनमान ठीक।)
जन्म राशि - - - - - समेकित फलानुमान 
मेष    -  मिश्रित 63  %
वृष. -  अनुकूलता62 %
मिथुन  - सुधार 61 %
कर्क.   -  परेशानी 67 %
सिंह. -  अच्छा 63 %
कन्या.   -   अनुकूल 62 %
तुला.  उलझन 58 %
वृश्चिक.   अवरोध 59 %
धन. - सुधार 61 %
मकर.   - मिश्रित 61 %

कुंभ.   -   ठीक ठाक 43 %
मीन.   -परेशानी 67 %
विशेष - दिन शुद्धि सामान्यतः मिश्रित 
 फलद  है। 
जीवोत्थान पाक्षिक जन्म राशि  समेकित फलानुमान
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(सितम्बर उत्तरार्द्ध )
 मेष - - अनुकूलता 
वृष - - - -अच्छा 
मिथुन - - - - - -  अवरोध 
कर्क - - - - -   अनुकूलता ।
सिंह - - - - -लाभदायक
कन्या - - - - अवरोध 
तुला - - - - लाभदायक
वृश्चिक - - - - उन्नति
धन - - - - - - - - - अच्छा 
मकर - - - - - प्रभावी 
कुंभ - - - - - - उलझन 
मीन - - - - - - अनुकूल 
भारत की अद्वितीय विशेषताओं का, 
  अनवरत् दिव्यामृतपान करनाहै।
   "ब्रह्माण्डोत्थान" हेतु मानवादर्श का, 
   'जीवोत्थान 'सदाश्रय को अपनाना है।। 
 ॐमहर्षि  - यादवेन्द्र जीवोत्थान उदयपुर।


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